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सावन की शिवरात्रि कब है? नोट कर लें जल चढ़ाने का सही समय और पूजा मुहूर्त

श्रावण शिवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और शिवलिंग की जल, दूध, धतूरा, बेलपत्र इत्यादि से विधि विधान पूजा करते हैं। कहते हैं इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

sawan shivratri- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV सावन शिवरात्रि 2026

भगवान शिव की उपासना का अत्यंत शुभ पर्व सावन शिवरात्रि इस बार 11 अगस्त 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की विधि विधान पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व माना जाता है। बता दें इस साल सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा। इस महीने में आने वाली शिवरात्रि सबसे ज्यादा खास मानी जाती है। कावड़िए भी कावड़ जल इसी दिन शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। 

सावन शिवरात्रि जल मुहूर्त 2026

सावन शिवरात्रि के दिन जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 54 मिनट से ही शुरू हो जाएगा और भक्त देर रात 01 बजकर 52 मिनट तक शिवलिंग पर जल चढ़ा सकेंगे। 

सावन शिवरात्रि 2026 पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

सावन शिवरात्रि पर शिव पूजा का सबसे महत्वपूर्ण मुहूर्त निशिता काल 11 अगस्त की रात 12 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर देर रात 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। 

सावन शिवरात्रि 4 प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त 2026

  • रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 11 अगस्त की शाम 07 बजकर 04 मिनट से रात्रि 09 बजकर 45 मिनट तक 
  • रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 11 अगस्त की रात 09 बजकर 45 मिनट से 12 अगस्त को 12 बजकर 45 मिनट तक 
  • रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12 अगस्त को 12 बजकर 26 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक 
  • रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 12 अगस्त को 03 बजकर 07 मिनट से प्रातः 05 बजकर 49 मिनट तक 

सावन शिवरात्रि 2026 के अन्य शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 04 बजकर 22 मिनट से 05 बजकर 05 मिनट तक
  • प्रातः सन्ध्या - प्रातः 04 बजकर 44 मिनट से 05 बजकर 48 मिनट तक
  • अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 53 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से 03 बजकर 32 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 04 मिनट से 07 बजकर 26 मिनट तक
  • सायाह्न सन्ध्या - शाम 07 बजकर 04 मिनट से 08 बजकर 09 मिनट तक
  • अमृत काल - सुबह 07 बजकर 59 मिनट से 09 बजकर 25 मिनट तक

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