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गौरी व्रत 2026 कब से शुरू होगा? जानें 5 दिन की पूजा, शुभ मुहूर्त और कब होगा इस पर्व का समापन

गौरी व्रत 2026 का प्रारंभ आषाढ़ शुक्ल की एकादशी से पांच दिवसीय होगा। यह व्रत विशेष रूप से अविवाहित कन्याओं के लिए महत्वपूर्ण होता है, जबकि विवाहित महिलाएं वैवाहिक सुख की कामना से इसे करती हैं। जानिए गौरी व्रत की तारीख , मुहूर्त और इसका समापन कब होगा।

Gauri Vrat 2026- India TV Hindi
Image Source : PINTEREST गौरी व्रत 2026 कब से शुरू होगा

मनचाहा जीवनसाथी पाने और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए गौरी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। पांच दिनों तक चलने वाले इस व्रत में माता गौरी, भगवान शिव और गणेश जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए इस व्रत से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। आइए जानते हैं गौरी व्रत की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और समापन का समय।

Gauri Vrat 2026: गौरी व्रत महत्व

यह व्रत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से शुरू होता है। इसे देवशयनी एकादशी कहा जाता है, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और चातुर्मास का आरंभ होता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से अविवाहित कन्याओं को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। वहीं विवाहित महिलाएं यह व्रत करके सुखी और समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। 

Gauri Vrat 2026: कब से शुरू होगा व्रत?

गौरी व्रत को मोरकट व्रत के नाम से भी जाना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजकर 12 मिनट शुरू होगी और 25 जुलाई को सुबह 11 बजकर 34 मिनट समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर गौरी व्रत का आरंभ 25 जुलाई 2026, शनिवार से माना जाएगा।

Gauri Vrat 2026: पहले दिन के शुभ मुहूर्त

  • गौरी व्रत के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 16 मिनट से 4 बजकर 57 मिनट बजे तक रहेगा। 
  • अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक होगा। 
  • इसके अलावा शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 7 बजकर 21 मिनट से 9 बजकर 03 मिनट तक रहेगा।
  • जबकि प्रदोष काल में शाम 7 बजकर 17 मिनट से रात 8 बजकर 34 मिनट तक लाभ-उन्नति मुहूर्त पूजा के लिए शुभ माना गया है।

Gauri Vrat 2026: पांच दिन कैसे होती है पूजा?

गौरी व्रत लगातार पांच दिनों तक किया जाता है। इस दौरान व्रती युवतियां पवित्र मिट्टी से माता गौरी, भगवान शिव और श्रीगणेश की प्रतिमा बनाकर सुबह-शाम पूजा और आरती करती हैं। कई स्थानों पर रात्रि जागरण की भी परंपरा निभाई जाती है। पांचवें दिन व्रत का समापन किया जाता है।

Gauri Vrat 2026: कब होगा व्रत का समापन?

पांच दिनों तक मां गौरी की पूजा करने के बाद आषाढ़ गुरु पूर्णिमा के दिन व्रत का पारण किया जाता है। इस साल पांच दिवसीय गौरी व्रत का समापन 29 जुलाई 2026, बुधवार को आषाढ़ पूर्णिमा के दिन होगा। पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई की शाम 6 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 29 जुलाई की रात 8 बजकर 05 मिनट तक रहेगी। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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