1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. तुलसी विवाह के दिन जरूर गाए भगवान शालिग्राम के गुणगान करने वाली ये आरती, यहां पढ़िए संपूर्ण लिरिक्स

तुलसी विवाह के दिन जरूर गाए भगवान शालिग्राम के गुणगान करने वाली ये आरती, यहां पढ़िए संपूर्ण लिरिक्स

Shaligram Ji Ki Aarti Lyrics: हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी या द्वादशी तिथि पर तुलसी माता का विवाह शालिग्राम शिला से कराते हैं। इस दिन विधि-विधान से तुलसी पूजन और आरती की जाती है। इसके बाद शालिग्राम जी की आरती भी जरूर करनी चाहिए। यहां पढ़िए संपूर्ण आरती

Shaligram Ji Ki Aarti- India TV Hindi
Image Source : FACEBOOK/FREEPIK शालिग्राम जी की आरती

Shaligram Ji Ki Aarti Lyrics PDF: हिंदू कैलेंडर के कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी और द्वादशी दोनों तिथियां बहुत शुभ मानी जाती है। इन दोनों तिथियों पर तुलसी और शालिग्राम विवाह किया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, शालिग्राम जी भगवान विष्णु का ही स्वरूप माने जाते हैं।

तुलसी विवाह के दौरान तुलसी माता और शालिग्राम जी की विधि-विधान पूजा की जाती है। इसके बाद आरती करके पूजा संपन्न की जाती है। तुलसी विवाह के दिन तुलसी जी की आरती के साथ शालिग्राम भगवान के गुणों का बखान आरती भी जरूर करनी चाहिए। यहां पढ़िए भगवान शालिग्राम जी की संपूर्ण आरती।

शालिग्राम भगवान की आरतीः Shaligram Ji Ki Aarti 

शालीग्राम सुनो विनती मेरी।
यह वरदान दयाकर पाऊं।।  

प्रातः   समय  उठी   मंजन  करके । 
प्रेम सहित  स्नान  कराऊं।।  
चन्दन धूप दीप तुलसीदल ।
वरण - वरण के   पुष्प   चढ़ाऊं।। 

तुम्हरे   सामने  नृत्य   करूं   नित ।
प्रभु  घण्टा   शंख   मृदंग  बजाऊं ।। 
चरण धोय   चरणामृत लेकर । 
कुटुम्ब  सहित  बैकुण्ठ   सिधारूं।। 

जो  कुछ   रूखा - सूखा   घर  में । 
भोग लगाकर भोजन पाऊं।। 
मन   बचन   कर्म  से  पाप  किये । 
जो   परिक्रमा  के  साथ   बहाऊं।। 

ऐसी कृपा करो मुझ पर ।
जम   के   द्वारे   जाने   न   पाऊं ।। 
माधोदास  की  विनती   यही   है।
हरि दासन  को  दास  कहाऊं ।। 

Shaligram Ji Ki Aarti PDF Download

यह भी पढ़ें - Tulsi Chalisa PDF: देव उठनी एकादशी के दिन विशेष लाभकारी है पाठ, यहां पढ़िए संपूर्ण तुलसी चालीसा 

राजा वर्षों करता रहा व्रत, पर दर्शन नहीं हुए, एक साधारण भक्त को मिला भगवान का आशीर्वाद? पढ़िए देवउठनी एकादशी की कथा