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राजस्थान में हिस्ट्रीशीटर का आतंक, ड्राइवर को जेसीबी से लटकाया और फिर की बेरहमी से पिटाई

राजस्थान के ब्यावर में एक ड्राइवर को जेसीबी से लटकाकर बेरहमी से पिटाई की गई है। इस मामले में आरोपी एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है।

Rajasthan- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV ड्राइवर को जेसीबी से लटकाकर पीटते लोग (पीड़ित की इमेज ब्लर की गई है)

ब्यावर: राजस्थान के ब्यावर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक हिस्ट्रीशीटर को पुलिस और कानून का कोई खौफ नहीं है। इस हिस्ट्रीशीटर ने एक ड्राइवर की जेसीबी से लटकाकर बुरी तरह पिटाई की है। इस पिटाई में ड्राइवर को काफी चोटें आई हैं और उसकी हालत खराब है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है लेकिन वो इतना अमानवीय है कि उसे दिखाया नहीं जा सकता। आरोपी हिस्ट्रीशीटर की पहचान तेजपाल सिंह के रूप में हुई है। 

क्या है पूरा मामला?

मामला रायपुर थाना क्षेत्र के गुड़िया गांव का है। यहां कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तेजपाल सिंह उदावत ने डंपर चालक को डीजल चोरी के शक में अपने फार्म हाउस पर जेसीबी से लटकाकर दो से तीन घंटे तक पीटा है। पिटाई के दौरान पीड़ित के शरीर पर पानी और नमक भी छिड़का गया, जिससे उसे ज्यादा दर्द हो।

घटना 2 से 3 दिन पुरानी बताई जा रही है। ड्राइवर को जंजीरों से लटकाया गया और फिर उसके साथ बर्बरता की गई। हैरानी की बात यह है कि रायपुर थाना प्रभारी नवल किशोर को इस पूरे मामले की जानकारी ही नहीं है। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आरोपी का रहा है लंबा आपराधिक इतिहास

हिस्ट्रीशीटर तेजपाल सिंह उदावत का नाम पहले से ही कई संगीन मामलों में दर्ज है। वह कई बार जेल जा चुका है। बजरी के अवैध खनन और परिवहन में उसका दखल है। इससे पहले वह थाने में ही आरोपियों से पूछताछ कर चुका है और इसका वीडियो भी सामने आया है। वह पहले भी पुलिस महकमे पर दबाव बनाने और मामले को दबाने की कोशिशें कर चुका है।

ग्रामीणों ने बताया कि तेजपाल सिंह का खौफ इस कदर है कि कोई उसके खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं करता। अब जब वीडियो सामने आया है, तब भी पुलिस की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों और समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और तेजपाल सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि इस मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो कि इतने गंभीर मामले की जानकारी थाने तक क्यों नहीं पहुंची।