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सुखबीर सिंह बादल को हिरासत में लिया गया, पुलिस से कहा- 'मैं गुरुद्वारा में मत्था टेकने जा रहा'

शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को मोहाली में हिरासत में लिया गया, जब वे बिक्रम मजीठिया के समर्थन में गुरुद्वारे जा रहे थे। बादल ने AAP सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन और अघोषित आपातकाल का आरोप लगाया।

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Image Source : X.COM/OFFICEOFSSBADAL पुलिस की हिरासत में शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल।

चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और कुछ अन्य अकाली नेताओं को बुधवार को मोहाली में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे अपने पार्टी नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के समर्थन में मोहाली पहुंचे थे। मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में मोहाली की अदालत में पेश किया गया था। उनकी सात दिन की सतर्कता रिमांड आज खत्म हुई थी।मोहाली में सतर्कता ब्यूरो (वीबी) कार्यालय और जिला अदालत के बाहर भारी पुलिस बल तैनात था। सुखबीर बादल, सिकंदर सिंह मलूका और परमबंस सिंह बंटी रोमाना को अंब साहिब गुरद्वारे के पास हिरासत में लिया गया। बादल और अन्य नेता गुरद्वारे की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया और बाद में थाने ले गई।

'मैं गुरद्वारे में मत्था टेकने जा रहा हूं'

एक वीडियो में सुखबीर बादल पुलिस अधिकारी से कहते दिखे, 'मुझे जाने दो, मैं गुरद्वारे में मत्था टेकने जा रहा हूं। क्या वे (AAP सरकार) अकाली कार्यकर्ताओं से इतने डरे हुए हैं?' बादल ने AAP सरकार पर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'वे हमें डरा नहीं सकते। हर एक अकाली कार्यकर्ता आप सरकार के दमन के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा और जवाब देगा। भगवंत मान की हताशा ने साबित कर दिया है कि वह शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं के बढ़ते हौसले से घबरा गए हैं।'

'मान ने अघोषित आपातकाल लगाया'

बादल ने ‘X’ पर दावा किया कि मजीठिया के समर्थन में मोहाली जा रहे कई अकाली कार्यकर्ताओं को उनके घरों में या रास्ते में नाकों पर हिरासत में लिया गया। उन्होंने लिखा, 'भगवंत मान ने पंजाब में अघोषित आपातकाल लगा दिया है। AAP सरकार द्वारा झूठे मामले में फंसाए गए बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए आज मोहाली जा रहे अकाली कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही हिरासत में लिया जा रहा है और यहां तक कि सभी प्रमुख सड़कों पर लगाए गए नाकों पर भी उन्हें रोका जा रहा है। ऐसे दमनकारी कृत्यों से कायरता की बू आती है। यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान बिक्रम सिंह मजीठिया के लिए बढ़ते समर्थन से घबरा गए हैं।' 

क्यों गिरफ्त में हैं बिक्रम सिंह मजीठिया?

बता दें कि सतर्कता ब्यूरो ने 25 जून को मजीठिया को 540 करोड़ रुपये से अधिक के ‘ड्रग्स मनी’ की लॉन्ड्रिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन्हें 26 जून को 7 दिन की रिमांड पर भेजा गया था। सतर्कता ब्यूरो का दावा है कि मजीठिया ने मनी लॉन्ड्रिंग में मदद की थी। मजीठिया के खिलाफ यह मामला 2021 के एक मादक पदार्थ मामले की जांच पर आधारित है। उस समय उनके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। मजीठिया ने पांच महीने से अधिक समय पटियाला जेल में बिताया था और अगस्त 2022 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद रिहा हुए थे। (भाषा)