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नवरात्रि में बची हुई पूजा सामग्री को ना फेंके इधर-उधर; जली हुई बाती, फूल-मालाओं का ऐसे करें सही उपयोग

इन तरीकों को अपनाने से आप पर देवी की कृपा बनी रहेगी और और पाप के भागीदार भी नहीं बनेंगे। इस तरह से पूजा के बाद बची सभी चीजों का सही उपयोग हो जाएगा और ये गंदे स्थानों पर फेंकने में भी नहीं आएंगे। साथ ही आपके मन में किसी तरह की आत्मग्लानि भी नहीं रहेगी, क्योंकि आप बची हुई पूजा सामग्री का सही तरीके से उपयोग कर लेंगे।

पूजा में बची सामग्री...- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK/PEXELS पूजा में बची सामग्री का उपयोग

Use of Puja Material Left after Navratri: देश में नवरात्रि का त्योहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। घरों और पंडालों में देवी की मूर्तियों की स्थापना का साथ यह नौ दिन का त्योहार हमारे अंदर साल भर के लिए नई ऊर्जा और उत्साह भर जाता है। इन दिनों बड़ी उमंग और श्रद्धा से देवी को विराजमान किया जाता है।

नवरात्रि में कई घरों में घट स्थापना होती है। इस दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं और उन्हें फूल, नारियल, चुनरी, वस्त्र और दीपक आदि अर्पित की जाती है। जब नवरात्रि का समापन होता है, तो पूजन सामग्री को लोग कहीं भी ठिकाने लगा देते हैं, लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत है।

पूजा में चढ़ाई गई चीजों का क्या करें?

ऐसे में अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आखिर पूजा में चढ़ाई गई चीजों का क्या करना चाहिए? क्या इन्हें ऐसे ही फेंक देना सही है? तो आप एकदम सही जगह पर है। यहां हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि पूजा के बाद जली हुई बाती, नारियल, फूल, चुनरी, शृंगार आदि सामग्री का क्या करना चाहिए

जलाई हुई बाती का उपयोग

नवरात्रि में माता रानी की पूजा और आरती के दौरान उपयोग में लाई गई बाती के जले हुए अवशेष को कभी भी कचरे में नहीं फेंकें। सभी बातियों को इकट्ठा करके नवरात्रि के आखिरी दिन इसमें कपूर, लौंग और थोड़ा घी डालकर इसकी धूप जला दें। इसे पूरे घर में घुमाएं, जिससे घर की नेगेटिविटी दूर भाग जाएगी। इससे बनी राख को पौधे में डाल दें। ज्योतिषियो का मानना है कि यह भभूत नजर दोष से बचाती है।

देवी को चढ़ाए गए फूल-माला का उपयोग

धार्मिक मान्यता है कि ईस्वर को अर्पित किए गए फूलों और उनके गले से उतरी फूल मालाओं में भी उनकी अद्भुत ऊर्जा होती है। ऐसे में देवी पर चढ़ाए गए फूलों और हार को कहीं भी फेंकें नहीं। कुछ फूलों को अपने धन स्थान या पूजा घर में रखें। बाकी फूलों को गमले की मिट्टी में डाल दें। इस तरीके से ये किसी के पैरों में भी नहीं आएंगे और ना गंदे स्थानों पर फेंके जाने से इनका अपमान होगा।

कलश की सामग्री का उपयोग

अगर आप घट स्थापना करते हैं, तो आखिरी दिन पूजा के बाद कलश का जल घर के हर कोने में छिड़कें। यह जल आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करेगा। बचा हुआ जल पौधों में डाल दें। वहीं, कलश में रखे सिक्कों को लाल कपड़े में बांधकर धन स्थान पर रख दें।

नारियल का उपयोग

नवरात्रि में देवी दुग्री की पूजा में रखा गया नारियल बहुत पवित्र होता है। इसे परिवार और मित्रों में प्रसाद के रूप में बांट दें। अगर नारियल सूखा निकलता है, तो इसे नदी के बहते जल में छोड़ दें। नारियल खराब निकले, तो जमीन में दबा दें। माना जाता है कि ऐसा नारियल आप पर आने वाली मुसीबतों को अपने ऊपर ले लेता है।

माता की लाल चुनरी का उपयोग

मंदिर में या पूजा में मिली चुनरी को घर के पवित्र स्थान, धन स्थान या वाहन पर बांधें। आप इसे पूजा-पाठ करते समय भी ओढ़ सकते हैं।

पूजा के कपड़े का उपयोग

पूजा में उपयोग किए गए कपड़े को धो-सुखा कर सुरक्षित रखें। आप चाहे तो भविष्य में अपने घर में होने वाले अनुष्ठानों और शुभ कार्यों में इनका में उपयोग कर सकते हैं या फिर किसी जरूरतमंद को दान कर सकते हैं।

इन तरीकों को अपनाएंगे तो पूजा के बाद बची सभी चीजों का सही उपयोग भी हो जाएगा और ये गंदे स्थानों पर फेंकने में भी नहीं आएंगे। इस तरह से आप पर माता रानी भी प्रसन्न रहेंगी।