राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के चूरू और झुंझुनूं जिलों में हाल ही में हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों के लिए बुरी खबर लेकर आई। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की उम्मीदें टूट गई हैं। चूरू जिले के राजगढ़ तहसील से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो गया। जब राजगढ़ तहसील के अधिकारी एक खेत में पहुंचे तो वहां मौजूद किसान अपनी बर्बाद हुई फसल को देखकर फूट-फूटकर रोने लगा। किसान का ये दुख देखकर अधिकारियों ने उन्हें सांत्वना दी।
सरसों, चना और गेहूं की फसलें बर्बाद
चूरू जिले के विभिन्न हिस्सों में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे हर तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। ऐसा ही दृश्य झुंझुनूं जिले के दर्जन भर गांवों में भी देखने को मिला, खासकर चूरू और हरियाणा सीमा से सटे गांवों में। लीखवा गांव के किसानों ने बताया कि इस तरह की ओलावृष्टि उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। किसानों के मुताबिक, सरसों, चना और गेहूं की फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं और इनकी फसलें 100 प्रतिशत तक बर्बाद हो गई हैं।
कुदरत की मार ने किसानों को तोड़ा
कैलाश व्यास, जो लीखवा गांव के किसान हैं, ने बताया कि उन्होंने 6 महीने तक कड़ी मेहनत की थी। दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार की थी, लेकिन अब कुदरत की इस मार ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनके पास केवल आंसू और निराशा के अलावा कुछ नहीं बचा है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन से यह अपील है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
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