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Maa Chandraghanta Aarti Lyrics In Hindi: मां चंद्रघंटा की कृपा से घर में आती है सुख-समृद्धि, पूजा के बाद जरूर करें ये आरती, पढ़िए संपूर्ण लिरिक्स

Maa Chandraghanta Aarti: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघण्‍टा की पूजा की जाती है। देवी की पूजा करने से भक्‍तों सभी कार्य में मनचाहा फल प्राप्‍त होता है। मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा करने के बाद उनकी आरती करके ही पूजा संपूर्ण मानी जाती है। यहां पढ़िए मां चंद्रघण्‍टा की संपूर्ण आरती।

मां चंद्रघण्‍टा की आरती हिंदी में- India TV Hindi
Image Source : PINTEREST मां चंद्रघण्‍टा की आरती हिंदी में

Chaitra Navratri 2026, Maa Chandraghanta Aarti Lyrics In Hindi: चैत्र नवरात्रि 2026 महापर्व प्रारंभ हो चुका है। आश्विन महीने में शारदीय नवरात्रि की तरह ही ये चैत्र नवरात्रि भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इन दिनों मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की आराधना की जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाने के लिए धरती पर आती हैं। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन भक्त विधि-विधान से देवी चंद्रघंटा की आराधना करते हैं और उनकी आरती गाई जाती है। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की पूजा के बाद आरती करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यहां पढ़िए आरती के संपूर्ण हिंदी लिरिक्स। 

मां चंद्रघंटा का महत्व

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना करने से व्यक्ति के भीतर साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। मां चंद्रघंटा का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है। देवी की पूजा से शुक्र से जुड़े दोष कम हो सकते हैं। देवी की कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही नकारात्मकता दूर होती है। कहा जाता है कि जिन भी जातकों के विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, उन्हें मां चंद्रघंटा की पूजा करने से लाभ मिलता है। माता दुर्गा के तीसरे स्वरूप की कृपा से जीवन में उन्नति और सकारात्मकता आने लगती हैं। 

मां चंद्रघंटा की आरती (Maa Chandraghanta Aarti Lyrics)

जय मां चंद्रघंटा सुख धाम।
पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।

चंद्र समान तुम शीतल दाती।
चंद्र तेज किरणों में समाती। क्रोध को शांत करने वाली।
मीठे बोल सिखाने वाली।

मन की मालक मन भाती हो।
चंद्र घंटा तुम वरदाती हो।

सुंदर भाव को लाने वाली।
हर संकट मे बचाने वाली।

हर बुधवार जो तुझे ध्याये।
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं।

मूर्ति चंद्र आकार बनाएं।
सन्मुख घी की ज्योत जलाएं।

शीश झुका कहे मन की बाता।
पूर्ण आस करो जगदाता।

कांची पुर स्थान तुम्हारा।
करनाटिका में मान तुम्हारा।

नाम तेरा रटू महारानी।
भक्त की रक्षा करो भवानी।

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