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राजस्थान में बीजेपी के दो बड़े नेताओं में आपसी खींचतान बढ़ी, गजेंद्र सिंह ने ज्योति मिर्धा पर कसा तंज

राजस्थान में बीजेपी के दो बड़े नेताओं के बीच एक बार फिर आपसी खींचतान बढ़ती हुई नजर आ रही है। कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने ज्योति मिर्धा पर तंज कसा है।

Dr. Jyoti Mirdha, Gajendra Singh Khinvsar- India TV Hindi
Image Source : X डॉ. ज्योति मिर्धा, गजेंद्र सिंह खींवसर

राजस्थान बीजेपी में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा के बीच आपसी खींचतान थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। दोनों सीनियर नेताओं के बीच पिछले कुछ दिनों में कई तीखे बयान सामने आ चुके हैं। अब कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह ने ज्योति मिर्धा पर तंज कसते हुए कहा कि वह बार-बार चुनाव हार रही हैं तो इसमें हमारी क्या गलती है। गजेंद्र सिंह के इस बयान के बाद बीजेपी की अंदरुनी सियासत और गरमा सकती है।

दरअसल, दोनों नेताओं के बीच खींचतान पिछले महीने उस समय शुरू हुई जब खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा की सीएम भजनलाल शर्मा को लिखी गई एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इस चिट्ठी में उन्होंने लिखा था कि उनके विधानसभा क्षेत्र में विरोधी दल के नेता के सारे काम हो रहे हैं जबकि उनके काम नहीं हो रहे हैं।

विधायक ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि उनकी अनुशंसा पर एक भी ट्रांसफर नहीं हुआ। इस चिट्ठी के वायरल होते ही बीजेपी नेता ज्योति मिर्धा ने कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की ओर इशारा करते हुए चिट्ठी वायरल करने का आरोप लगाया और बयान दिया। इसके बाद से ही दोनों के बीच खींचतान की बात सामने आई।

गजेंद्र सिंह खींवसर का कहना है कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसका सबूत पेश करना चाहिए। बिना तथ्यों के आरोप लगाना ओछी मानसिकता को दर्शाता है। खींवसर ने कहा कि डांगा की चिट्ठी किसने लीक की है इसका पता चल चुका है, लेकिन यह गोपनीय मामला है इसलिए नाम उजागर करना उचित नहीं है।

कौन हैं गजेंद्र सिंह खींवसर?

गजेंद्र सिंह खींवसर बीजेपी के प्रमुख नेता हैं और वर्तमान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मंत्री हैं। उनका जन्म 25 दिसंबर 1957 को खींवसर, राजस्थान में हुआ था। खींवसर ने दून स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और कनाडा के वेस्टर्न ओंटारियो विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक किया। वह जोधपुर जिले की लोहावट विधानसभा सीट से विधायक हैं और 2003 से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। खींवसर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते थे और उनकी सरकारों में ऊर्जा (2003-2008) और वन एवं पर्यावरण (2013-2018) जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं। 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने लोहावट सीट से 10,549 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

कौन हैं ज्योति मिर्धा?

ज्योति मिर्धा  राजस्थान के नागौर से पूर्व सांसद रह चुकी हैं। उनका जन्म 26 जुलाई 1972 को नई दिल्ली में हुआ था। वे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता नाथूराम मिर्धा की पोती हैं। उनके पिता का नाम राम प्रकाश मिर्धा और माता का नाम वीणा मिर्धा है। ज्योति मिर्धा पेशे से डॉक्टर हैं और उन्होंने जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की है।  ज्योति मिर्धा ने 2009 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर नागौर लोकसभा सीट से चुनाव जीता और सांसद बनीं। हालांकि, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सितंबर 2023 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे बीजेपी के टिकट पर नागौर से चुनाव लड़ीं, लेकिन हनुमान बेनीवाल के खिलाफ हार गईं।