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प्रदूषण के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बने ये शहर, पंजाब में अब तक 2347 पराली जलाने के मामले, 40 लाख का लग चुका है फाइन

पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस सीजन में अब तक 2,347 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर सबसे बड़े हॉटस्पॉट बने हैं। प्रशासन ने 40.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन घटनाओं का धुआं दिल्ली-एनसीआर तक प्रदूषण बढ़ा रहा है।

पंजाब में पराली जलाने के मामले- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV पंजाब में पराली जलाने के मामले

पंजाब में हर साल पराली जलाने के मामले सामने आते हैं। इस साल अभी तक पराली जलाने और खेतों में आग लगाने की कुल घटनाओं का आंकड़ा बढ़कर 2347 पर पहुंच गया है। 4 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने के 151 नए मामले दर्ज किए गए हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक 40 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा चुका है। लेकिन मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हर साल पराली जलाने की समस्या से पंजाब और दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है।

प्रदूषण का हॉटस्पॉट बने पंजाब के ये जिले 

सिर्फ दिल्ली एनसीआर में ही प्रदूषण खतरनाक स्तर पर नहीं है। पंजाब के कुछ जिले प्रदूषण का बड़ा हॉटस्पॉट बन चुके हैं। इसमें पंजाब के तीन प्रमुख जिले, तरनतारन में अब तक पराली जलाने के 558 मामले सामने आ चुके हैं। फिरोजपुर में पराली जलाने के 316 मामले और अमृतसर पराली जलाने के 207 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन तीन जिलों को इस सीजन में प्रदूषण का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट माना जा रहा है। इन तीन राज्यों में पंजाब में पराली जलाने के कुल मामलों के आधे से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

40 लाख तक लग चुका है जुर्माना

पराली जलाने की इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा है। अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों पर करीब 40.3700 लाख का पर्यावरण मुआवजा लगाया जा चुका है, जिसमें से 23.5000 लाख की वसूली भी की गई है। इसके अलावा सख्त कानूनी कार्रवाई के तहत उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत 647 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कृषि भूमि के सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' 723 की जा चुकी हैं।

आपको बता दें हर साल इस सीजन में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। पंजाब में 15 सितंबर से बड़ी संख्या में धान की कटाई शुरू हो जाती है। धान निकलने के बाद जो बची हुई पराली होती है उसे जलाने के लिए किसान पराली में आग लगाते हैं। खेतों में लगी आग से निकला धुआं न सिर्फ पंजाब बल्कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम तक पहुंच जाता है। हवा में ये धुआं फैलते ही प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ता है।