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कैंसर से जंग हार गए कॉर्पोरल संदीप कुमार, चार माह की मासूम ने पिता को दी मुखाग्नि; नम हो गई आंखें

झुंझुनूं जिले के कुमावास गांव में आज हर किसी की आंखें उस वक्त नम हो गईं, जब कॉर्पोरल संदीप कुमार को मुखाग्नि दी गई। उनकी चार महीने की बेटी ने उनकी चिता को आग दी। ये देख वहां मौजूद हर कोई भावुक हो गया।

चार माह की मासूम ने पिता को दी मुखाग्नि।- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV चार माह की मासूम ने पिता को दी मुखाग्नि।

झुंझुनू: भारतीय वायु सेना के वीर जवान कॉर्पोरल संदीप कुमार का झुंझुनूं जिले के कुमावास गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके चार महीने की मासूम बेटी सृष्टि ने पिता को मुखाग्नि दी, जिससे वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। देशभक्ति के इस माहौल में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी, जिन्होंने संदीप कुमार को अंतिम विदाई दी।

देश के लिए समर्पित वीर जवान

कॉर्पोरल संदीप कुमार भारतीय वायु सेना की 75 RMU यूनिट, चेन्नई में वायरलेस ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। कुछ समय से वह मुख कैंसर से जूझ रहे थे, लेकिन अपने कर्तव्यों के प्रति उनकी निष्ठा अडिग रही। जानकारी के अनुसार संदीप कुमार ऑन ड्यूटी थे और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। संदीप ने 2013 में भारतीय वायु सेना में भर्ती होकर देश सेवा की शुरुआत की थी। वे अपने परिवार में दो बहनों के इकलौते भाई थे और चार साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। उनके पिता राजेंद्र खीचड़ एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

गांव में उमड़ा जनसैलाब

उनकी अंतिम यात्रा में गांववालों ने डाबड़ी से कुमावास तक लगभग 7 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली। इस दौरान युवा 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे। इस दौरान कुमावास का संपूर्ण बाजार बंद रहा और हजारों ग्रामीणों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने इस अंतिम यात्रा में भाग लिया।

वायु सेना ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

भारतीय वायु सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर कॉर्पोरल संदीप कुमार को सम्मानित किया। जैसे ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई, माहौल गमगीन हो गया। जब उनकी चार महीने की मासूम बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी, तो हर आंख नम हो गई। यह क्षण बेहद भावुक कर देने वाला था, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया।

परिवार और गांव में शोक की लहर

संदीप कुमार के जाने से न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव में शोक व्याप्त है। संदीप की चार साल पहले ही शादी हुई थी। संदीप के पिता ने अपने बेटे पर गर्व जताते हुए कहा कि उनका बेटा देश सेवा के लिए समर्पित था और उसकी कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाएगा। कॉर्पोरल संदीप कुमार के निधन से भारतीय वायु सेना ने एक निष्ठावान सपूत खो दिया, लेकिन उनका साहस, संघर्ष और देश के प्रति निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। (इनपुट- अमित शर्मा)

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