1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Vishwakarma Ji Ki Aarti Lyrics Pdf: जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा...यहां देखें विश्वकर्मा जी की आरती लिखित में

Vishwakarma Ji Ki Aarti Lyrics Pdf: जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा...यहां देखें विश्वकर्मा जी की आरती लिखित में

Vishwakarma Ji Ki Aarti Pdf: हर साल 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का पावन पर्व मनाया जाता है जिसे विश्वकर्मा जयंती भी कहते हैं। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की आरती करना बेहद शुभ माना जाता है। यहां आप देखेंगे विश्वकर्मा जी की आरती लिखित में।

vishwakarma puja- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK विश्वकर्मा जी की आरती लिखित में pdf

Vishwakarma Ji Ki Aarti Pdf: विश्वकर्मा पूजा का पर्व भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिवस की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन लोग दुनिया के पहले इंजीनियर एवं वास्तुकार माने जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान पूजा करते हैं। कहते हैं विश्वकर्मा जी की पूजा से व्यापार में खूब तरक्की मिलती है। कई जगहों पर व्यापारी लोग इस दिन अपने कार्यालाय में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की भी पूजा करते हैं। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की आरती जरूर की जाती है। यहां आप देखेंगे इस आरती के संपूर्ण लिरिक्स।

विश्वकर्मा जी की आरती PDF (Vishwakarma Ji Ki Aarti)

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।
सकल सृष्टि के करता,
रक्षक स्तुति धर्मा ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

आदि सृष्टि मे विधि को,
श्रुति उपदेश दिया ।
जीव मात्र का जग में,
ज्ञान विकास किया ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

ऋषि अंगीरा तप से,
शांति नहीं पाई ।
ध्यान किया जब प्रभु का,
सकल सिद्धि आई ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

रोग ग्रस्त राजा ने,
जब आश्रय लीना ।
संकट मोचन बनकर,
दूर दुःखा कीना ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

जब रथकार दंपति,
तुम्हारी टेर करी ।
सुनकर दीन प्रार्थना,
विपत सगरी हरी ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

एकानन चतुरानन,
पंचानन राजे।
त्रिभुज चतुर्भुज दशभुज,
सकल रूप साजे ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

ध्यान धरे तब पद का,
सकल सिद्धि आवे ।
मन द्विविधा मिट जावे,
अटल शक्ति पावे ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

श्री विश्वकर्मा की आरती,
जो कोई गावे ।
भजत गजानांद स्वामी,
सुख संपति पावे ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।
सकल सृष्टि के करता,
रक्षक स्तुति धर्मा ॥

Vishwakarma Ji Ki Aarti Pdf Download

यह भी पढ़ें:

Vishwakarma Puja Vidhi, Shubh Muhurat 2025: विश्वकर्मा पूजा कैसे करें? यहां जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि और शुभ मुहूर्त

Vishwakarma Puja Samagri List Pdf: विश्वकर्मा पूजा में लकड़ी की चौकी, नवग्रह, पीला कपड़ा, जनेऊ समेत 30 सामग्रियों की पड़ेगी जरूरत, देखें पूरी लिस्ट यहां