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Raksha Bandhan Sona Pujan Image: राखी पर सोना पूजन कैसे किया जाता है? यहां आप देखेंगे सोना पूजन की फोटो और शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan Sona Pujan 2025: रक्षाबंधन के दिन कई जगहों पर श्रवण कुमार का पूजन किए जाने की परंपरा है। जिसे सोना पूजन के नाम से भी जाना जाता है। यहां हम आपको बताएंगे सोना पूजन की विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, फोटो सबकुछ।

rakhi sona pujan 2025- India TV Hindi
Image Source : CANVA राखी सोना पूजन 2025

Raksha Bandhan Sona Pujan 2025: भारत के कई इलाकों में रक्षाबंधन के लिए श्रवण कुमार की पूजा की जाती है जिसे सोना पूजन कहा जाता है। इस साल सोना पूजन 9 अगस्त को है। कई जगह सोना पूजन के बाद ही बहनें भाइयों को राखी बांधती हैं। सोना पूजन उसी जगह पर किया जाता है जहां नाग पंचमी की पूजा की गई होती है। चलिए जानते हैं सोना पूजन की विधि और शुभ मुहूर्त क्या है।

राखी सोना पूजन मुहूर्त 2025 (Rakhi Sona Pujan Muhurat 2025)

रक्षाबंधन पर सोना पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। ये पूजन सुबह-सुबह करना ही सबसे शुभ माना जाता है। अमूमन राखी बांधने से पहले ये पूजा पूर्ण कर ली जाती है। 

सोना पूजन फोटो (Sona Pujan Photo)

Image Source : canvaसोना पूजन फोटो

राखी सोना पूजन विधि और सामग्री लिस्ट (Rakhi Sona Pujan Vidhi)

शास्त्रों अनुसार सोना पूजने के लिए हल्दी, रोली, अक्षत, एक जल से भरा लोटा, राखी, गेरू और मीठे जवे की जरूरत होती है। इन सामग्री को इकट्ठा करने के बादॉ दीवार पर श्रवण कुमार का चित्र बनाया जाता है। श्रवण कुमार की पूजा से पहले भगवान की विधि विधान पूजा करें। फिर श्रवण कुमार की दीवार पर बनाई गई आकृति पर चंदन लगाएं। कलावा अर्पित करें। पुष्प चढ़ाएं और फिर भोग लगाएं। इसके बाद राखी भी अर्पित करें। अंत में श्रवण कुमार से घर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। फिर सोना पूजन की कथा सुनें और अंत में आकृति पर जल अर्पित करेंगे। इसके बाद राखी का त्योहार मनाएं।

सोना पूजन क्यों किया जाता है (Rakhi Par Sona Pujan Kyu Karte Hain)

पौराणिक कथा अनुसार जब अयोध्या के राजा दशरथ के हाथों गलती से श्रवण कुमार की मृत्यु हो गई थी तो इस घटना से उन्हें काफी दुख पहुंचा था। जैसे ही श्रवण कुमार के माता-पिता को ये समाचार मिला तो बेटे के जाने के दुख में दोनों ने अपने प्राण त्याग दिये। कहते हैं तब राजा दशरथ ने प्रायश्चित करने के लिए श्रावण पूर्णिमा के दिन श्रवण कुमार की पूजा का प्रचार किया। कहते हैं तभी से राखी के दिन सोना पूजने की परंपरा शुरू हो गई थी।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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