1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Shiv Ji Ke 108 Naam: महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर करें भगवान शिव के 108 नामों का जाप, मिलेंगे चमत्कारी लाभ

Shiv Ji Ke 108 Naam: महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर करें भगवान शिव के 108 नामों का जाप, मिलेंगे चमत्कारी लाभ

Shiv Ji Ke 108 Naam: महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर शिव जी और मां पार्वती की आराधना, व्रत और विधि-विधान से पूजा की जाती है। शिव जी के 108 नाम जाप का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की पूजा में इन नामों का जाप करने से भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं। नीचे पढ़िए शिव जी के 108 नाम

Shiv ji ke 108 Names jaap- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV भगवान शिव के 108 नामों का जाप

Shiv Ji Ke 108 Naam: सनातन धर्म में शिव की आराधना का के लिए महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस शुभ तिथि पर भगवान शिव की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव की विशेष उपासना की जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन महादेव अपने उपासक की सभी मनोकामना पूर्ण करने का आशीष देते हैं। शास्त्रों और पुराणों में शिव जी को समर्पित कई चमत्कारी श्लोक वर्णित हैं। लेकिन उनके 108 नामों के जाप का भी विशेष महत्व है। यहां पढ़िए शिव जी के 108 नाम। साथ ही ये भी जानिए कि भगवान शिव के 108 नामों का जाप कैसे करना चाहिए। 

Bhagwan Shiv ke 108 Names Download PDF

भगवान शिव के 108 नाम

  1. ॐ महाकाल नमः
  2. ॐ रुद्रनाथ नमः
  3. ॐ भीमशंकर नमः
  4. ॐ नटराज नमः
  5. ॐ प्रलेयन्कार नमः
  6. ॐ चंद्रमोली नमः
  7. ॐ डमरूधारी नमः
  8. ॐ चंद्रधारी नमः
  9. ॐ भोलेनाथ नमः
  10. ॐ कैलाश पति नमः
  11. ॐ भूतनाथ नमः
  12. ॐ नंदराज नमः
  13. ॐ नन्दी की सवारी नमः
  14. ॐ ज्योतिलिंग नमः
  15. ॐ मलिकार्जुन नमः
  16. ॐ भीमेश्वर नमः
  17. ॐ विषधारी नमः
  18. ॐ बम भोले नमः
  19. ॐ विश्वनाथ नमः
  20. ॐ अनादिदेव नमः
  21. ॐ उमापति नमः
  22. ॐ गोरापति नमः
  23. ॐ गणपिता नमः
  24. ॐ ओंकार स्वामी नमः
  25. ॐ ओंकारेश्वर नमः
  26. ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः
  27. ॐ भोले बाबा नमः
  28. ॐ शिवजी नमः
  29. ॐ शम्भु नमः
  30. ॐ नीलकंठ नमः
  31. ॐ महाकालेश्वर नमः
  32. ॐ त्रिपुरारी नमः
  33. ॐ त्रिलोकनाथ नमः
  34. ॐ त्रिनेत्रधारी नमः
  35. ॐ बर्फानी बाबा नमः
  36. ॐ लंकेश्वर नमः
  37. ॐ अमरनाथ नमः
  38. ॐ केदारनाथ नमः
  39. ॐ मंगलेश्वर नमः
  40. ॐ अर्धनारीश्वर नमः
  41. ॐ नागार्जुन नमः
  42. ॐ जटाधारी नमः
  43. ॐ नीलेश्वर नमः
  44. ॐ जगतपिता नमः
  45. ॐ मृत्युन्जन नमः
  46. ॐ नागधारी नमः
  47. ॐ रामेश्वर नमः
  48. ॐ गलसर्पमाला नमः
  49. ॐ दीनानाथ नमः
  50. ॐ सोमनाथ नमः
  51. ॐ जोगी नमः
  52. ॐ भंडारी बाबा नमः
  53. ॐ बमलेहरी नमः
  54. ॐ गोरीशंकर नमः
  55. ॐ शिवाकांत नमः
  56. ॐ महेश्वराए नमः
  57. ॐ महेश नमः
  58. ॐ संकटहारी नमः
  59. ॐ महेश्वर नमः
  60. ॐ रुंडमालाधारी नमः
  61. ॐ जगपालनकर्ता नमः
  62. ॐ पशुपति नमः
  63. ॐ संगमेश्वर नमः
  64. ॐ दक्षेश्वर नमः
  65. ॐ घ्रेनश्वर नमः
  66. ॐ मणिमहेश नमः
  67. ॐ अनादी नमः
  68. ॐ अमर नमः
  69. ॐ आशुतोष महाराज नमः
  70. ॐ विलवकेश्वर नमः
  71. ॐ अचलेश्वर नमः
  72. ॐ ओलोकानाथ नमः
  73. ॐ आदिनाथ नमः
  74. ॐ देवदेवेश्वर नमः
  75. ॐ प्राणनाथ नमः
  76. ॐ शिवम् नमः
  77. ॐ महादानी नमः
  78. ॐ शिवदानी नमः
  79. ॐ अभयंकर नमः
  80. ॐ पातालेश्वर नमः
  81. ॐ धूधेश्वर नमः
  82. ॐ सर्पधारी नमः
  83. ॐ त्रिलोकिनरेश नमः
  84. ॐ हठ योगी नमः
  85. ॐ विश्लेश्वर नमः
  86. ॐ नागाधिराज नमः
  87. ॐ सर्वेश्वर नमः
  88. ॐ उमाकांत नमः
  89. ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः
  90. ॐ त्रिकालदर्शी नमः
  91. ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः
  92. ॐ महादेव नमः
  93. ॐ गढ़शंकर नमः
  94. ॐ मुक्तेश्वर नमः
  95. ॐ नटेषर नमः
  96. ॐ गिरजापति नमः
  97. ॐ भद्रेश्वर नमः
  98. ॐ त्रिपुनाशक नमः
  99. ॐ निर्जेश्वर नमः
  100. ॐ किरातेश्वर नमः
  101. ॐ जागेश्वर नमः
  102. ॐ अबधूतपति नमः
  103. ॐ भीलपति नमः
  104. ॐ जितनाथ नमः
  105. ॐ वृषेश्वर नमः
  106. ॐ भूतेश्वर नमः
  107. ॐ बैजूनाथ नमः
  108. ॐ नागेश्वर नमः

कैसे करें भगवान शिव के 108 नामों का जाप

  • भगवान शिव के 108 नामों का जप अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली साधना मानी जाती है। इसे मन ही मन (मानसिक जप), धीमे स्वर में (उपांशु जप) या स्पष्ट उच्चारण के साथ (वाचिक जप) किया जा सकता है। 
  • जप करने से पहले किसी शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठें, संभव हो तो शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर के सामने। 
  • 108 दानों वाली रुद्राक्ष माला का उपयोग करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र से आरंभ करें। 
  • भगवान शिव के प्रत्येक नाम को श्रद्धा, एकाग्रता और भाव के साथ धीरे-धीरे जपें तथा उसके अर्थ का स्मरण करें। 
  • अंत में भगवान शिव को प्रणाम कर कृतज्ञता व्यक्त करें। नियमितता और सच्ची आस्था से किया गया जप जीवन में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Mahashivratri: महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग के इन स्थानों पर जरूर लगाएं टीका, रोग-भय और ग्रह दोष से मिलेगी मुक्ति

Mahashivratri: महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से जानें इस दिन का महत्व