राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। कमीशन के लालच में साइबर ठगों को किराए पर बैंक खाते यानी म्यूल अकाउंट देने वालों पर शिकंजा कसा गया है। इसके तहत 10 हजार से ज्यादा अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई है। जान लें कि अकेले राजस्थान में 3 महीने के अंदर 10 हजार से ज्यादा संदिग्ध खाता धारकों को नोटिस जारी कर थाने तलब किया गया है।
म्यूल अकाउंट वालों को जेल भेजने की चेतावनी
बता दें कि नोटिस में ऐसे संदिग्धों को जेल भेजने की चेतावनी दी गई है। समन में लिखा है कि नोटिस मिलने के बाद भी तय समय पर पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होने पर पुलिस सीधी गिरफ्तारी करके जेल भेजने की कार्रवाई कर सकती है।
पुलिस को मिलीं 1.42 लाख से अधिक शिकायतें
जान लें कि राजस्थान में 21 सितंबर 2026 तक 1 लाख 42 हजार से ज्यादा साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुई हैं। इसको लेकर अब पुलिस अलर्ट है और साइबर ठगी में ठगों का साथ देने वाले लोगों पर भी सख्त है। जो म्यूल अकाउंट देकर साइबर ठगों से कमीशन खा रहे हैं, उनपर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
पुलिस ने हेल्पलाइन को किया मजबूत
इसके अलावा, राजस्थान में लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए हेल्पलाइन को भी मजबूत किया गया है। साइबर शिकायतों की त्वरित सुनवाई के लिए हेल्पलाइन लाइनों की संख्या को बढ़ा दिया गया है। ये संख्या अब 30 से बढ़ाकर सीधे 53 कर दी गई है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
उधर, पुलिस ने लोगों से साइबर ठगों के झांसे ना आने और उनका किसी भी तरह से साथ ना देने की अपील की है। पुलिस ने अपील की कि कमीशन या चंद पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या नेट बैंकिंग किसी अज्ञात व्यक्ति को किराए पर न दें। ऐसा करने वाले सीधे तौर पर अपराध के भागीदार माने जाएंगे। इससे पहले, हाल में डीग पुलिस ने 'ऑपरेशन काउंटडाउन' चलाकर सिर्फ 48 घंटे में 45 साइबर ठग गिरफ्तार किए थे और सिम व मोबाइलों का जखीरा जब्त किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26 मोबाइल, 49 फर्जी सिम कार्ड और 2 बाइक जब्त की थीं।
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