1. Hindi News
  2. धर्म
  3. 18 सितंबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार को रखा जाएगा ललिता और संतान सप्तमी का व्रत, नोट करें शुभ मुहूर्त और राहुकाल टाइम

18 सितंबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार को रखा जाएगा ललिता और संतान सप्तमी का व्रत, नोट करें शुभ मुहूर्त और राहुकाल टाइम

18 सितंबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार के दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पड़ रही है। कल संतान सप्तमी का व्रत रखा जाएगा। इसके साथ ही मंगल ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जानिए 18 सितंबर 2026 का पंचांग और राहुकाल का समय।

panchang, 18 सितंबर 2026 का पंचांग- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV 18 सितंबर 2026 का पंचांग
18 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और शुक्रवार का दिन है। कल सप्तमी तिथि दोपहर 1 बजकर 2 मिनट तक रहेगी। इसके अलावा कल संतान सप्तमी का व्रत किया जायेगा। कल ललिता सप्तमी भी मनाई जाएगी। वहीं, कल दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक प्रीति योग रहेगा। साथ ही कल 18 सितंबर को रात 10 बजकर 45 मिनट तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा कल शाम 4 बजकर 34 मिनट पर मंगल कर्क राशि में गोचर करेगा।। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
 
18 सितंबर 2026 का पंचांग
  • भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि - 18 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 2 मिनट तक 
  • प्रीति योग- 18 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक 
  • ज्येष्ठा नक्षत्र- 18 सितंबर रात 10 बजकर 45 मिनट तक 
  • 18 सितंबर 2026 विशेष- संतान सप्तमी व्रत, ललिता सप्तमी, मंगल का कर्क राशि में गोचर
18 सितंबर 2026 शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:34 ए एम से 05:20 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 04:57 ए एम से 06:07 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 11:51 ए एम से 12:40 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:18 पी एम से 03:07 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:23 पी एम से 06:46 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 06:23 पी एम से 07:33 पी एम
  • अमृत काल- 12:54 पी एम से 02:41 पी एम
राहुकाल का समय
  • दिल्ली- सुबह 10:43 से दोपहर 12:15 तक
  • मुंबई- सुबह 11:01 से दोपहर 12:33 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 10:45 से दोपहर 12:17 तक
  • लखनऊ- सुबह 10:29 से दोपहर 12:00 तक
  • भोपाल- सुबह 10:42 से दोपहर 12:14 तक
  • कोलकाता- सुबह 09:59 से दोपहर पहले 11:31 तक
  • अहमदाबाद- दोपहर पहले 11:02 से दोपहर 12:33 तक
  • चेन्नई- सुबह 10:32 से दोपहर 12:03 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 
  • सूर्योदय- सुबह 06:07 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 06:23 बजे
संतान सप्तमी व्रत
संतान सप्तमी को मुक्ताभरण सप्तमी के रूप में भी मनाया जाता है। महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और उन्नति के लिए यह व्रत रखती हैं। इस दिन स्नान आदि से निवृत होकर साफ वस्त्र धारण करके चंदन, अक्षत, धूप, दीप, नैवेध, सुपारी तथा नारियल आदि से भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। साथ ही खीर-पूरी तथा गुड़ के पुए बनाकर भगवान को भोग चढ़ाना चाहिए और संतान की रक्षा की कामना करते हुए शिवजी को कलावा चढ़ाकर बाद में इसे खुद धारण करना चाहिए। साथ ही सप्तमी तिथि को भी देवी मानकर प्रणाम करना चाहिए। मान्यता है कि यह व्रत रखने से कार्तिक और गणेश जैसी तेजस्वी संतान की प्राप्ति होती है।
 
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)