1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. सावन के पहले प्रदोष व्रत पर भूलकर भी न करें ये काम, वरना शिव जी हो सकते हैं नाराज

सावन के पहले प्रदोष व्रत पर भूलकर भी न करें ये काम, वरना शिव जी हो सकते हैं नाराज

सावन में 22 जुलाई को पहला प्रदोष व्रत पड़ रहा है। यह मंगलवार के दिन होने के नाते भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन क्या न करें...

भगवान शिव- India TV Hindi
Image Source : SORA AI भगवान शिव

हर माह दो बार प्रदोष व्रत किया जाता है, जिसमें से एक कृष्ण पक्ष और एक शुक्ल पक्ष में पड़ता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है। चूंकि सावन चल रहा है, ऐसे में सावन का पहला प्रदोष 22 जुलाई को है। यह प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ रहा है, ऐसे में इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। जानकारी दे दें कि भौम प्रदोष व्रत के दिन शिव पूजा करने से मांगलिक दोष ठीक हो जाते हैं। साथ करियर संबंधी परेशानी भी खत्म हो जाती है।

प्रदोष शुभ मुहूर्त

सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 22 जुलाई की सुबह 07.05 बजे हो रहा है, जो 23 जुलाई की प्रात: 04.39 बजे होगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त- शाम 7 बजकर 18 मिनट से रात 9 बजकर 22 मिनट तक

भोग में क्या लगाएं?

प्रदोष व्रत के दिन जातक शिव को उनके प्रिय भोग लगाएं। भगवान शिव को खीर, बर्फी, मालपुआ, ठंडाई और भांग का भोग प्रिय है। इसके साथ ही शिवलिंग पर धतूरा, शमी, कनेर के पुष्प अर्पित करें। बता दें कि भौम प्रदोष के दिन व्रत और पूजन से भगवान शिव के साथ हनुमान जी की भी कृपा प्राप्त होती है, जिससे साधक को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

क्या नहीं करना चाहिए?

प्रदोष व्रत वाले दिन गलती से भी तामसिक भोजन न करें। इस दिन हो सके तो नमक का सेवन न करें। भगवान शिव की पूजा के दौरान गलती से भी तुलसी दल, नारियल और टूटे चावल के अक्षत को शामिल न करें और न ही केतकी के पुष्प चढ़ाएं। इससे भगवान नाराज हो सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

सावन का दूसरा सोमवार आज, जानें कैसे करनी चाहिए शिवजी की पूजा
कामिका एकादशी और सावन सोमवार एकसाथ, क्या दान करने से प्रसन्न होंगे भगवान?