Chaitra Navratri 2026: मां चंद्रघंटा की पूजा नवरात्रि के तीसरे दिन की जाती है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन 21 मार्च को है और इसी दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाएगी। 10 भुजाओं वाली माता चंद्रघंटा दुष्टों का विनाश करने वाली मानी जाती है। माता की पूजा से भक्तों के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। माता को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि के तीसरे दिन पूजा के साथ ही मां चंद्रघंटा के मंत्रों का जप भी आपको करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से आपके जीवन में समृद्धि आती है।
माता चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए मंत्र
1. ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः।
यह माता का मूल मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से भक्तों के जीवन में सुख-शांति आती है साथ ही माता के आशीर्वाद से धन-धान्य भी प्राप्त होता है। इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप भक्तों को करना चाहिए।
2. वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
यह मां चंद्रघंटा का प्रार्थना मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से माता आपकी मनोकामनाओं को पूरा करती हैं। साथ ही आप इस मंत्र का जप करके माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
3. पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
यह माता का ध्यान मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही आपका मणिपुर चक्र भी इस मंत्र के जप से सक्रिय होता है। मणिपुर चक्र नाभि में स्थित होता है और इसके जागृत होने से आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
4. या देवी सर्वभूतेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
यह माता चंद्रघंटा का स्तुति मंत्र है। इसका निरंतर जप करने से माता अति प्रसन्न होती हैं। पूजा के दौरान तो आपको इस मंत्र का जप करना ही चाहिए वहीं नवरात्रि के तीसरे दिन किसी भी समय इस मंत्र का जप करने से आपको शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।
4. ऐं श्रीं शक्तयै नम:।
यह माता चंद्रघंटा का बीज मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से मानसिक स्थिरता आपको प्राप्त होती है और आध्यात्मिक क्षेत्र में आप अच्छे अनुभव प्राप्त करते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:
Gangaur Puja 2026 Vrat: गणगौर पूजा का व्रत अपने पति से छुपाकर क्यों रखती हैं महिलाएं? जानिए क्या है इस परंपरा का महत्व
Chandra-Guru Yuti: नवरात्रि में चंद्र-गुरु की जुगलबंदी से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, होगी तगड़ी कमाई!