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26 जुलाई 2026 का पंचांग: रविवार को प्रदोष व्रत के साथ ही एकादशी व्रत का पारण, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और रविवार का दिन है। आज देवशयनी एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा और प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से विस्तार से जानते हैं 26 जुलाई 2026 का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV आज का पंचांग

26 जुलाई को आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और रविवार का दिन है। द्वादशी तिथि आज दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। आज प्रदोष व्रत है और साथ ही सुबह के समय एकादशी व्रत का पारण भी आज ही किया जाएगा। आज रात 10 बजकर 5 मिनट तक इंद्र योग रहेगा। साथ ही आज पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा।  इसके अलावा आज देर रात 1 बजकर 25 मिनट पर शनि मीन राशि में वक्री हो रहे है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। 

26  जुलाई 2026 का पंचांग

  • आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि- 26 जुलाई 2026 को दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी
  • इंद्र योग- 26 जुलाई 2026 को 10 बजकर 5 मिनट तक
  • मूल नक्षत्र- 26 जुलाई 2026 कोपूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक
  • 26 जुलाई 2026 विशेष- देवशयनी एकादशी व्रत का पारण, प्रदोष व्रत

26  जुलाई 2026 का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:46 ए एम से 05:30 ए एम
  • प्रातः संध्या- 05:08 ए एम से 06:13 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:19 पी एम से 01:11 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:55 पी एम से 03:48 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:17 पी एम से 07:38 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- शाम 05:34 से शाम 07:16 तक
  • मुंबई- शाम 05:39 से शाम 07:16 तक
  • चंडीगढ़- शाम 05:38 से शाम 07:22 तक
  • लखनऊ- शाम 05:16 से शाम 06:58 तक
  • भोपाल- शाम 05:25 से शाम 07:05 तक
  • कोलकाता- शाम 04:41 से शाम 06:20 तक
  • अहमदाबाद- शाम 05:44 से शाम 07:24 तक
  • चेन्नई- शाम 05:02 से शाम 06:37 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- 05:38 ए एम
  • सूर्यास्त- 19:16 पी एम

प्रदोष व्रत और शनि वक्री

प्रदोष व्रत आज ही रखा जाना सही माना जाएगा क्योंकि प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि आज ही है। 27 तारीख को सुबह के समय त्रयोदशी तिथि रहेगी लेकिन शाम के समय नहीं। प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही 26 जुलाई की देर रात शनि वक्री होंगे। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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