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'घोड़े-गधों, भैंस, बकरियों की तरह बिक रहे सांसद और विधायक', अशोक गहलोत ने लोकतंत्र के लिए बताया खतरनाक

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सांसद और विधायकों की खरीद फरोख्त पर चिंता जताई है। पूर्व सीएम ने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था में धनबल और सत्ता के प्रभाव का दखल बढ़ रहा है।

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत- India TV Hindi
Image Source : PTI राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत

सांसद और विधायक घोड़े, गधों, भैंस और बकरियों की तरह बिक रहे हैं। यह बात राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कही। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने मंगलवार को जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान राजनीतिक दलों में हो रही टूट-फूट और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त के विषय को लेकर गहरी चिंता व्य​​क्त की।

पूर्व सीएम ने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का किया उल्लेख

पूर्व सीएम गहलोत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में हालात इतने खराब हो गए हैं कि सांसद और विधायक घोड़े-गधों की तरह बिक रहे हैं। गहलोत ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल तथा अन्य राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और विधायक अपनी पार्टियां छोड़कर दूसरी पार्टियों में शामिल हो रहे हैं या अलग गुट बनाकर सत्ता परिवर्तन में भूमिका निभा रहे हैं, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

धनबल और सत्ता के प्रभाव का दखल

उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक व्यवस्था में धनबल और सत्ता के प्रभाव का दखल लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे जनादेश की भावना कमजोर हो रही है। गहलोत ने कहा कि जनता जिन प्रतिनिधियों को एक विचारधारा और पार्टी के आधार पर चुनकर भेजती है, उनका बीच कार्यकाल में दल बदलना लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है।

इस पर अंकुश लगाना जरूरी

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक खरीद-फरोख्त पर प्रभावी अंकुश लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था से विश्वास कमजोर पड़ सकता है। गहलोत के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बहस तेज होने की संभावना है। 

जोधपुर की एलिवेटेड रोड पर फिर छिड़ी सियासी जंग

वहीं, दूसरी ओ जोधपुर में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस परियोजना की मंजूरी का श्रेय अपने प्रयासों को दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसे केंद्र सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब खुलकर सामने आने लगा है।

परियोजना को गति दिलाने में उनकी रही भूमिका

मंगलवार को जोधपुर दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि एलिवेटेड रोड परियोजना को गति दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार इस परियोजना पर काम कर रही थी, तब सबसे बड़ी चुनौती इसकी डिजाइन और तकनीकी स्वीकृति को लेकर थी। गहलोत ने बताया कि एलिवेटेड रोड की डिजाइन और तकनीकी पहलुओं पर काम करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की एजेंसियों और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के इंजीनियरों के पास थी। 

सी शेखर व्यास की रिपोर्ट

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