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जिसने स्वर्ण मंदिर को दी थी बम से उड़ाने की धमकी, जानिए कहां से गिरफ्तार हुआ सॉफ्टवेयर इंजीनियर?

गिरफ्तार सॉफ्टवेयर इंजीनियर की उम्र मात्र 24 साल है। इसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पांच इमेल के जरिए अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी थी।

अमृतसर का गोल्डेन टेंपल- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO-PTI अमृतसर का गोल्डेन टेंपल

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) को स्वर्ण मंदिर को उड़ाने की धमकी मिली थी। ये धमकी ई-मेल के जरिए दी गई थी। अमृतसर पुलिस ने इस मामले में फरीदाबाद से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि 24 साल के शुभम दुबे को पकड़ा गया है। उससे 14 जुलाई को एसजीपीसी को भेजे गए पहले धमकी भरे ई-मेल के संबंध में पूछताछ की जा रही है। 

लैपटॉप और फोन भी जब्त

अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि दुबे का लैपटॉप और फोन भी जब्त कर लिया गया है। दुबे के पास बीटेक की डिग्री है। वह कई कंपनियों में काम कर चुका है। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि इंजीनियर का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। 

14 जुलाई को दी थी बम से उड़ाने की धमकी

अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने पंजाब पुलिस की साइबर अपराध शाखा और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मदद से दुबे को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि शीर्ष गुरुद्वारा संस्था को 14 जुलाई से स्वर्ण मंदिर को उड़ाने की धमकी वाले पांच ई-मेल मिले हैं। 

लोगों में डर पैदा करने की कोशिश

उन्होंने सवाल किया कि क्या ये धमकियां केवल किसी परेशान दिमाग की कार्रवाई हैं या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि स्वर्ण मंदिर में आने वाले लोगों के दिमाग में कोई व्यक्ति डर पैदा करने की कोशिश कर सकता है। 

कांग्रेस ने बताया था बेहद गंभीर मामला

धमकियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने गुरुवार को कहा कि इस घटनाक्रम से सिख समुदाय और राज्य के सभी शांतिप्रिय नागरिकों में चिंता पैदा हो गई है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी बुधवार को धमकी भरे ई-मेल को बेहद गंभीर मामला बताया था। (भाषा के इनपुट के साथ)