सावन के बाद भाद्रपद माह आएगा। यह माह भी हिंदू पर्व के लिए बेहद खास है। भाद्रपद 10 अगस्त से शुरू हो रहा है। इसी माह में तृतीया तिथि पर कजरी तीज का पर्व मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भी मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से जातक का वैवाहिक जीवन सुखी होता है। साथ ही संतान प्राप्ति के भी योग बनते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कजरी तीज की तारीख और शुभ मुहूर्त के बारे में....
कजरी तीज व्रत का महत्व
इस व्रत को विवाहित महिलाएं और कुवांरी कन्याएं करती है। माना जाता है कि इस व्रत की शुरुआत मां पार्वती ने की थी। मां पार्वती ने यह व्रत भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए शुरू किया था। कहा जाता है कि कजरी तीज के व्रत को करने से पति को लंबी आयु का वरदान हासिल होता है। साथ ही सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।
कजरी तीज की तारीख और शुभ मुहूर्त
दिक्र पंचांग के मुताबिक, भाद्रपक्ष के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 11 अगस्त की सुबह 10.33 बजे होगा। जो 12 अगस्त की सुबह 08.40 बजे समाप्त हो जाएगा। चूंकि हिंदू धर्म में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है कि ऐसे में कजरी तीज 12 अगस्त को मनाई जाएगी।
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04.23 से 05.06 बजे तक
- विजय मुहूर्त- दोपहर 02.38 से 03.31 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 07.03 से 07.25 बजे तक
- निशिथ काल मुहूर्त- रात 12.05 से 12.48 बजे तक
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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