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Akhuratha Sankashti Chaturthi 2025: 7 या 8 दिसंबर...कब है अखुरथ संकष्टी गणेश चतुर्थी? नोट कर लें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Akhuratha Sankashti Chaturthi 2025 Date: पौष मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है, जो विघ्नहर्ता बप्पा को समर्पित है। यह साल की आखिरी संकष्टी चतुर्थी होती है। चलिए जानते हैं अखुरथ संकष्टी चतुर्थी किस तारीख को मनाई जाएगी।

 Akhuratha Sankashti Chaturthi 2025- India TV Hindi
Image Source : PEXELS अखुरथ संकष्टी चतुर्थी

Akhuratha Sankashti Chaturthi 2025 Date: साल में कुल 24 गणेश चतुर्थी पड़ती हैं, जो बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन चतुर्थी का व्रत रखा जाता है और भगवान गणेश की आराधना की जाती है। इन्हीं व्रतो में से एक हैं अखुरथ संकष्टी चतुर्थी। यह साल की आखिरी संकष्टी चतुर्थी है, जो पौष माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इस बार इस व्रत की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही हैं। लोगों के मन में वाल है कि चलिए जानते हैं अखुरथ संकष्टी गणेश चतुर्थी कब मनाई जाएगी...7 या 8 दिसंबर? चलिए जानते हैं सही तारीख क्या है। इसके साथ पूजा का शुभ मुहूर्त भी बताया जा रहा है।  

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का महत्व 

शास्त्रों के अनुसार, अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के अखुरथ स्वरूप की उपासना की जाती है। विघ्नकर्ता की कृपा से भक्तों के संकट दूर होते हैं। संकष्टी चतुर्थी को संकटों को दूर करने वाली चतुर्थी तिथि के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से कार्य सफल होते हैं। 

संकष्टी चतुर्थी का आरंभ

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत 7 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा। पंचाग के अनुसार, 7 दिसंबर को शाम 6 बजकर 24 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि की शुरुआत हो जाएगी, जो अगले दिन 8 दिसंबर को शाम 4 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। इस दिन गणेश जी की पूजा के साथ ही चंद्रदेव को अर्घ्य दिया जाता है। ऐसे में 7 दिसंबर यानी कि कल अकुरथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार, जो लोग उदया तिथि के अनुसार व्रत रखते हैं, वे 8 तारीख को भी दोपहर में गणेश पूजा कर सकते हैं। 

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5 बजकर 12 मिनट से 6 बजकर 6 तक।  
अभिजीत मुहूर्त: सुबह के 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 तक। 
जो लोग व्रत रखेंगे, वे गणेश जी की पूजा लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 9 बजकर 37 मिनट से 10 बजकर 55 मिनट के बीच या फिर अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त में सुबह 10 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 13 मिनट के बीच कर सकते हैं। 

चंद्रोदय का समय
7 दिसंबर को संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय का समय शाम 7 बजकर 55 मिनट है। व्रत रखने वाले लोग इस समय में चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने व्रत पूर्ण कर सकेंगे। 

ऐसे करें अखुरथ संकष्टी चतुर्थी की पूजा

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और लाल या पीले रंग के कपड़े पहनें।  
  • इसके बाद चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर गणेश जी की मूर्ति या फोटो रखें।  
  • अब पूरे विधि-विधान से भगवान गणेश का पूजन करें। 
  • विघ्नहर्ता को रोली, कुमकुम, अक्षत से उनका तिलक करें और फूल माला पहनाएं। उन्हें पुष्प और उनकी प्रिय दूर्वा अर्पित करके लड्डू का भोग लगाएं। 
  • पौष मास की संकष्टी चतुर्थी पर गणेष को तिल के लड्डुओं का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
  • इसके बाद धूप, दीपक जलाएं और संकष्टी व्रत कथा का पाठ करें।
  • फिर चंद्रोदय के बाद चंद्रदेव की पूजा करें, उन्हें जल अर्पित करके व्रत पूरा करें। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)