Chaitra Navratri 2026 8th Day Puja Mantra: नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी का पूजन किया जाता है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, महागौरी का पूजन जीवन के सभी सुखों को दिलाने वाला माना जाता है। माता की पूजा से घर में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। अष्टमी के दिन मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। नवरात्रि की आठवीं शक्ति की पूजा के दौरान कुछ विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है, जो शुभ फलदायी बताए गए हैं। मां महागौरी का ध्यान मंत्र, स्तोत्र और कवच का पाठ करने से कई लाभ मिलते है। वहीं, व्यक्ति को आत्मिक और मानसिक शांति का अनुभव होता है। यहां पढ़िए मां महागौरी का ध्यान मंत्र, स्तोत्र और कवच।
माता महागौरी का ध्यान ( Maa Mahagauri Dhyan Mantra)
वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा महागौरी यशस्वनीम्॥
पूर्णन्दु निभां गौरी सोमचक्रस्थितां अष्टमं महागौरी त्रिनेत्राम्।
वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥
पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर, हार, केयूर किंकिणी रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रफुल्ल वंदना पल्ल्वाधरां कातं कपोलां त्रैलोक्य मोहनम्।
कमनीया लावण्यां मृणांल चंदनगंधलिप्ताम्॥
महागौरी का स्तोत्र पाठ (Maa Mahagauri Stotra)
सर्वसंकट हंत्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदीयनीम्।
डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
त्रैलोक्यमंगल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।
वददं चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥
मां महागौरी का कवच (Maa Mahagauri Kavach)
ओंकारः पातु शीर्षो मां, हीं बीजं मां, हृदयो।
क्लीं बीजं सदापातु नभो गृहो च पादयो॥
ललाटं कर्णो हुं बीजं पातु महागौरी मां नेत्रं घ्राणो।
कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा मा सर्ववदनो॥
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)