जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित नीरजा मोदी स्कूल की छठी क्लास की एक मासूम छात्रा की छठी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। यह हादसा जयपुर के मानसरोवर इलाके में हुआ। बच्ची की मौत ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ को हिला कर रख दिया है। स्कूल प्रशासन ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही वारदात की जगह को धुलकर साफ कर दिया था, जिसके बाद सबूत मिटाने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि बच्ची पर टीचर्स की तरफ से पढ़ाई का दबाव था, हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।
बच्ची के गिरने की जगह को क्यों धोया गया?
चश्मदीदों और शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस आने से पहले ही स्कूल प्रशासन ने उस जगह को धो डाला जहां बच्ची गिरी थी। गवाहों का कहना है कि वहां पानी डालकर खून के निशान मिटा दिए गए, हालांकि हल्के-हल्के दाग अभी भी दिख रहे थे। इस जल्दबाज़ी वाली सफाई से सबूत मिटाने का गंभीर शक पैदा हो गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची स्कूल टाइम में ही छत से कूद गई। कुछ छात्रों और अभिभावकों का दावा है कि उसे टीचर्स की तरफ से दबाव झेलना पड़ रहा था, हालांकि यह बात अभी पक्की नहीं हुई। पुलिस ने परेशानी या इमोशनल तनाव को भी वजह मानकर जांच शुरू की है।
पुलिस ने कहा, खुद छठी मंजिल पर गई थी छात्रा
जयपुर पुलिस के अनुसार, बच्ची निचली मंजिल से खुद छठी मंजिल पर पहुंची और फिर गिर गई। पुलिस का कहना है कि मामला सुसाइड का लग रहा है, लेकिन लापरवाही या बाहर से किसी दबाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा। जांच जारी है। स्कूल प्रशासन पर भी सवाल उठ रहा है कि निचली मंजिल पर पढ़ने वाली छात्रा छठी मंजिल पर कैसे पहुंची? पुलिस आने से पहले ही जगह धोने की बात सामने आने से स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लग रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्कूल वालों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।