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राजस्थान के अलवर में एक और मॉब लिंचिंग, चोरी के शक में शख्स की पीट-पीटकर हत्या

जयपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को चिरंजीलाल की मौत हो गई।

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जयपुर: राजस्थान के अलवर में मॉब लिंचिंग की एक घटना में एक शख्स की जान चली गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलवर जिले के गोविंदगढ़ कस्बे के रामबास गांव में 20-25 लोगों द्वारा बेरहमी से पीटे जाने के बाद 45 साल के चिरंजीलाल की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में असद खां नाम के शख्स समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रविवार सुबह करीब 5 बजे चिरंजीलाल खेत में शौच के लिए गया ही था कि तभी 20-25 लोग एक स्कॉर्पियो और एक पिकअप में सवार होकर आए और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। चिरंजीलाल की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जब तक वहां पहुंचते, वह बेहोश हो चुका था।

अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी भी चिरंजीलाल के पास खड़े होकर उस पर ट्रैक्टर चोरी का आरोप लगा रहे थे। इसके बाद आरोपी ने पुलिस को फोन कर दिया। सुबह करीब 06:30 बजे गोविंदगढ़ पुलिस के पहुंचने के बाद हमलावरों और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हो गई। जयपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को चिरंजीलाल की मौत हो गई। सोमवार को रात 11 बजे जब उसका पार्थिव शरीर जयपुर से रामबास गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। मंगलवार की सुबह 7 बजे आक्रोशित परिजनों व गांव के लोगों ने रामगढ़-गोविंदगढ़ मार्ग को लाठियों से जाम कर दिया।

ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
रामगढ़-गोविंदगढ़ मार्ग पर जुटे परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये, उसके परिवार के सदस्य को नौकरी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और तीनों मांगें पूरी नहीं होने तक परिजन अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े रहे। प्रशासन और परिवार को बीच समझौता होने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। प्रशासन की ओर से लक्ष्मणगढ़ अनुमंडल पदाधिकारी लखन गुर्जर ने डीएम जितेंद्र सोनी से बात कर परिवार को तत्काल 5 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन देते हुए शासन को 50 लाख रुपये मुआवजा व सरकारी नौकरी दिए जाने का प्रस्ताव दिया।

Image Source : India TVघटना में शामिल 7 आरोपी गिरफ्तार।

समझौते के बाद हट गए प्रदर्शनकारी
उपमंडल अधिकारी लखन गुर्जर ने मृतक चिरंजीलाल के पुत्र योगेश से बात की। सहमति बनने के बाद दोपहर 2.30 बजे रामगढ़-गोविंदगढ़ मार्ग से नाकाबंदी हटा ली गई। इससे पहले चिरंजीलाल के बेटे योगेश ने पुलिस पर सवाल उठाए थे। आरोप था कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उन्हें छोड़ दिया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के बाद से आरोपी खुले में घूमता रहा और पुलिस प्राथमिकी दर्ज होने का इंतजार करती रही। विरोध को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

आरोपियों ने इसलिए चिरंजीलाल को समझा चोर
आसपास के कई पुलिस थानों को अलर्ट पर रखा गया है। मौके पर जिला पुलिस लाइन के अतिरिक्त बल को भी तैनात किया गया था। वहीं, घटना के विरोध में गोविंदगढ़ बाजार को बंद कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र से कुछ चोर ट्रैक्टर चोरी कर फरार हो गए थे। ट्रैक्टर मालिकों ने पुलिस व ग्रामीणों के साथ मिलकर चोरों का पीछा किया। खुद को घिरा देख चोर ट्रैक्टर को बिजलीघर के पास खेत में छोड़कर फरार हो गए। ट्रैक्टर मालिक वहां आए और खेत में शौच कर रहे पीड़ित को चोर समझकर बेरहमी से पीटा। बता दें कि राजस्थान में पिछले दिनों कई और लिंचिंग के मामले सामने आ चुके हैं।

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने घटना के संबंध में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरतार किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने टीम का गठन किया और नामजद आरोपी विक्रम खां सहित अन्य आरोपियों असद खां पुत्र मकबूल,स्याबु पुत्र असरफ खां, साहुन पुत्र जुमे खां, तलीम पुत्र यासीन खां, कासिम पुत्र साहाबदीन खां, पोला उर्फ ताफिक पुत्र रूजदार खान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो को भी बरामद कर लिया है। इस मामले में अन्य आरोपियों के बारे में जांच की जा रही है।