Navratri 2025 Mata ke Bhajan: तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये...देखें माता रानी के लोकप्रिय भजन
Mata Rani Ke Bhajan LIVE: नवरात्रि का त्योहार माता रानी के गीतों के बिना अधूरा सा लगता है। इसलिए यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं माता के एक से बढ़कर एक भजन जो नवरात्रि के त्योहार में चांर चांद लगा देंगे।

Mata Rani Ke Bhajan LIVE: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इस साल 22 सितंबर 2025 से 2 अक्तूबर 2025 तक मनाया जाएगा। इस साल नवरात्र में एक दिन बढ़ने के कारण भक्तों को माता रानी की पूजा के लिए पूरे 10 दिन प्राप्त होंगे। नवरात्रि के पावन पर्व में भक्त मां दुर्गा की विधि विधान पूजा करते हैं और उन्हें तरह-तरह की चीजों का भोग लगाते हैं। साथ ही इस दौरान माता के भजनों को खूब सुना-सुनाया जाता है जिनके बिना ये पर्व अधूरा सा लगता है। अगर आप भी नवरात्रि के भजनों की तलाश कर रहे हैं तो एकदम सही जगह पर आएं हैं। यहां आपको माता रानी के एक से बढ़कर एक भजनों के लिरिक्स और वीडियो मिलेंगे।
माता रानी के भजन लिरिक्स (Mata Rani Ke Bhajan Lyrics)
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये - भजन (Tune Mujhe Bulaya Sherawaliye Bhajan)
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये, मेहरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
सारा जग है इक बंजारा, सारा जग है इक बंजारा,
सब की मंजिल तेरा द्वारा।
ऊँचे परबत लम्बा रास्ता, ऊँचे परबत लम्बा रास्ता,
पर मैं रह ना पाया, शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥
सूने मन में जल गयी बाती, तेरे पथ में मिल गए साथी ।
मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू, मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,
बिन मांगे सब पाया, शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥
कौन है राजा, कौन भिखारी, एक बराबर तेरे सारे पुजारी ।
तुने सब को दर्शन देके, तुने सब को दर्शन देके,
अपने गले लगाया, शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
प्रेम से बोलो, जय माता दी ॥
सारे बोलो, जय माता दी ॥
आते बोलो, जय माता दी ॥
जाते बोलो, जय माता दी ॥
कष्ट निवारे, जय माता दी ॥
पार निकले, जय माता दी ॥
देवी माँ भोली, जय माता दी ॥
भर दे झोली, जय माता दी ॥
वादे के दर्शन, जय माता दी ॥
जय माता दी, जय माता दी ॥
मेरी अखियों के सामने ही रहना, मां जगदम्बे (Meri Akhion Ke Samne Hi Rehna Maa Jagdambe)
मेरी अखियों के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे।
॥ मेरी अखियों के सामने...॥
हम तो चाकर मैया तेरे दरबार के,
भूखे हैं हम तो मैया बस तेरे प्यार के॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥
विनती हमारी भी अब करो मंज़ूर माँ,
चरणों से हमको कभी करना ना दूर माँ॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥
मुझे जान के अपना बालक सब भूल तू मेरी भुला देना,
शेरों वाली जगदम्बे आँचल में मुझे छिपा लेना॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥
तुम हो शिव जी की शक्ति मैया शेरों वाली,
तुम हो दुर्गा हो अम्बे मैया तुम हो काली॥
बन के अमृत की धार सदा बहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥
तेरे बालक को कभी माँ सबर आए,
जहाँ देखूं माँ तू ही तू नज़र आये॥
मुझे इसके सीवे कुछ ना कहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे॥
॥ मेरी अखियों के सामने...॥
देदो शर्मा को भक्ति का दान मैया जी,
लक्खा गाता रहे तेरा गुणगान मैया जी॥
है भजन तेरा भक्तो का गहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे॥
मेरी अखियों के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे।
॥ मेरी अखियों के सामने...॥
Live updates : Mata Rani Ke Bhajan LIVE
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September 24, 2025 9:57 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
आते है हर साल नवराते माता के ( Aate Hain Har Saal Navrate Mata Ke)
- आते है हर साल नवराते माता के,
- आए नवरात्रे माता के ॥
- श्लोक – चैत महीना और अश्विन मे,
- आते माँ के नवरात्रे,
- मुँह माँगा वर उनको मिलता,
- जो दर पर चल कर आते ॥
- आए नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- आते है हर साल नवराते माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- जय हो नवरात्रे माता के,
- मै पूजू हर बार नवरात्रे माता के ॥
- पहले नवराते चैत री बीज,
- माँ की ज्योत जगाओ,
- दूजे नवराते मैया को,
- प्यार के साथ मनाओ,
- नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- आते है हर साल नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- जय हो नवरात्रे माता के ॥
- फिर तीजे नवरात मात की,
- पूजा करते रहना,
- जय माता दी जय माता की,
- स्वास स्वास है कहना,
- नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- आते है हर साल नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- जय हो नवरात्रे माता के ॥
- चौथा नवराता फलदायक,
- वेदों ने गुण गाया,
- पंचम नवराते में पांडव,
- माँ का भवन बनाया,
- नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- आते है हर साल नवराते माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- जय हो नवरात्रे माता के ॥
- षष्ठी की नवरात में ध्यानु,
- माँ का दर्शन पाया,
- लाज भगत की रख ली माँ ने,
- अकबर का मान घटाया,
- नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- आते है हर साल नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- जय हो नवरात्रे माता के ॥
- सप्तमी के दिन सात देवियां,
- भक्तो को वर देती,
- रिद्धि सिद्धि के खोल भंडारे,
- भक्तो के घर भरती,
- नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- आते है हर साल नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- जय हो नवरात्रे माता के ॥
- अष्टमी का दिन है प्यारा,
- कन्या पूजन कर लो,
- माँ गौरी का दर्शन करके,
- खाली झोली भर लो,
- नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- आते है हर साल नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- जय हो नवरात्रे माता के ॥
- और नवमी के दिन में भक्तो,
- माँ के दर्शन पाओ,
- शीश झुका मैया के दर पे,
- जय माता दी गाओ,
- नवरात्रे माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- आते है हर साल नवराते माता के,
- आए नवरात्रे माता के,
- जय हो नवरात्रे माता के ॥
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September 24, 2025 9:18 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Man Leke Aaya Mata Rani Ke Bhawan Me: मन लेके आया, माता रानी के भवन में
- मन लेके आया,
- माता रानी के भवन में
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- ॥ मन लेके आया...॥
- जय जय माँ, अम्बे माँ,
- जय जय माँ, जगदम्बे माँ
- जय जय माँ, अम्बे माँ,
- जय जय माँ, जगदम्बे माँ
- मैं जानू वैष्णव माता,
- तेरे ऊँचे भवन की माया,
- भैरव पर क्रोध में आके,
- माँ तूने त्रिशूल उठाया ।
- वो पर्बत जहां पे तूने,
- शक्ति का रूप दिखाया,
- भक्तो ने वहीँ पे मैया,
- तेरे नाम का भवन बनाया ॥
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- ॥ मन लेके आया...॥
- ॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥
- तेरे तेज ने ज्वाला मैया,
- जब उजियारा फैलाया,
- शाह अकबर नंगे पैरों,
- तेरे दरबार में आया ।
- तेरी जगमग ज्योत के आगे,
- श्रद्धा से शीश झुकाया,
- तेरे भवन की शोभा देखी,
- सोने का क्षत्र चढ़ाया ॥
- बड़ा सुख पाया, बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- ॥ मन लेके आया...॥
- ॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥
- हे चिंतपूर्णी माता,
- तेरी महिमा सबसे न्यारी,
- दिए भाईदास को दर्शन,
- तू भक्तो की है प्यारी ।
- जो करे माँ तेरा चिंतन,
- तू चिंता हर दे सारी,
- तेरे भवन से झोली भरके,
- जाते हैं सभी पुजारी ॥
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- ॥ मन लेके आया...॥
- ॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥
- माँ नैना देवी तूने,
- यह नाम भगत से पाया,
- नैना गुज्जर को तूने,
- सपने में दरश दिखाया ।
- आदेश पे तेरे उसने,
- तेरा मंदिर बनवाया,
- जीवन भर बैठ भवन में,
- माँ तेरा ही गुण गया ॥
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- मन लेके आया,
- माता रानी के भवन में
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- भक्ति भारत लिरिक्स
- जय जय माँ, अम्बे माँ,
- जय जय माँ, जगदम्बे माँ
- जय जय माँ, अम्बे माँ,
- जय जय माँ, जगदम्बे माँ
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September 24, 2025 8:30 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
सच्चे मन से मां की, ज्योत तुम जगाओ (Sacche Man Se Maa Ki Jyot Tum Jagao)
सच्चे मन से माँ की,
ज्योत तुम जगाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ ॥
ये ही है दुर्गा ये ही माँ काली,
चाहे किसी भी रूप में मनाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ।
सच्चे मन से मां की,
ज्योत तुम जगाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ ॥धन यश सुख सब देने वाली,
माँ से भंडार तुम भरवाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ।
सच्चे मन से मां की,
ज्योत तुम जगाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ ॥तन मन करदो माँ को समर्पण,
शेर चरणों में शीश तुम नवाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ।
सच्चे मन से मां की,
ज्योत तुम जगाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ ॥जगदाति की कर लो पूजा,
बस दाती के ही हो जाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ।
सच्चे मन से मां की,
ज्योत तुम जगाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ ॥सच्चे मन से माँ की,
ज्योत तुम जगाओ,
बिन मांगे सारे फल पाओ ॥ -
September 24, 2025 7:40 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
दोहा : दरबार तेरा दरबारों में, एक ख़ास एहमियत रखता है ।
उसको वैसा मिल जाता है, जो जैसी नियत रखता है ॥बड़ा प्यारा सजा है द्वार भवानी ।
भक्तों की लगी है कतार भवानी ॥ऊँचे पर्बत भवन निराला ।
आ के शीश निवावे संसार, भवानी ॥
प्यारा सजा है द्वार भवानी ॥जगमग जगमग ज्योत जगे है ।
तेरे चरणों में गंगा की धार, भवानी ॥
तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी ॥लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा ।
गले लाल फूलों के सोहे हार, भवानी ॥
प्यारा सजा है द्वार, भवानी ॥सावन महीना मैया झूला झूले ।
देखो रूप कंजको का धार भवानी ॥
प्यारा सजा है द्वार भवानी ॥पल में भरती झोली खाली ।
तेरे खुले दया के भण्डार, भवानी ॥
तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी ॥लक्खा को है तेरा सहारा माँ ।
करदे अपने सरल का बेडा पार, भवानी ॥
प्यारा सजा है द्वार भवानी ॥ -
September 24, 2025 6:37 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Navratri Aarti: जय अंबे गौरी...
नवरात्रि पर्व में सुबह-शाम मां अंबे की आरती जरूर की जाती है। इस आरती को करने से माता की असीम कृपा प्राप्त होती है।
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September 23, 2025 6:50 PM (IST) Posted by Arti Azad
लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में (Laal Pholon Ki Aayi Bahaar Maiya tere Mandir Mein)
लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....
फुल चढ़ाने को गणपति आए,
संग में अपने रिद्धि सिद्धि लाए,
होके मूषक सवार मैया तेरे मंदिर में,
लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....फुल चढ़ाने को विष्णु जी आए,
संग में अपने लक्ष्मी को लाए,
हो के गरुड़ सवार मैया तेरे मंदिर में,
लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....फुल चढ़ाने को विष्णु जी आए,
संग में अपने लक्ष्मी को लाए,
हो के गरुड़ सवार मैया तेरे मंदिर में,
लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....फुल चढ़ाने को शंकर जी आए,
संग में अपने गौरा माँ को लाए,
होके बैल सवार मैया तेरे मंदिर में,
लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....फुल चढाने को राम जी आए,
संग में अपने सीता माँ को लाए,
होके रथ पे सवार मैया तेरे मंदिर में,
लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में.....फुल चढ़ाने को कान्हा जी आए,
संग में अपने राधा को लाए,
होक मोर सवार मैया तेरे मंदिर में,
लाल फूलों की आई है बहार मैया तेरे मंदिर में..... -
September 23, 2025 5:41 PM (IST) Posted by Arti Azad
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे - भजन (Maiya ko Kaise Main Manaun Ree )
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
अम्बे न माने जगदम्बे ना माने,
काली न माने महाकाली ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊ रे,
मेरी मैया ना माने।।मैया को भाए ना रेशम की साड़ी,
मैया को भाए ना रेशम की साड़ी,
चुनरिया कहां से मैं लाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।।मैया को भाए ना ढोलक मंजीरा,
मैया को भाए ना ढोलक मंजीरा,
ढोल नगाड़े कहां से लाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।।मैया को भाए ना मेवा मिठाई,
मैया को भाए ना मेवा मिठाई,
चना, हलवा पूड़ी कहां से मंगवाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।।मैया को भाए ना बग्गी और घोड़ा,
मैया को भाए ना बग्गी और घोड़ा,
शेर कहाँ से मंगवाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने।अम्बे न माने जगदम्बे ना माने,
काली ना माने महाकाली ना माने,
मैया को कैसे मैं मनाऊं रे,
मेरी मैया ना माने... -
September 23, 2025 4:30 PM (IST) Posted by Arti Azad
तेरे दरबार में मैया खुशी मिलती है - भजन (Tere Darbar Me Maiya Khushi Milti Hai)
तेरी छाया मे, तेरे चरणों मे,
मगन हो बैठूं, तेरे भक्तो मे॥तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है,
जिंदगी मिलती है रोतों को हँसी मिलती है॥इक अजब सी मस्ती तन मन पे छाती है,
हर इक जुबां तेरे ओ मैया गीत गाती है,
बजते सितारों से मीठी पुकारो से,
गूंजे जहाँ सारा तेरे ऊँचे जयकारो से,
मस्ती मे झूमे तेरा दर चूमे,
तेरे चारो तरफ दुनिया ये घुमे,
ऐसी मस्ती भी भला क्या कहीं मिलती है,
तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है॥मेरी शेरों वाली माँ तेरी हर बात अच्छी है,
करनी की पूरी है माता मेरी सच्ची है,
सुख-दुख बँटाती है अपना बनाती है,
मुश्किल मे बच्चे को माँ ही काम आती है,
रक्षा करती है भक्त अपने की,
बात सच्ची करती उनके सपनो की,
सारी दुनिया की दौलत यही मिलती है,
तेरे दर बार मे मैया खुशी मिलती है॥रोता हुआ आये जो हँसता हुआ जाता है,
मन की मुरादो को वो पाता हुआ जाता है,
किस्मत के मारो को रोगी बीमारों को,
करदे भला चंगा मेरी माँ अपने दुलारौ को,
पाप कट जाये चरण छूने से,
महकती है दुनिया माँ धुने से,
फिर तो माँ ऐसी कभी क्या कहीं मिलती है,
तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है॥ -
September 23, 2025 3:48 PM (IST) Posted by Arti Azad
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए - भजन (Beta Jo Bulaye Bhajan)
मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिएहो मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
हो बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिएसुन लो ऐ माँ के प्यारो, तुम प्रेम से पुकारो
आएगी शेरावाली, जगदम्बे मेहरावाली
वो देर ना करेगी, झोली सदा भरेगी
पूरी करेगी आशा, मिट जायेगी निराशागिफ्ट बास्केटबिगड़े कर्म सवारे, भव से वो सब को तारे
बिगड़े कर्म सवारे, भव से वो सब को तारे
हो श्रद्धा और प्रेम से ध्याना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिएतिरलोक चंद राजा, था भक्त वो भी माँ का
जो बंदगी बिछायी संग खेले महामाई
देखा जो बूंद पानी, कहने लगा भवानी
पानी कहाँ से आया, कैसी रचाई माया
कैसा यह माजरा है, मेरा तो दिल डरा है
माँ इसका राज़ खोलो, अब कुछ तो मुह से बोलो
कहने लगी भवानी, ऐ मूल अज्ञानी
मुझ को ना आजमाओ, पानी को भूल जाओ
जिद्द ना करो ऐ राजा, कुछ तो डरो ऐ राजा
बोला वो अभिमानी, मैंने भी मन मे ठानी
के राज़ जान लूँगा, हर बात मान लूँगा
तब मैया बोली, राजा ना भूल जाना वादा
सच सच तो मै कहूँगी, फिर पास ना रहूंगी
सागर मे डोले नैया, मेरा भक्त बोले मैया
हर दम तुझे ध्याऊं, फिर भी मै डूब जाऊं
कश्ती बचाओ माता, श्रद्धा दिखाओ माता
मै उसकी भी तो माँ थी, यहाँ भी थी वहां भी
चंचल सूना कहानी, गायब हुई भवानीगिफ्ट बास्केटपछता रहा था राजा, चिल्ला रहा था राजा
पछता रहा था राजा, चिल्ला रहा था राजा
हो शक्ति को ना कभी आजमाना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
हो मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
हो बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए -
September 23, 2025 2:32 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Arji Sunkar Meri Maiya Ghar Mein Mere Aayi: अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई
अर्जी सुनकर मेरी मैया,
घर में मेरे आई,
झूम झूम के नाचूं मैं तो,
बाटूँ आज बधाई,
नाचूँ झूम झूम के,
गाऊं झूम झूम के ॥
सबसे पहले मैया रानी,
के मैं चरण धुलाऊँ,
माँ के पावों के कुमकुम को,
माथे अपने लगाऊं,
देख देख के जगदम्बे को,
अखियां भर भर आई,
झूम झूम के नाचूं मैं तो,
बाटूँ आज बधाई,
नाचूँ झूम झूम के,
गाऊं झूम झूम के ॥बिन दर्शन के मैया मेरा,
जीवन था अधुरा,
तेरे आने से मेरी मैया,
सपना हुआ है पूरा,
अपने गले लगाकर मुझको,
किरपा है बरसाई,
झूम झूम के नाचूं मैं तो,
बाटूँ आज बधाई,
नाचूँ झूम झूम के,
गाऊं झूम झूम के ॥छप्पन भोग छत्तीसो मेवा,
हाथों से खिलाऊँ,
मेहँदी लगाऊ चुनड़ी ओढाऊँ,
तेरा लाड़ लड़ाऊँ,
‘श्याम’ कहे इच्छा हुई पूरी,
माँ मेरी मनचाही,
झूम झूम के नाचूं मैं तो,
बाटूँ आज बधाई,
नाचूँ झूम झूम के,
गाऊं झूम झूम के ॥अर्जी सुनकर मेरी मैया,
घर में मेरे आई,
झूम झूम के नाचूं मैं तो,
बाटूँ आज बधाई,
नाचूँ झूम झूम के,
गाऊं झूम झूम के ॥ -
September 23, 2025 1:46 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Sher Pe Sawar Hoke Aaja Sherawaliye: शेर पे सवार होके, आजा शेरावालिये
- शेर पे सवार होके,
- आजा शेरावालिये,
- सोये हुए भाग्य,
- जगा जा शेरावालिये,
- शेरावालिये माँ ज्योतावालिये,
- शेरावालिये माँ लाटावालिये,
- शेर पे सवार होकें,
- आजा शेरावालिये ॥
- ज्योत माँ जगा के तेरी,
- आस ये लगाई है,
- जिनका ना कोई उनकी,
- तू ही माँ सहाई है,
- रौशनी अंधेरों में,
- दिखा जा शेरावालिये,
- शेर पे सवार होकें,
- आजा शेरावालिये,
- शेरावालिये माँ ज्योतावालिये,
- शेरावालिये माँ लाटावालिये,
- शेर पे सवार होकें,
- आजा शेरावालिये ॥
- रखियो माँ लाज इन,
- अखियों के तारों की,
- डूबने न पाए नैया,
- हम बेसहारो की,
- नैया को किनारे से,
- लगा जा शेरावालिये,
- शेर पे सवार होकें,
- आजा शेरावालिये,
- शेरावालिये माँ ज्योतावालिये,
- शेरावालिये माँ लाटावालिये,
- शेर पे सवार होकें,
- आजा शेरावालिये ॥
- सच्चे दिल से ध्यानु जी ने,
- जब था बुलाया माँ,
- कटा हुआ शीश तूने,
- घोड़े का लगाया माँ,
- भक्तों की आन को,
- बचा जा शेरावालिये,
- शेर पे सवार होकें,
- आजा शेरावालिये,
- शेरावालिये माँ ज्योतावालिये,
- शेरावालिये माँ लाटावालिये,
- शेर पे सवार होकें,
- आजा शेरावालिये ॥
- शेर पे सवार होके,
- आजा शेरावालिये,
- सोये हुए भाग्य,
- जगा जा शेरावालिये,
- शेरावालिये माँ ज्योतावालिये,
- शेरावालिये माँ लाटावालिये,
- शेर पे सवार होकें,
- आजा शेरावालिये ॥
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September 23, 2025 1:12 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambey: भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
- भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे,
- हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय माँ ।
- हे दरबारा वाली आरती जय माँ ।
- ओ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
- काहे दी मैया तेरी आरती बनावा,
- काहे दी पावां विच बाती,
- मंदिर विच आरती जय माँ ।
- सुहे चोलेयाँ वाली आरती जय माँ ।
- हे माँ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
- सर्व सोने दी आरती बनावा,
- अगर कपूर पावां बाती,
- मंदिर विच आरती जय माँ ।
- हे माँ पिंडी रानी आरती जय माँ ।
- हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
- कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया,
- कौन जागेगा सारी रात,
- मंदिर विच आरती जय माँ ।
- सच्चिया ज्योतां वाली आरती जय माँ ।
- हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
- सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी अम्बे,
- ज्योत जागेगी सारी रात,
- मंदिर विच आरती जय माँ ।
- हे माँ त्रिकुटा रानी आरती जय माँ ।
- हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
- जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा,
- जिस तेरा भवन बनाया,
- मंदिर विच आरती जय माँ ।
- हे मेरी अम्बे रानी आरती जय माँ ।
- हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
- सिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे,
- जो ध्यावे सो, यो फल पावे,
- रख बाणे दी लाज,
- मंदिर विच आरती जय माँ ।
- सोहनेया मंदिरां वाली आरती जय माँ ॥
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September 23, 2025 12:31 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
मां साडे वेहड़े आ गई मैं रज रज दर्शन पावां भजन लिरिक्स हिंदी में
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मां साडे वेहड़े आ गई
- मैं रज्ज रज्ज दर्शन पावां।
- मैं रज्ज रज्ज दर्शन पावां
- मैं रज्ज रज्ज दर्शन पावां।
- माँ साडे वेहड़े आ गई...
- मैं सुन्या माँ चिंतपूर्णी आई।
- माँ चिंता हरनी आ गई
- मैं माँ नूं हाल सुनावां।
- माँ साडे वेहड़े आ गई...
- मैं सुन्या मा नैणां देवी आई।
- माँ नैणां विच समा गई
- मैं रज्ज रज्ज दर्शन पावां।
- माँ साडे वेहड़े आ गई...
- मैं सुन्या माँ ज्वाला रानी आई।
- माँ सोहणी जोत जगा गई
- मैं चरणी सीस झुकावां।
- माँ साडे वेहड़े आ गई...
- मैं सुन्या मां भव तो तारदी।
- मेरा बेड़ा पार लगा गई
- मैं रज्ज रज्ज शुकर मनावां।
- माँ साडे वेहड़े आ गई...
- मैं सुन्या माँ झोलियाँ भरदी।
- अज मैं वी झोली फैला लई
- मैं झोली भर के जावां।
- माँ साडे वेहड़े आ गई...
- मैं सुन्या मा दुखड़े हरदी।
- मां दुखड़े हरने आ गई
- मैं रज्ज रज्ज दुखड़े सुनावां।
- माँ साडे वेहड़े आ गई...
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September 23, 2025 11:24 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे (Kabhi Fursat Ho To Jagdambe)
कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे,
निर्धन के घर भी आ जाना ।
जो रूखा सूखा दिया हमें,
कभी उस का भोग लगा जाना ॥
ना छत्र बना सका सोने का,
ना चुनरी घर मेरे टारों जड़ी ।
ना पेडे बर्फी मेवा है माँ,
बस श्रद्धा है नैन बिछाए खड़े ॥
इस श्रद्धा की रख लो लाज हे माँ,
इस विनती को ना ठुकरा जाना ।
जो रूखा सूखा दिया हमें,
कभी उस का भोग लगा जाना ॥कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे,
निर्धन के घर भी आ जाना ।जिस घर के दिए मे तेल नहीं,
वहां जोत जगाओं कैसे ।
मेरा खुद ही बिछौना डरती माँ,
तेरी चोंकी लगाऊं मै कैसे ॥
जहाँ मै बैठा वही बैठ के माँ,
बच्चों का दिल बहला जाना ।
जो रूखा सूखा दिया हमें,
कभी उस का भोग लगा जाना ॥कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे,
निर्धन के घर भी आ जाना ।तू भाग्य बनाने वाली है,
माँ मै तकदीर का मारा हूँ ।
हे दाती संभाल भिकारी को,
आखिर तेरी आँख का तारा हूँ ॥
मै दोषी तू निर्दोष है माँ,
मेरे दोषों को तूं भुला जाना ।
जो रूखा सूखा दिया हमें,
कभी उस का भोग लगा जाना ॥कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे,
निर्धन के घर भी आ जाना ।
जो रूखा सूखा दिया हमें,
कभी उस का भोग लगा जाना ॥ -
September 23, 2025 10:46 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिल्ली के प्रसिद्ध माता मंदिर (Top Famous Mata Temples In Delhi NCR)
- श्री कालकाजी मंदिर
- नई दिल्ली कालीबाड़ी
- पश्चिम दिल्ली कालीबाड़ी
- चित्तरंजन पार्क काली मंदिर
- संतोषी माता मंदिर
- छत्तरपुर मंदिर
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September 23, 2025 10:26 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Mata Ki Aarti: मां दुर्गा की आरती लिखित में
जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत,
हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥मांग सिंदूर विराजत,
टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना,
चंद्रवदन नीको ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥कनक समान कलेवर,
रक्ताम्बर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला,
कंठन पर साजै ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥केहरि वाहन राजत,
खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत,
तिनके दुखहारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥कानन कुण्डल शोभित,
नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर,
सम राजत ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥शुंभ-निशुंभ बिदारे,
महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना,
निशदिन मदमाती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥चण्ड-मुण्ड संहारे,
शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे,
सुर भयहीन करे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥ब्रह्माणी, रूद्राणी,
तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी,
तुम शिव पटरानी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥चौंसठ योगिनी मंगल गावत,
नृत्य करत भैरों ।
बाजत ताल मृदंगा,
अरू बाजत डमरू ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥तुम ही जग की माता,
तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुख हरता ।
सुख संपति करता ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥भुजा चार अति शोभित,
वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी]
मनवांछित फल पावत,
सेवत नर नारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥कंचन थाल विराजत,
अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत,
कोटि रतन ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥श्री अंबेजी की आरति,
जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी,
सुख-संपति पावे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी । -
September 23, 2025 9:31 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
मन लेके आया, माता रानी के भवन में (Man Leke Aaya Mata Rani Ke Bhawan Me)
मन लेके आया,
माता रानी के भवन में
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माती रानी के भवन में ।
॥ मन लेके आया...॥
जय जय माँ, अम्बे माँ,
जय जय माँ, जगदम्बे माँ
जय जय माँ, अम्बे माँ,
जय जय माँ, जगदम्बे माँमैं जानू वैष्णव माता,
तेरे ऊँचे भवन की माया,
भैरव पर क्रोध में आके,
माँ तूने त्रिशूल उठाया ।
वो पर्बत जहां पे तूने,
शक्ति का रूप दिखाया,
भक्तो ने वहीँ पे मैया,
तेरे नाम का भवन बनाया ॥
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माती रानी के भवन में ।
॥ मन लेके आया...॥
॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥तेरे तेज ने ज्वाला मैया,
जब उजियारा फैलाया,
शाह अकबर नंगे पैरों,
तेरे दरबार में आया ।
तेरी जगमग ज्योत के आगे,
श्रद्धा से शीश झुकाया,
तेरे भवन की शोभा देखी,
सोने का क्षत्र चढ़ाया ॥
बड़ा सुख पाया, बड़ा सुख पाया,
माती रानी के भवन में ।
॥ मन लेके आया...॥
॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥हे चिंतपूर्णी माता,
तेरी महिमा सबसे न्यारी,
दिए भाईदास को दर्शन,
तू भक्तो की है प्यारी ।
जो करे माँ तेरा चिंतन,
तू चिंता हर दे सारी,
तेरे भवन से झोली भरके,
जाते हैं सभी पुजारी ॥
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माती रानी के भवन में ।
॥ मन लेके आया...॥
॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥माँ नैना देवी तूने,
यह नाम भगत से पाया,
नैना गुज्जर को तूने,
सपने में दरश दिखाया ।
आदेश पे तेरे उसने,
तेरा मंदिर बनवाया,
जीवन भर बैठ भवन में,
माँ तेरा ही गुण गया ॥
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माती रानी के भवन में ।मन लेके आया,
माता रानी के भवन में
बड़ा सुख पाया,
बड़ा सुख पाया,
माती रानी के भवन में ।
भक्ति भारत लिरिक्सजय जय माँ, अम्बे माँ,
जय जय माँ, जगदम्बे माँ
जय जय माँ, अम्बे माँ,
जय जय माँ, जगदम्बे माँ -
September 23, 2025 9:00 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Maa Brahmacharini Ki Katha (मां ब्रह्मचारिणी की कथा)
सफेद वस्त्र धारण किये हुए मां ब्रह्मचारिणी के दो हाथों में से दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल है। इनकी पूजा से व्यक्ति के अंदर जप-तप की शक्ति बढ़ती है। मां ब्रह्मचारिणी अपने भक्तों को संदेश देती हैं कि परिश्रम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। कहते हैं नारद जी के उपदेश से मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए कठिन तपस्या की थी इसलिए इन्हें तपश्चारिणी भी कहा जाता है। मां ब्रह्मचारिणी कई हजार वर्षों तक जमीन पर गिरे बेलपत्रों को खाकर भगवान शंकर की आराधना करती रहीं और बाद में उन्होंने पत्तों को खाना भी छोड़ दिया, जिससे उनका एक नाम अपर्णा भी पड़ा। लिहाजा देवी मां हमें हर स्थिति में परिश्रम करने की और कभी भी हार न मानने की प्रेरणा देती हैं।
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September 23, 2025 8:26 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगाली (Leke Pooja Ki Thali Jyot Man Ki Jagali)
लेके पूजा की थाली
ज्योत मन की जगा ली
तेरी आरती उतारूँ
भोली माँ
तू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूँ
भोली माँ
ओ माँ.. ओ माँ..लेके पूजा की थाली
ज्योत मन की जगा ली
तेरी आरती उतारूँ
भोली माँतू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूँ
भोली माँ
ओ माँ.. ओ माँ..धूल तेरे चरणों की ले कर
माथे तिलक लगाया
हो.. धूल तेरे चरणों की ले कर
माथे तिलक लगाया
यही कामना लेकर मैया
द्वारे तेरे मैं आयारहूँ मैं तेरा हो के
तेरी सेवा में खो के
सारा जीवन गुजारूं
भोली माँतू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूँ
भोली माँ
ओ माँ.. ओ माँ..सफल हुआ ये जनम के मैं था
जन्मों से कंगाल
हो.. सफल हुआ ये जनम के मैं था
जन्मों से कंगाल
तूने भक्ति का धन देके
कर दिया मालामालरहे जब तक ये प्राण
करूं तेरा ही ध्यान
नाम तेरा पुकारूँ
भोली माँतू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूँ
भोली माँ
ओ माँ… ओ माँ…लेके पूजा की थाली
ज्योत मन की जगा ली
तेरी आरती उतारूँ
भोली माँतू जो दे दे सहारा
सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूँ
भोली माँ
ओ माँ.. ओ माँ… -
September 23, 2025 7:15 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
चलो बुलावा आया है लिरिक्स | Chalo Bulawa Aaya Hai Lyrics
॥दोहा॥
माता जिनको याद करे, वो लोग निराले होते हैं ।माता जिनका नाम पुकारे, किस्मत वाले होतें हैं ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने, दरबार लगाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का,
रास्ता देख रही है माता, अपने आंख के तारों का ।
मस्त हवाओं का एक झोखा, यह संदेशा लाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥ जय माता दी ॥
जय माता की कहते जाओ, आने जाने वालो को,
चलते जाओ तुम मत देखो, अपने पीछे वालों को ।
जिस ने जितना दर्द सहा है, उतना चैन भी पाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥ जय माता दी ॥
वैष्णो देवी के मन्दिर मे, लोग मुरादे पाते हैं,
रोते रोते आते है, हस्ते हस्ते जाते हैं ।
मैं भी मांग के देखूं, जिस ने जो माँगा वो पाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥ जय माता दी ॥
मैं तो भी एक माँ हूँ माता, माँ ही माँ को पहचाने ।
बेटे का दुःख क्या होता है, और कोई यह क्या जाने ।
उस का खून मे देखूं कैसे, जिसको दूध पिलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
प्रेम से बोलो, जय माता दी ॥ ओ सारे बोलो, जय माता दी ॥
वैष्णो रानी, जय माता दी ॥ अम्बे कल्याणी, जय माता दी ॥
माँ भोली भाली, जय माता दी ॥ माँ शेरों वाली, जय माता दी ॥
झोली भर देती, जय माता दी ॥ संकट हर लेती, जय माता दी ॥
ओ जय माता दी, जय माता दी ॥
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September 23, 2025 6:26 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवरात्रि माता रानी भजन
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September 22, 2025 6:50 PM (IST) Posted by Arti Azad
करती मेहरबानीयां- भजन (Maa Karti Meherbaniya)
सर को झुकालो
सर को झुकालो, शेरावाली को मनालो
चलो दर्शन पा लो चल के
करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानीयाँ
करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानीयाँगुफा के अन्दर, मन्दिर के अन्दर
माँ की ज्योतां है नुरानियाँ
सर को झुकालो, शेरावाली को मनालो
चलो दर्शन पा लो चल के
करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानीयाँ
करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानीयाँमैया की लीला, देखो पर्बत है नीला
मैया की लीला, देखो पर्बत है नीला
गरजे शेर छबीला रंग जिसका है पीला
गरजे शेर छबीला रंग जिसका है पीला
ओ रंगीलाकठिन चढाईयां, माँ सीढ़ियां लाइयाँ
ये है मैया की निशानियांसर को झुकालो, शेरावाली को मनालो
चलो दर्शन पा लो चल के
करती मेहरबानीयाँ, माँ करती मेहरबानीयाँ
हो करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानीयाँकष्टों को हरती, मैया मंगल है करती
कष्टों को हरती, मैया मंगल है करती
मैया शेरों वाली का दुनिया पानी है भरती
मैया शेरों वाली का दुनिया पानी है भरती
दुःख हरतीअजब नज़ारे माता के द्वारे
और रुत्ता मस्तानीयसर को झुकालो, शेरावाली को मनालो
चलो दर्शन पा लो चल के
करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानीयाँ
हो करती मेहरबानीयाँ, माँ करती मेहरबानीयाँकोढ़ी को काया, देवे निर्धन को माया
कोढ़ी को काया, देवे निर्धन को माया
करती आचल की छाया भिखारी बन के जो आया
करती आचल की छाया भिखारी बन के जो आया
चला चलमाँ के द्वारे कटे संकट सारे
मिट जाए परशानियाँ
सर को झुकालो, शेरावाली को मनालो
चलो दर्शन पा लो चल के
करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानीयाँ -
September 22, 2025 6:01 PM (IST) Posted by Arti Azad
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए - भजन (Beta Jo Bulaye Bhajan)
मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिएहो मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
हो बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिएसुन लो ऐ माँ के प्यारो, तुम प्रेम से पुकारो
आएगी शेरावाली, जगदम्बे मेहरावाली
वो देर ना करेगी, झोली सदा भरेगी
पूरी करेगी आशा, मिट जायेगी निराशागिफ्ट बास्केटबिगड़े कर्म सवारे, भव से वो सब को तारे
बिगड़े कर्म सवारे, भव से वो सब को तारे
हो श्रद्धा और प्रेम से ध्याना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिएतिरलोक चंद राजा, था भक्त वो भी माँ का
जो बंदगी बिछायी संग खेले महामाई
देखा जो बूंद पानी, कहने लगा भवानी
पानी कहाँ से आया, कैसी रचाई माया
कैसा यह माजरा है, मेरा तो दिल डरा है
माँ इसका राज़ खोलो, अब कुछ तो मुह से बोलो
कहने लगी भवानी, ऐ मूल अज्ञानी
मुझ को ना आजमाओ, पानी को भूल जाओ
जिद्द ना करो ऐ राजा, कुछ तो डरो ऐ राजा
बोला वो अभिमानी, मैंने भी मन मे ठानी
के राज़ जान लूँगा, हर बात मान लूँगा
तब मैया बोली, राजा ना भूल जाना वादा
सच सच तो मै कहूँगी, फिर पास ना रहूंगी
सागर मे डोले नैया, मेरा भक्त बोले मैया
हर दम तुझे ध्याऊं, फिर भी मै डूब जाऊं
कश्ती बचाओ माता, श्रद्धा दिखाओ माता
मै उसकी भी तो माँ थी, यहाँ भी थी वहां भी
चंचल सूना कहानी, गायब हुई भवानीगिफ्ट बास्केटपछता रहा था राजा, चिल्ला रहा था राजा
पछता रहा था राजा, चिल्ला रहा था राजा
हो शक्ति को ना कभी आजमाना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
हो मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
हो बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए -
September 22, 2025 5:01 PM (IST) Posted by Arti Azad
अमृत की बरसे बदरिया - भजन (Amrit Ki Barse Badariya)
जय हो
अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया
अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया
देखो अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया
अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरियादातुर मोर पपीहा बोले
दातुर मोर पपीहा बोले
पपीहा बोले, पपीहा बोले
पपीहा बोले, पपीहा बोलेदातुर मोर पपीहा बोले
कूके, कूके
कूके काली कोयलिया
अम्बे माँ की दुअरिया
कूके काली कोयलिया
अम्बे माँ की दुअरियाअमृत की बरसें बदरिया
ओये मेरी माँ की दुअरिया
अमृत की बरसें बदरिया
ओये मेरी माँ की दुअरियाशीश मुकुट कानों में कुण्डल
शीश मुकुट कानों में कुण्डल
शीश मुकुट कानों में कुण्डलसोवे, सोवे
सोवे लाल चुनरिया
अम्बे माँ की दुअरिया
सोवे लाल चुनरिया
अम्बे माँ की दुअरिया
अमृत की बरसें बदरिया
ओये मेरी माँ की दुअरिया
अमृत की बरसें बदरिया
मेरी माँ की दुअरियामाथे की बिन्दिया चम चम चमके
माथे की बिन्दिया चम चम चमके
चम-चम चमके चम-चम चमके
चम-चम चमके चम-चम चमकेमाथे की बिन्दिया चम चम चम चम चमके
जैसे, जैसे
जैसे गगन में बिजुरिया
अम्बे माँ की दुअरिया
जैसे गगन में बिजुरिया
अम्बे माँ की दुअरियाअमृत की बरसें बदरिया
ओये मेरी माँ की दुअरिया
अमृत की बरसें बदरिया
मेरी माँ की दुअरियासूरज चन्दा आरती उतारे
सूरज चन्दा आरती उतारे
सूरज चन्दा आरती उतारे
सूरज चन्दा आरती उतारेपवन, पवन
पवन बुहारे डगरिया
मेरी माँ माँ की दुअरिया
पवन बुहारे डगरिया
मेरी माँ माँ की दुअरियाअमृत की बरसें बदरिया
अम्बे माँ की दुअरिया
अमृत की बरसें बदरिया
अम्बे माँ की दुअरियाब्रम्हा बिष्णु शंकर नाचे
ब्रम्हा बिष्णु शंकर नाचे
शंकर नाचे भोला नाचे
शंकर नाचे भोला नाचेहोये ब्रम्हा बिष्णु शंकर नाचे
मोहन ,मोहन
मोहन बजाये बाँसुरिया
मेरी माँ की दुअरिया
मोहन बजाये बाँसुरिया
मेरी माँ की दुअरियाअमृत की बरसें बदरिया
मेरी माँ की दुअरिया
अमृत की बरसें बदरिया
मेरी माँ की दुअरियाओये प्रेम से बोलो, जय माता दी
ओये सारे बोलो, जय माता दी
ओये आते बोलो, जय माता दी
ओये जाते बोलो, जय माता दी
ओए कष्ट निवारे, जय माता दी
माँ पार उतारे, जय माता दी
मेरी माँ भोली, जय माता दी
भर देती झोली, जय माता दी
माँ जोड़े दर्पण, जय माता दी
माँ देदे दर्शन, जय माता दी
ओ जय माता दी, जय माता दी
जय माता दी, जय माता दी -
September 22, 2025 2:43 PM (IST) Posted by Arti Azad
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं - भजन (Meri Maa Ke Barabar Koi Nahi)
ऊँचा है भवन, ऊँचा मन्दिर
ऊँची है शान मईया तेरी
चरणों में झुके बादल भी तेरे
पर्वत पे लगे शैया तेरीहे कालरात्रि, हे कल्याणी
तेरा जोड़ धरा पर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
तेरी ममता से जो गहरा हो
ऐसा तो सागर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहींजैसे धारा और नदियां
जैसे फूल और बगिया
मेरे इतने ज़्यादा पास है तू
जब ना होगा तेरा आँचल
नैना मेरे होंगे जल-थल
जायेंगे कहाँ फिर मेरे आंसूदुःख दूर हुआ मेरा सारा
अंधियारों में चमका तारा
नाम तेरा जब भी है पुकारासूरज भी यहाँ है चंदा भी
तेरे जैसा उजागार कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहींहे कालरात्रि, हे कल्याणी
तेरा जोड़ धरा पर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहींतेरे मंदिरों में माई
मैंने ज्योत क्या जलायी
हो गया मेरे घर में उजाला
क्या बताऊँ तेरी माया
जब कभी मैं लड़खड़ाया
तूने 10 भुजाओं से सम्भालाखिल जाती है सूखी डाली
भर जाती है झोली खली
तेरी ही मेहर है मेहरवालीममता से तेरी बढ़के मईया
मेरी तो धरोहर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहींहे कालरात्रि, हे कल्याणी
तेरा जोड़ धरा पर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहींतेरी ममता से जो गहरा हो
ऐसा तो सागर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहीं
मेरी माँ के बराबर कोई नहींमेरी माँ, मेरी माँ
मेरी माँ, मेरी माँमेरी माँ के बराबर कोई नहीं
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September 22, 2025 1:41 PM (IST) Posted by Arti Azad
नन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा- भजन (Nanhe Nanhe Paon Mere Bhajan)
नन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरानन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरा
माँ फिर से पवन का तू रूप बना के
मुझे अपने द्वारे तू ले चल उड़ा केनन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरा
माँ फिर से पवन का तू रूप बना के
मुझे अपने द्वारे तू ले चल उड़ा केनन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरावैसे तो निकला था मैं आज अकेला
मिला मुझे राहों में दुनिया का मेला
भीड़ में सब के सब हैं तेरे दीवाने
मुझको तेरी धुन है ये कोई ना जानेसब के मन में माता तेरे दर्शन की अभिलाषा है
सब के मन में माता तेरे दर्शन की अभिलाषा है
तू सबकी जीवन आशा है
जय तेरी माँ, जय तेरी माँ
जय तेरी माँ, जय तेरी माँओ नन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
नन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरा
माँ फिर से पवन का तू रूप बना के
मुझे अपने द्वारे तू ले चल उड़ा केनन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरातेरी लगन की मैया है यही कहानी
भूख लगी है मुझको ना पिया है पानी
धूप लगी है छाँव तेरी राहों में
थके ना मेरे पाँव तेरी राहों मेंसबके मन में माता तेरे दर्शन की अभिलाषा है
सबके मन में माता तेरे दर्शन की अभिलाषा है
तू सबकी जीवन आशा है
जय तेरी माँ, जय तेरी माँ
जय तेरी माँ, जय तेरी माँओ नन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
नन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरा
माँ फिर से पवन का तू रूप बना के
मुझे अपने द्वारे तू ले चल उड़ा केनन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरानाम तेरा ले लेके मैं बढ़ता आया
रुके बिना पर्वत पे मैं चढ़ता आया
आ पहुँचा हूँ मैया मैं भवन पे तेरे
मिलके दूर ना होना नैनो से मेरेसबके मन में माता तेरे दर्शन की अभिलाषा है
सबके मन में माता तेरे दर्शन की अभिलाषा है
तू सबकी जीवन आशा है
जय तेरी माँ, जय तेरी माँ
जय तेरी माँ, जय तेरी माँओ नन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
नन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरा
माँ फिर से पवन का तू रूप बना के
मुझे अपने द्वारे तू ले चल उड़ा केनन्हे नन्हे पाँव मेरे ऊँचा पर्वत तेरा
देख कहीं मैं गिर ना जाऊँ हाथ पकड़ ले मेरा -
September 22, 2025 12:42 PM (IST) Posted by Arti Azad
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे- भजन (Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambe)
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
हो रही जय जय कार
मंदिर विच आरती जय माँ
हे दरबारा वाली आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँकाहे की मैया तेरी आरती बनावा
काहे की मैया तेरी आरती बनावा
काहे की पावां विच बाती
मंदिर विच आरती जय माँ
सुहे चोले वाली आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँसर्व सोने दी आरती बनावा
सर्व सोने दी आरती बनावा
अगर कपूर पावां बाती
मंदिर विच आरती जय माँ
हे माँ पिंडी रानी आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँकौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया
कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया
कौन जागेगा सारी रात
मंदिर विच आरती जय माँ
सच्चिया ज्योतां वाली आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँसर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी मैया
सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी मैया
ज्योत जागेगी सारी रात
मंदिर विच आरती जय माँ
हे माँ त्रिकुटा रानी आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँजुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा
जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा
जिस तेरा भवन बनाया
मंदिर विच आरती जय माँ
हे मेरी अम्बे रानी आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँसिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे
जो ध्यावे सो, यो फल पावे
रख बाणे दी लाज
मंदिर विच आरती जय माँ
सोहने मंदिरां वाली आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँभोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
हो रही जय जय कार
मंदिर विच आरती जय माँ
हे दरबारा वाली आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ
हे दरबारा वाली आरती जय माँ
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँआ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा- भजन(Aa Maa Aa Tujhe Dil Ne Pukara)
आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ।
दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ ॥
शेरांवाली, जोतांवाली, मेहरांवाली माँ ।
आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ॥
प्रेम से बोलो, जय माता दी ।
सारे बोलो, जय माता दी ।
मिल के बोलो, जय माता दी ।
फिर से बोलो, जय माता दी ।मैंने मन से तेरी पूजा की है सांझ सवेरे ।
मुझ को दर्शन दे के मैया, भाग जगा दे मेरे ।
मैंने मन से तेरी पूजा की है सांझ सवेरे ।
मुझ को दर्शन दे के मैया, भाग जगा दे मेरे ।
मैया मैया बोले मेरा, मन एक तारा माँ ॥
॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा…॥गिफ्ट बास्केटतूने ही पाला है मुझको, तू ही मुझे संभाले ।
तूने ही मेरे जीवन मे, पल पल किये उजाले ।
तूने ही पाला है मुझको, तू ही मुझे संभाले ।
तूने ही मेरे जीवन मे, पल पल किये उजाले ।
चरणों मे तेरे मैंने, तन मन वारा माँ ॥
॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा…॥मान ले मेरी विनती मैया, एक झलक दिखला दे ।
रूप की शीतल किरणों से नयनो के द्वार सजा दे ।
मान ले मेरी विनती मैया, एक झलक दिखला दे ।
रूप की शीतल किरणों से नयनो के द्वार सजा दे ।
नो को रूप तेरा लगता है प्यारा माँ ॥
॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा…॥जय माता दी, जय माता दी ।
कष्ट निवारे, शेरों वाली ।
पार लगादे, शेरों वाली ।
है दुःख हरनी, शेरों वाली ।
बिगड़ी बना दे, शेरों वाली ।प्रेम से बोलो, जय माता दी ।
सारे बोलो, जय माता दी ।
जोर से बोलो, जय माता दी । -
September 22, 2025 11:36 AM (IST) Posted by Arti Azad
आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा- भजन (Aa Maa Aa Tujhe Dil Ne Pukara)
आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ।
दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ ॥
शेरांवाली, जोतांवाली, मेहरांवाली माँ ।
आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ॥
प्रेम से बोलो, जय माता दी ।
सारे बोलो, जय माता दी ।
मिल के बोलो, जय माता दी ।
फिर से बोलो, जय माता दी ।मैंने मन से तेरी पूजा की है सांझ सवेरे ।
मुझ को दर्शन दे के मैया, भाग जगा दे मेरे ।
मैंने मन से तेरी पूजा की है सांझ सवेरे ।
मुझ को दर्शन दे के मैया, भाग जगा दे मेरे ।
मैया मैया बोले मेरा, मन एक तारा माँ ॥
॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा…॥गिफ्ट बास्केटतूने ही पाला है मुझको, तू ही मुझे संभाले ।
तूने ही मेरे जीवन मे, पल पल किये उजाले ।
तूने ही पाला है मुझको, तू ही मुझे संभाले ।
तूने ही मेरे जीवन मे, पल पल किये उजाले ।
चरणों मे तेरे मैंने, तन मन वारा माँ ॥
॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा…॥मान ले मेरी विनती मैया, एक झलक दिखला दे ।
रूप की शीतल किरणों से नयनो के द्वार सजा दे ।
मान ले मेरी विनती मैया, एक झलक दिखला दे ।
रूप की शीतल किरणों से नयनो के द्वार सजा दे ।
नो को रूप तेरा लगता है प्यारा माँ ॥
॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा…॥जय माता दी, जय माता दी ।
कष्ट निवारे, शेरों वाली ।
पार लगादे, शेरों वाली ।
है दुःख हरनी, शेरों वाली ।
बिगड़ी बना दे, शेरों वाली ।प्रेम से बोलो, जय माता दी ।
सारे बोलो, जय माता दी ।
जोर से बोलो, जय माता दी । -
September 22, 2025 10:48 AM (IST) Posted by Arti Azad
मैं बालक तू माता शेरां वालिए- भजन (Main Balak Tu Mata Sheranwaliye)
मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
है अटूट ये नाता शेरां वालिए हो हो,
मैं बालक तू माता शेरां वालिए
है अटूट ये नाता शेरां वालिए
है अटूट ये नाता शेरां वालिए हो हो,
मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
है अटूट ये नाता शेरां वालिए,
शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ,मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
है अटूट ये नाता शेरां वालिए हो हो,
मैं बालक तू माता शेरां वालिए
है अटूट ये नाता शेरां वालिएतेरी ममता मिली है मुझको,
तेरा प्यार मिला है,
तेरे आँचल की छाया में,
मन का फूल खिला है,
तुने बुद्धि, तुने साहस,
तुने बुद्धि, तुने साहस तुने ज्ञान दिया,
मस्तक ऊँचा करके जीने के वरदान दिया माँ,
तू है भाग्य विधाता शेरां वालिए,
मैं बालक तू माता शेरा वालिए,
शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ,
मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
है अटूट ये नाता शेरां वालिए,गिफ्ट बास्केटजब से दो नैनो में तेरी पावन ज्योत समायी,
मंदिर-मंदिर तेरी मूरत देने लगी दिखाई,
ऊँचे पर्वत पर मैंने भी डाल दिया है डेरा,
निस दिन करे जो तेरी सेवा मैं वो दास हूँ तेरा,
रहूँ तेरे गुण गाता शेरां वालिए,
मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ,मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
है अटूट ये नाता शेरां वालिए हो हो,
मैं बालक तू माता शेरा वालिए,
है अटूट ये नाता शेरा वालिए,
जय शेरावाली, जय भवनावाली,
जय मेहरावाली जय ज्योतांवाली, -
September 22, 2025 10:12 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई - भजन (Arji Sunkar Meri Maiya Ghar Mein Mere Aayi)
- अर्जी सुनकर मेरी मैया,
- घर में मेरे आई,
- झूम झूम के नाचूं मैं तो,
- बाटूँ आज बधाई,
- नाचूँ झूम झूम के,
- गाऊं झूम झूम के ॥
- सबसे पहले मैया रानी,
- के मैं चरण धुलाऊँ,
- माँ के पावों के कुमकुम को,
- माथे अपने लगाऊं,
- देख देख के जगदम्बे को,
- अखियां भर भर आई,
- झूम झूम के नाचूं मैं तो,
- बाटूँ आज बधाई,
- नाचूँ झूम झूम के,
- गाऊं झूम झूम के ॥
- बिन दर्शन के मैया मेरा,
- जीवन था अधुरा,
- तेरे आने से मेरी मैया,
- सपना हुआ है पूरा,
- अपने गले लगाकर मुझको,
- किरपा है बरसाई,
- झूम झूम के नाचूं मैं तो,
- बाटूँ आज बधाई,
- नाचूँ झूम झूम के,
- गाऊं झूम झूम के ॥
- छप्पन भोग छत्तीसो मेवा,
- हाथों से खिलाऊँ,
- मेहँदी लगाऊ चुनड़ी ओढाऊँ,
- तेरा लाड़ लड़ाऊँ,
- ‘श्याम’ कहे इच्छा हुई पूरी,
- माँ मेरी मनचाही,
- झूम झूम के नाचूं मैं तो,
- बाटूँ आज बधाई,
- नाचूँ झूम झूम के,
- गाऊं झूम झूम के ॥
- अर्जी सुनकर मेरी मैया,
- घर में मेरे आई,
- झूम झूम के नाचूं मैं तो,
- बाटूँ आज बधाई,
- नाचूँ झूम झूम के,
- गाऊं झूम झूम के ॥
-
September 22, 2025 9:37 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
मैया अब हमको भी तारो: भजन (Maiya Ab Humko Bhi Taro )
तारा है सारा जमाना,
मैया अब हमको भी तारो,
हमको भी तारो मैया हमको भी तारो,
चरणों में दे दो ठिकाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो ॥
हमने सुना है तुमने ध्यानु को तारा,
हमने सुना है तुमने ध्यानु को तारा,
शीश का करके बहाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो,
तारा है सारा जमाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो ॥हमने सुना है तुमने श्रीधर को तारा,
हमने सुना है तुमने श्रीधर को तारा,
कन्या का करके बहाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो,
तारा है सारा जमाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो ॥हमने सुना है तुमने भैरव को तारा,
हमने सुना है तुमने भैरव को तारा,
पर्वत का करके बहाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो,
तारा है सारा जमाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो ॥हमने सुना है तुमने लाखों को तारा,
हमने सुना है तुमने लाखों को तारा,
मेरी भी लाज बचाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो,
तारा है सारा जमाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो ॥तारा है सारा जमाना,
मैया अब हमको भी तारो,
हमको भी तारो मैया हमको भी तारो,
चरणों में दे दो ठिकाना,
ओ मईया अब हमको भी तारो ॥ -
September 22, 2025 8:56 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
म्हाने शेरोवाली मैया, राज रानी लागे: भजन (Mhane Sherawali Maiya Rajrani Laage)
म्हाने प्राणा सु भी प्यारी,
माता रानी लागे,
माता रानी लागे,
म्हाने शेरोवाली मैया,
राज रानी लागे ॥
हाथां ले त्रिशूल भवानी,
सिंह पे चढ़ के आई,
घर में म्हारे आकर मैया,
म्हारो मान बढाई,
म्हापे हुकुम चलावे,
माँ धिरानी लागे,
म्हाने शेरावाली मैया,
राज रानी लागे ॥थारा चरण पड्या तो मैया,
खुल गई क़िस्मत म्हारी,
‘हर्ष’ कवे माँ टाबरिया पे,
हो गई किरपा भारी,
थारी म्हारी मैया प्रीत,
पुराणी लागे पुराणी लागे,
म्हाने शेरावाली मैया,
राज रानी लागे ॥म्हाने प्राणा सु भी प्यारी,
माता रानी लागे,
माता रानी लागे,
म्हाने शेरोवाली मैया,
राज रानी लागे ॥ -
September 22, 2025 8:22 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
माँ के दिल जैसा, दुनिया में कोई दिल नहीं: भजन (Maa Ke Dil Jaisa Duniya Mein Koi Dil Nahi)
- इससे बढ़ के कोई शय भी,
- कोमल नहीं,
- माँ के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- माँ के भक्तजनों थाम के दिल सुनों,
- माँ के दिल की कहानी सुनाता हूँ मैं,
- पीड़ा दुःख से घिरी आसुओं से भरी,
- सच्ची ममता के दर्शन करता हूँ मैं,
- सच्ची ममता के दर्शन करता हूँ मैं,
- दुखिया एक नारी थी भाग्य की मारी थी,
- सुखदेवी था नाम पर सुख ना मिला,
- उसके सिन्दूर को बिंदिया के नूर को,
- हाय ज़ालिम मुक़दार ने छीन था लिया,
- एक नूरे-नज़र प्यार लख्ते जिगर,
- उसकी ममता की छाँव में पलता रहा,
- माँ की ऊँगली पकड़ चलके इधर उधर,
- कभी गिरता कभी वो संभलता रहा,
- माँ को रहता था डर कोई लगे ना नज़र,
- काला गाल पे टीका लगाती थी वो,
- हो के बस प्यार के मिर्चो को वार के,
- जलते चूल्हे मे निसदिन गिराती थी वो,
- उसे आँखों से करती वो ओझल नहीं,
- उसे आँखों से करती वो ओझल नहीं,
- मां के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- कपड़े सी सी के वो आंसू पी पी के वो,
- अपने बेटे पे खुशियाँ लूटाती रही,
- अबला की बेबसी करके फाकाकशी,
- भूखी खुद रह के उसको खिलाती रही,
- दिन गुज़रते रहे रो रो कटते रहे,
- कभी बच्चे को गम ना था करने दिया,
- चाहे लाचार थी दुःख से दो चार थी,
- साया दुखो का उसपे ना पड़ने दिया,
- मन में था हौसला कल को हो के बड़ा,
- मेरे कदमो में खुशियां बीछा देगा ये,
- अच्छे दिन आएंगे दूर गम जाएंगे,
- मेरे कांटो को कलियाँ बना देगा ये,
- अम्बे मैया के दर उसका करने शुकर,
- साथ बेटे के एक दिन जाउंगी मैं,
- घर में आए बहु परियों सी हूबहू,
- मांग मन्नत भवानी से आऊंगी मैं,
- दूर मुझसे मेरी अब तो मंज़िल नहीं,
- दूर मुझसे मेरी अब तो मंज़िल नहीं
- मां के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- दे के ममता दुलार चाव कर बेशुमार,
- रोज़ सपने ही सपने संजोती रही,
- कभी मुँह चुमती उस को ले झूमती,
- चाहे परदे में निशदिन ही रोती रही,
- तारा आँखों का वो माँ का प्यारा था जो,
- वक्त के साथ एक दिन बड़ा हो गया,
- माँ के बलिदान की कोई कदर ना रही,
- बुरी संगत की दलदल में वो खो गया,
- एैबो से घिर गया इस कदर गिर गया,
- गालियाँ तक था माँ को सुनाने लगा,
- मेहनतो का जो धन एक चंडाल बन,
- बेहयाई से वो था लुटाने लगा,
- मैया रोती रही आहे भरी रही,
- हाय सोचा था क्या और क्या हो गया,
- सपना टुटा है क्यों भाग्य फुटा है क्यों,
- क्यों भलाइयों का बदला बुरा हो गया,
- चाह जो था हुआ उस को हासिल नही
- मां के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- वो दुराचारी बन हो गया बदचलन,
- फंस गया गलत लड़की के प्रेम जाल में,
- जितना चिल्लाती माँ उसको समझती माँ,
- उतना ज्यादा वो डूब था जंजाल में,
- रोज लड़की से मिल उसका कहता था दिल,
- तुझ से शादी रचाने को जी चाहता,
- तुझे दुल्हन बना डोली में बिठा,
- घर अपने ले जाने को जी चाहता,
- तेरे सर की कसम मेरे प्यारे सनम,
- तेरे बिन अब तो मुझ से जिया जाए ना,
- तुम को जो करूँ तुझपे जा वार दूँ,
- पर जुदाई का विष ये पिया जाये ना
- लड़की ने कहा गर मुझसे वफ़ा,
- दिल अपनी तू माँ के मुझे ला के दे,
- जो तू इतना करे मेरा वादा है ये,
- तो मई जाउंगी शान से घर में तेरे,
- बड़ा आसान है काम मुश्किल नहीं
- मां के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- अँधा हो प्यार में झूठे ऐतबार में,
- हाय लेके छुरी अपने घर आ गया,
- माँ को कुछ ना पता होने वाला है क्या,
- बेटा ढाने को क्या है कहर आ गया,
- माँ ने रोज़ की तरह खाना लाके दिया,
- और सौ सौ दुआए भी देने लगी,
- लाल समझो मेरे सदके जाऊं तेरे,
- सच्ची ममता बलाएं थी लेने लगी,
- बता शैतान था हुआ हैवान था,
- झूठी उल्फत माँ की खुशी जल गयी,
- जन्म जिसने दिया दूध जिसका पिया,
- उसके दिल पे ही उसकी छुरी चल गयी,
- खून माँ का पियो बेटा जुग जुग जियो,
- तेरी हरकत से माता का मन खिल गया,
- मरते मरते यही माँ ने आवाज दी,
- मेरी ममता का मुझको सीला मिल गया,
- अपने कातिल को समझे जो कातिल नहीं
- मां के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- बेहया बेरहम करके ऐसा करम,
- भागा लड़की के घर था चला जा रहा,
- जो था वादा किया वो निभा है दिया,
- अपनी मक्कारी पर था वो इतरा रहा,
- चलते चलते तभी उसको ठोकर लगी,
- और धरती पे मुँह के वो बल गिर गया,
- हाथो से फिसल गया माँ का वो दिल,
- इतना माँ की दुआओ का फल गिर गया,
- बोला माता का दिल मेरे लाल संभल,
- कोई तेरी वफ़ा में खोंट तो नहीं,
- तेरा होए रे भला मुझे सच सच बता
- कही तुझ को लगी कोई चोंट तो नहीं,
- मेरे दिल को उठा दिल को दिल से लगा,
- इस दिल में बड़ा प्यार तेरे लिए,
- दिल हरदम मेरा देता दिल से दुआ,
- दिल ये कुर्बान सौ बार तेरे लिए,
- माँ रहम दिल है तुझ जैसी संगदिल नहीं,
- मां के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- लेके थोड़ा सा दम बेअकल बेशरम,
- दिल माँ का उठा के चला वो गया,
- खूंखार वो पशु डाल माँ का लहू,
- करना रौशन वो चाहे वफ़ा का दिया,
- प्रेमिका के वो घर फक्र से पहुंचकर,
- बोला माँ का मैं दिल ये लाया मेरी जान,
- इस जहाँ में कही कोई मुझसा नहीं,
- मैंने कर लिया पास ये इम्तेहान,
- पागलपन देखकर बोली वो चीखकर,
- अरे वहशी दरिंदे ये क्या कर दिया,
- धरती फट जाएगी प्रलय आ जाएगी,
- तूने ममता को जग में तबाह कर दिया
- तेरे जैसे अगर हुए और भी बशर,
- माँ बेटो को देगी जनम ना कभी,
- रोना आता मुझे लाख लानत तुझे,
- मेरे घर से ओ जालिम निकल जा अभी,
- तू मेरे प्यार के अब तो काबिल नहीं
- मां के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- उसकी फटकार से लानतों की मार से,
- सर पिट के कलंकी वो रोने लगा,
- मैंने क्या कर दिया खून माँ का किया,
- अपने किये पे शर्मसार होने लगा,
- माँ का दिल देखकर माथे को टेककर,
- बोला हे जननी मैया मुझे माफ़ कर,
- मैं हूँ पापी बड़ा सर झुकाए खड़ा,
- हो सके तो ये चोला मेरा साफ़ कर,
- अब मैं जाऊं कहाँ मुँह छुपाऊ कहाँ,
- मैंने खुद को गुनाहों में गर्क कर लिया,
- तू तो निर्दोष माँ तुझसा कोई कहाँ,
- मैंने जीवन ये अपना नरक कर लिया,
- जो किया सोच कर बालो को नोच कर,
- वो जमी पे था सर को पटकने लगा,
- लोग धिक्कारते पत्थर भी मारते,
- वो पागल हो दर दर भटकने लगा,
- सभी कहते ये माफ़ी के काबिल नहीं
- माँ के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- बेड़ियो में जकड़ पुलिस ले गयी पकड़,
- मौत सामने खड़ी देख वो डर गया,
- खौफ इतना बढ़ जो वो सह ना सका,
- पागल खाने में रो रो के वो मर गया,
- माँ के भक्तो सुनो इससे कुछ सबक लो,
- दिल भूले से माँ का दुखाना नहीं,
- ये समझ लो सभी माँ ने आह जो भरी,
- लोक परलोक कही भी ठिकाना नहीं,
- अम्बे माँ के भवन पीछे रखना कदम,
- पहले घर बैठी माँ के चरण चुम लो,
- उसकी आशीष ले ममता चुनरी तले,
- सच्ची जन्नत के करके दरश झूम लो,
- घर में भूखी है माँ बहार लंगर लगा,
- ऐसे इंसा कभी बक्शे जाते नहीं,
- माँ को पीड़ा से भर जा के दाती के दर,
- शेरोवाली का वो प्यार पाते नहीं,
- माँ सा निर्दोष गुरु कोई कामिल नहीं,
- माँ के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
- इससे बढ़ के कोई शय भी,
- कोमल नहीं,
- माँ के दिल जैसा,
- दुनिया में कोई दिल नहीं,
- माँ का दिल, माँ का दिल,
- माँ का दिल, माँ का दिल ॥
-
September 22, 2025 7:58 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
मन लेके आया, माता रानी के भवन में - भजन (Bhajan: Man Leke Aaya Mata Rani Ke Bhawan Me)
- मन लेके आया,
- माता रानी के भवन में
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- ॥ मन लेके आया...॥
- जय जय माँ, अम्बे माँ,
- जय जय माँ, जगदम्बे माँ
- जय जय माँ, अम्बे माँ,
- जय जय माँ, जगदम्बे माँ
- मैं जानू वैष्णव माता,
- तेरे ऊँचे भवन की माया,
- भैरव पर क्रोध में आके,
- माँ तूने त्रिशूल उठाया ।
- वो पर्बत जहां पे तूने,
- शक्ति का रूप दिखाया,
- भक्तो ने वहीँ पे मैया,
- तेरे नाम का भवन बनाया ॥
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- ॥ मन लेके आया...॥
- ॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥
- तेरे तेज ने ज्वाला मैया,
- जब उजियारा फैलाया,
- शाह अकबर नंगे पैरों,
- तेरे दरबार में आया ।
- तेरी जगमग ज्योत के आगे,
- श्रद्धा से शीश झुकाया,
- तेरे भवन की शोभा देखी,
- सोने का क्षत्र चढ़ाया ॥
- बड़ा सुख पाया, बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- ॥ मन लेके आया...॥
- ॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥
- हे चिंतपूर्णी माता,
- तेरी महिमा सबसे न्यारी,
- दिए भाईदास को दर्शन,
- तू भक्तो की है प्यारी ।
- जो करे माँ तेरा चिंतन,
- तू चिंता हर दे सारी,
- तेरे भवन से झोली भरके,
- जाते हैं सभी पुजारी ॥
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- ॥ मन लेके आया...॥
- ॥ जय जय माँ, अम्बे माँ...॥
- माँ नैना देवी तूने,
- यह नाम भगत से पाया,
- नैना गुज्जर को तूने,
- सपने में दरश दिखाया ।
- आदेश पे तेरे उसने,
- तेरा मंदिर बनवाया,
- जीवन भर बैठ भवन में,
- माँ तेरा ही गुण गया ॥
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- मन लेके आया,
- माता रानी के भवन में
- बड़ा सुख पाया,
- बड़ा सुख पाया,
- माती रानी के भवन में ।
- जय जय माँ, अम्बे माँ,
- जय जय माँ, जगदम्बे माँ
- जय जय माँ, अम्बे माँ,
- जय जय माँ, जगदम्बे माँ
-
September 22, 2025 7:17 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa)
- नमो नमो दुर्गे सुख करनी ।
- नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥
- निरंकार है ज्योति तुम्हारी ।
- तिहूँ लोक फैली उजियारी ॥
- शशि ललाट मुख महाविशाला ।
- नेत्र लाल भृकुटि विकराला ॥
- रूप मातु को अधिक सुहावे ।
- दरश करत जन अति सुख पावे ॥
- तुम संसार शक्ति लै कीना ।
- पालन हेतु अन्न धन दीना ॥
- अन्नपूर्णा हुई जग पाला ।
- तुम ही आदि सुन्दरी बाला ॥
- प्रलयकाल सब नाशन हारी ।
- तुम गौरी शिवशंकर प्यारी ॥
- शिव योगी तुम्हरे गुण गावें ।
- ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें ॥
- रूप सरस्वती को तुम धारा ।
- दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा ॥
- धरयो रूप नरसिंह को अम्बा ।
- परगट भई फाड़कर खम्बा ॥10॥
- रक्षा करि प्रह्लाद बचायो ।
- हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो ॥
- लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं ।
- श्री नारायण अंग समाहीं ॥
- क्षीरसिन्धु में करत विलासा ।
- दयासिन्धु दीजै मन आसा ॥
- हिंगलाज में तुम्हीं भवानी ।
- महिमा अमित न जात बखानी ॥
- मातंगी अरु धूमावति माता ।
- भुवनेश्वरी बगला सुख दाता ॥
- श्री भैरव तारा जग तारिणी ।
- छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी ॥
- केहरि वाहन सोह भवानी ।
- लांगुर वीर चलत अगवानी ॥
- कर में खप्पर खड्ग विराजै ।
- जाको देख काल डर भाजै ॥
- सोहै अस्त्र और त्रिशूला ।
- जाते उठत शत्रु हिय शूला ॥
- नगरकोट में तुम्हीं विराजत ।
- तिहुँलोक में डंका बाजत ॥20॥
- शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे ।
- रक्तबीज शंखन संहारे ॥
- महिषासुर नृप अति अभिमानी ।
- जेहि अघ भार मही अकुलानी ॥
- रूप कराल कालिका धारा ।
- सेन सहित तुम तिहि संहारा ॥
- परी गाढ़ सन्तन पर जब जब ।
- भई सहाय मातु तुम तब तब ॥
- अमरपुरी अरु बासव लोका ।
- तब महिमा सब रहें अशोका ॥
- ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी ।
- तुम्हें सदा पूजें नरनारी ॥
- प्रेम भक्ति से जो यश गावें ।
- दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें ॥
- ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई ।
- जन्ममरण ताकौ छुटि जाई ॥
- जोगी सुर मुनि कहत पुकारी ।
- योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी ॥
- शंकर आचारज तप कीनो ।
- काम अरु क्रोध जीति सब लीनो ॥30
- निशिदिन ध्यान धरो शंकर को ।
- काहु काल नहिं सुमिरो तुमको ॥
- शक्ति रूप का मरम न पायो ।
- शक्ति गई तब मन पछितायो ॥
- शरणागत हुई कीर्ति बखानी ।
- जय जय जय जगदम्ब भवानी ॥
- भई प्रसन्न आदि जगदम्बा ।
- दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा ॥
- मोको मातु कष्ट अति घेरो ।
- तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो ॥
- आशा तृष्णा निपट सतावें ।
- मोह मदादिक सब बिनशावें ॥
- शत्रु नाश कीजै महारानी ।
- सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी ॥
- करो कृपा हे मातु दयाला ।
- ऋद्धिसिद्धि दै करहु निहाला ॥
- जब लगि जिऊँ दया फल पाऊँ ।
- तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊँ ॥
- श्री दुर्गा चालीसा जो कोई गावै ।
- सब सुख भोग परमपद पावै ॥40
- देवीदास शरण निज जानी ।
- कहु कृपा जगदम्ब भवानी ॥
- ॥दोहा॥
- शरणागत रक्षा करे,
- भक्त रहे नि:शंक ।
- मैं आया तेरी शरण में,
- मातु लिजिये अंक ॥
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September 22, 2025 6:47 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि (Mahishasura Mardini Stotram - Aigiri Nandini)
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।
भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १ ॥
सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते
त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते
दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २ ॥अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रियवासिनि हासरते
शिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमलय शृङ्गनिजालय मध्यगते ।
मधुमधुरे मधुकैटभगञ्जिनि कैटभभञ्जिनि रासरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ३ ॥अयि शतखण्ड विखण्डितरुण्ड वितुण्डितशुण्द गजाधिपते
रिपुगजगण्ड विदारणचण्ड पराक्रमशुण्ड मृगाधिपते ।
निजभुजदण्ड निपातितखण्ड विपातितमुण्ड भटाधिपते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ४ ॥अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभृते
चतुरविचार धुरीणमहाशिव दूतकृत प्रमथाधिपते ।
दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदुत कृतान्तमते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ५ ॥अयि शरणागत वैरिवधुवर वीरवराभय दायकरे
त्रिभुवनमस्तक शुलविरोधि शिरोऽधिकृतामल शुलकरे ।
दुमिदुमितामर धुन्दुभिनादमहोमुखरीकृत दिङ्मकरे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ६ ॥अयि निजहुङ्कृति मात्रनिराकृत धूम्रविलोचन धूम्रशते
समरविशोषित शोणितबीज समुद्भवशोणित बीजलते ।
शिवशिवशुम्भ निशुम्भमहाहव तर्पितभूत पिशाचरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ७ ॥धनुरनुषङ्ग रणक्षणसङ्ग परिस्फुरदङ्ग नटत्कटके
कनकपिशङ्ग पृषत्कनिषङ्ग रसद्भटशृङ्ग हताबटुके ।
कृतचतुरङ्ग बलक्षितिरङ्ग घटद्बहुरङ्ग रटद्बटुके
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ८ ॥सुरललना ततथेयि तथेयि कृताभिनयोदर नृत्यरते
कृत कुकुथः कुकुथो गडदादिकताल कुतूहल गानरते ।
धुधुकुट धुक्कुट धिंधिमित ध्वनि धीर मृदंग निनादरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ९ ॥जय जय जप्य जयेजयशब्द परस्तुति तत्परविश्वनुते
झणझणझिञ्झिमि झिङ्कृत नूपुरशिञ्जितमोहित भूतपते ।
नटित नटार्ध नटी नट नायक नाटितनाट्य सुगानरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १० ॥अयि सुमनःसुमनःसुमनः सुमनःसुमनोहरकान्तियुते
श्रितरजनी रजनीरजनी रजनीरजनी करवक्त्रवृते ।
सुनयनविभ्रमर भ्रमरभ्रमर भ्रमरभ्रमराधिपते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ११ ॥सहितमहाहव मल्लमतल्लिक मल्लितरल्लक मल्लरते
विरचितवल्लिक पल्लिकमल्लिक झिल्लिकभिल्लिक वर्गवृते ।
शितकृतफुल्ल समुल्लसितारुण तल्लजपल्लव सल्ललिते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १२ ॥अविरलगण्ड गलन्मदमेदुर मत्तमतङ्ग जराजपते
त्रिभुवनभुषण भूतकलानिधि रूपपयोनिधि राजसुते ।
अयि सुदतीजन लालसमानस मोहन मन्मथराजसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १३ ॥कमलदलामल कोमलकान्ति कलाकलितामल भाललते
सकलविलास कलानिलयक्रम केलिचलत्कल हंसकुले ।
अलिकुलसङ्कुल कुवलयमण्डल मौलिमिलद्बकुलालिकुले
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १४ ॥करमुरलीरव वीजितकूजित लज्जितकोकिल मञ्जुमते
मिलितपुलिन्द मनोहरगुञ्जित रञ्जितशैल निकुञ्जगते ।
निजगणभूत महाशबरीगण सद्गुणसम्भृत केलितले
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १५ ॥कटितटपीत दुकूलविचित्र मयुखतिरस्कृत चन्द्ररुचे
प्रणतसुरासुर मौलिमणिस्फुर दंशुलसन्नख चन्द्ररुचे
जितकनकाचल मौलिमदोर्जित निर्भरकुञ्जर कुम्भकुचे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १६ ॥विजितसहस्रकरैक सहस्रकरैक सहस्रकरैकनुते
कृतसुरतारक सङ्गरतारक सङ्गरतारक सूनुसुते ।
सुरथसमाधि समानसमाधि समाधिसमाधि सुजातरते ।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १७ ॥पदकमलं करुणानिलये वरिवस्यति योऽनुदिनं सुशिवे
अयि कमले कमलानिलये कमलानिलयः स कथं न भवेत् ।
तव पदमेव परम्पदमित्यनुशीलयतो मम किं न शिवे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १८ ॥कनकलसत्कलसिन्धुजलैरनुषिञ्चति तेगुणरङ्गभुवम्
भजति स किं न शचीकुचकुम्भतटीपरिरम्भसुखानुभवम् ।
तव चरणं शरणं करवाणि नतामरवाणि निवासि शिवम्
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १९ ॥तव विमलेन्दुकुलं वदनेन्दुमलं सकलं ननु कूलयते
किमु पुरुहूतपुरीन्दु मुखी सुमुखीभिरसौ विमुखीक्रियते ।
मम तु मतं शिवनामधने भवती कृपया किमुत क्रियते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २० ॥अयि मयि दीन दयालुतया कृपयैव त्वया भवितव्यमुमे
अयि जगतो जननी कृपयासि यथासि तथानुमितासिरते ।
यदुचितमत्र भवत्युररीकुरुतादुरुतापमपाकुरुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २१ ॥