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2500 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया सरकारी अधिकारी, 5 लाख के लोन के लिए मांगी थी रकम-VIDEO

सरकारी अधिकारी 2500 की रिश्वत के खातिर आवेदन कर्ता की लोन वाली फाइल को बार-बार रिजेक्ट कर दे रहा था। आवेदन कर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम को शिकायत दी। एसीबी ने घूसघोर सरकारी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में फैले रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश किया है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक(GM) के निजी सहायक नीरज कुमार को 2500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। 

फाइल की मंजूरी के नाम पर मांगे 2500 रुपये

जानकारी के अनुसार, परिवादी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत करीब 5 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था। लेकिन उसकी फाइल दो बार निरस्त कर दी गई। परिवादी ने तीसरी बार पुनः आवेदन किया तो असिस्टेंट नीरज कुमार ने फाइल को मंजूरी दिलाने के नाम पर 2500 रुपये की रिश्वत मांगी। 

ACB में दर्ज कराई शिकायत

लगातार हो रही मांग से परेशान होकर परिवादी ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) झुंझुनूं में शिकायत दर्ज करवाई। ACB ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद गोपनीय जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। 

घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा

इसके बाद जयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक के निर्देश पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। एएसपी नरेंद्र कुमार पूनिया के सुपरविजन और निरीक्षक सुरेश चंद के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही आरोपी ने परिवादी से 2500 रुपये की रिश्वत ली, ACB टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। 

आरोपी के अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू

कार्रवाई के दौरान पूरे घटनाक्रम को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया गया, जिससे आरोपी बच नहीं सका। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। 

विभाग के अन्य कर्मचारियों की भी होगी जांच

ACB अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए युवाओं को अभी भी भ्रष्ट सिस्टम का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ACB की सख्ती ऐसे मामलों में राहत की उम्मीद भी जगा रही है।

अमित शर्मा की रिपोर्ट