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Jhunjhunu: चलती बस से उतरा युवक, उसी के नीचे दबकर कुचला गया, CCTV में कैद हुई दर्दनाक घटना

वीडियो में युवक को बस से उतरते देखा जा सकता है। चलती बस से उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ता है और वह बस के पिछले पहिए के नीचे चला जाता है। कुलचे जाने से उसकी मौत हो जाती है।

jhunjhunu accident- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV बस के नीचे दबा युवक

राजस्थान के झुंझुनूं में एक युवक की लापरवाही उसकी दर्दनाक मौत का कारण बनी। मृतक युवक ने चलती बस से नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से बस के नीचे चला गया। बस के पिछले पहिए की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। 

घटना झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ कस्बे की है। यहां रविवार शाम हुए एक दर्दनाक हादसे में झुंझुनूं निवासी युवक की जान चली गई। घटना उस समय हुई जब युवक रोडवेज बस से उतर रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ने से वह बस के पिछले टायर के नीचे आ गया।

सीसीटीवी में कैद हुई घटना

जानकारी के अनुसार, झुंझुनूं निवासी समीर पुत्र इमरान नवलगढ़ में किसी कार्य से आया था। चलती बस से जब वह नीचे उतर रहा था, तभी युवक का संतुलन बिगड़ा और वह बस के पिछले पहिए से कुचला गया। गंभीर रूप से घायल समीर को तुरंत नवलगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक का शव फिलहाल नवलगढ़ जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। हादसे से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। जिसमें पूरा वाकया कैद हो गया।

देश में सड़क हादसे में रोजाना 461 मौतें

2022 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रतिदिन औसतन 461 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। सड़क हादसों में सबसे बड़ा कारण तेज गति (ओवरस्पीडिंग) है। सड़क में होने वाले हादसों में से 72.3 फीसदी हादसे तेज गति से वाहन चलाने के कारण होते हैं। सड़क हादसों में होने वाली 71.2% मौतें तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुए हादसों की वजह से होती हैं। यातायात से जुड़े नियमों का पालन करके इन हादसों को कम किया जा सकता है।

किस तरह के हादसे सबसे ज्यादा

सड़क में होने वाले हादसों में 21.4 फीसदी मामलों में किसी वाहन को पीछे से टक्कर मारी जाती है। 2022 में 77,886 मामलों में दो वाहनों में आमने-सामने की टक्कर हुई थी, जिसमें 26,413 मौतें हुईं। खड़े वाहनों के टक्कर मारने के चलते भी कई हादसे होते हैं। इनमें 22 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2022 में उल्टी दिशा में गाड़ी चलाने के कारण 67000 मौतें हुईं। इसके अलावा शराब पीकर गाड़ी चलाने और हेलमेट या सीटबेल्ट लगाने के कारण भी कई गंभीर हादसे होते हैं। आवारा जानवर जैसे कुत्ते और गाय से टकराने के चलते भी बड़ी संख्या में हादसे होते हैं। सबसे ज्यादा हादसे नेशनल हाइवे पर होते हैं। यूपी में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं।

(झुंझुनूं से अमित शर्मा की रिपोर्ट)