कल श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और बुधवार का दिन है। सप्तमी तिथि 19 अगस्त को शाम 7 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। वहीं, कल देर रात 3 बजकर 44 मिनट तक ब्रह्म योग रहेगा। इसके साथ ही कल पूरा दिन और पूरी रात पार करके 20 अगस्त की सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा कल श्री शीतला सप्तमी और गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती भी है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
19 अगस्त 2026 का पंचांग
- श्रावण कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि- 19 अगस्त को शाम 7 बजकर 20 मिनट तक
- ब्रह्म योग- 19 अगस्त को देर रात 3 बजकर 44 मिनट तक
- विशाखा नक्षत्र- 19 अगस्त को पूरा दिन और पूरी रात पार करके 20 अगस्त की सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक
- 19 अगस्त 2026 विशेष- शीतला सप्तमी, गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती
19 अगस्त 2026 शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:25 ए एम से 05:09 ए एम
- प्रातः सन्ध्या- 04:47 ए एम से 05:52 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
- विजय मुहूर्त- 02:35 पी एम से 03:28 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:57 पी एम से 07:19 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 06:57 पी एम से 08:02 पी एम
- अमृत काल- 11:28 पी एम से 01:13 ए एम, अगस्त 20
राहुकाल का समय
- दिल्ली- दोपहर 12:24 से दोपहर 02:03 तक
- मुंबई- दोपहर 12:42 से दोपहर 02:17 तक
- चंडीगढ़- दोपहर 12:26 से दोपहर 02:05 तक
- लखनऊ- दोपहर 12:10 से दोपहर 01:47 तक
- भोपाल- दोपहर 12:24 से दोपहर 02:00 तक
- कोलकाता- दोपहर पहले 11:40 से दोपहर 01:16 तक
- अहमदाबाद- दोपहर 12:43 से दोपहर 02:19 तक
- चेन्नई- दोपहर 12:12 से दोपहर 01:46 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 05:52 बजे
- सूर्यास्त- शाम 06:57 बजे
योग और नक्षत्र
कल श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर ब्रह्म योग और विशाखा नक्षत्र का संयोग रहेगा। अगर आपको कोई कार्य शांतिपूर्वक करना हो, तो ब्रह्म योग में उसे करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। वहीं, विशाखा आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में 16वां है, जिसकe अर्थ है विभाजित या एक से अधिक शाखाओं वाला। इस नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। विशाखा नक्षत्र के तीन चरण तुला राशि में और चौथा चरण वृश्चिक राशि में आता है। लिहाजा तुला और वृश्चिक राशि के जातकों पर विशाखा नक्षत्र का प्रभाव माना जाता है। इस नक्षत्र को शक्ति, समृद्धि, सुंदरता, उपलब्धियों और खुशियों से जोड़कर देखा जाता है। इस नक्षत्र में कारीगरी, चित्रकारी और औषधि से संबंधित कार्य शुरू करना शुभ माना जाता है।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)