जयपुर: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में बाइकर गैंग्स की गुंडागर्दी को खत्म करने के लिए पुलिस ने 'ऑपरेशन संस्कार' शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने सोशल मीडिया पर नजर रखकर बाइक गैंग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इसका नतीजा यह हुआ है कि जो युवा पहले सड़कों पर तेज रफ्तार बाइकों के साथ स्टंट करते और अपराधों को ग्लोरिफाई करते थे, अब वही भजनों की रील्स बनाकर माफी मांग रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्होंने 'बदमाशी छोड़ दी'।
सड़कों पर था बाइकर गैंग्स का आतंक
कुछ समय पहले तक डूंगरपुर की सड़कें सुपरबाइक्स की आवाज से गूंजती थीं। 18 से 24 साल के युवा, जिनमें कुछ तो अभी टीनएजर्स थे, '302', '007' और 'रफ्तार' जैसे फैंसी नामों वाले गैंग्स बनाकर सड़कों पर हुड़दंग मचाते थे। ये युवा इंस्टाग्राम पर स्टंट, हथियार लहराने, गैंगवॉर और दूसरों को धमकाने की रील्स बनाकर अपराधों को बढ़ावा देते थे। डूंगरपुर के SP मनीष कुमार ने बताया, 'ये युवा EMI पर महंगी बाइक्स खरीदते, गैंग्स बनाते और स्टॉकिंग, लूटपाट, हमला और हाईवे पर गाड़ियों पर पत्थर फेंकने जैसे अपराध करते। वे इन अपराधों की रील्स बनाकर ऑनलाइन डालते और पुलिस को चुनौती देते।'
SP ने शुरू किया ऑपरेशन संस्कार
बाइकर्स की रील्स को देखकर 12 से 16 साल के बच्चे भी प्रभावित हो रहे थे और अपराध की दुनिया की ओर आकर्षित हो रहे थे। लोगों की शिकायतें बढ़ती जा रही थीं। हालात को देखते हुए पिछले महीने जब मनीष कुमार ने डूंगरपुर का चार्ज संभाला, तो उन्होंने 'ऑपरेशन संस्कार' शुरू किया। पुलिस ने सोशल मीडिया को ही इन गैंग्स के खिलाफ हथियार बनाया। एसपी मनीष कुमार ने बताया, 'हमने अपराधी रील्स को ट्रैक किया, उनके इंस्टाग्राम अकाउंट्स को चिन्हित किया और कानूनी कार्रवाई की। इन युवाओं को सोशल मीडिया पर लाइक्स और कमेंट्स से हौसला मिलता था, इसलिए हमने उनकी माफी की वीडियो भी उसी प्लेटफॉर्म पर डाली।'
रील्स बनाकर इन गैंग्स का मजाक उड़ाया
पुलिस ने मजेदार मीम्स और रील्स बनाकर इन गैंग्स का मजाक उड़ाया। ये रील्स इतनी वायरल हुईं कि इंस्टाग्राम पर इन्हें 30 लाख से ज्यादा बार देखा गया। साथ ही, पुलिस ने 300 से ज्यादा बाइक्स को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किया और हथियार लहराने वाली रील्स पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किए। ऑपरेशन संस्कार का असर कुछ ऐसा हुआ कि जो युवा पहले अपराधों की रील्स बनाते थे, अब वही भजनों पर रील्स बना रहे हैं और कह रहे हैं, 'हमने बदमाशी छोड़ दी है क्योंकि पुलिस ऐक्टिव है।' माफी मांगने वाली इन वीडियो को भी सोशल मीडिया पर डाला जा रहा है ताकि युवाओं तक सही संदेश पहुंचे।
'कैंपेन शुरू होने के बाद नहीं हुई गैंगवार'
एसपी मनीष कुमार ने बताया, 'लोग अब ऐसी रील्स पुलिस को भेजकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ट्रैफिक अब सुगम हो गया है, महिलाओं ने स्टॉकिंग की शिकायतें बंद होने की बात कही है और अभियान शुरू होने के बाद से एक भी गैंगवॉर की घटना नहीं हुई।' पुलिस ने न सिर्फ सख्ती दिखाई बल्कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को सुधारने का रास्ता भी अपनाया। ट्रेंडी मीम्स और रील्स के जरिए अपराधियों को ऑनलाइन लानत भेजी जा रही है। डूंगरपुर पुलिस का 'ऑपरेशन संस्कार' अब पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन रहा है। (PTI)