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कोटा: नीट की तैयारी कर रही एक और छात्रा ने की आत्महत्या, फोन पर बात करते हुए लगाई फांसी

फांसी लगाने वाले लड़की 18 साल की थी। वह एक महीने पहले ही नीट परीक्षा की तैयारी के लिए यहां आई थी। बताया जा रहा है कि फोन पर बात करते हुए उसने फांसी लगाई।

Representative image- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान के कोटा में एक और छात्रा ने आत्महत्या कर ली है। नीट की तैयारी कर रही स्टूडेंट ने कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। लड़की फोन पर किसी रिश्तेदार से बात कर रही थी। फोन पर बात करते-करते उसने पंखे से लटककर जान दे दी। जम्मू-कश्मीर की रहने वाली स्टूडेंट जीशान जहां 18 साल की थी। वह एक महीने पहले ही नीट परीक्षा की तैयारी करने कोटा आई थी। वह महावीर नगर में प्रताप चौराहे के पीछे किराए के मकान में रह रही थी। पुलिस ने स्टूडेंट के शव को मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया है और परिजनों को सूचना दे दी है।

कोटा में छात्रों के आत्महत्या के मामले काफी ज्यादा बढ़े हैं। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राजस्थान सरकार को फटकार लगाई थी और आत्महत्या रोकने के लिए जरूर कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कोटा शहर में छात्रों की आत्महत्या के मामलों में वृद्धि पर राजस्थान सरकार को फटकार लगाते हुए स्थिति को ‘गंभीर’ बताया था। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कहा था कि इस साल अब तक शहर से आत्महत्या के 14 मामले सामने आए हैं। न्यायमूर्ति पारदीवाला ने राजस्थान सरकार के वकील से पूछा, ‘‘आप एक राज्य के रूप में क्या कर रहे हैं? ये बच्चे आत्महत्या क्यों कर रहे हैं और केवल कोटा में ही क्यों? क्या आपने एक राज्य के रूप में इस पर विचार नहीं किया?’’ वकील ने कहा कि आत्महत्या के मामलों की जांच के लिए राज्य में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। 

शीर्ष अदालत आईआईटी, खड़गपुर में पढ़ने वाले 22 वर्षीय छात्र की मौत के मामले की सुनवाई कर रही थी। छात्र 4 मई को अपने छात्रावास के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया था। न्यायालय एक अन्य मामले से भी निपट रहा है, जिसमें नीट परीक्षा की अभ्यर्थी एक लड़की कोटा में अपने कमरे में मृत मिली थी, जहां वह अपने माता-पिता के साथ रहती थी। पीठ को पता चला कि आईआईटी खड़गपुर के छात्र की मौत के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने 8 मई को दर्ज की गई एफआईआर में चार दिन की देरी पर सवाल उठाया। पीठ ने कहा, ‘‘इन बातों को हल्के में न लें। ये बहुत गंभीर बातें हैं।’’