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अमरनाथ यात्रा आज से शुरू, सामने आया बाबा बर्फानी की पहली आरती का अलौकिक वीडियो, आप भी करें दर्शन

पवित्र अमरनाथ यात्रा आज से यानी 3 जुलाई 2026 से शुरू हो गई है और बाबा बर्फानी की आरती का पहला वीडियो भी सामने आ गया है। श्रद्धालु घर बैठे ही यहां बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन कर सकते हैं।

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Image Source : REPORTER INPUT घर बैठे करें बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन

हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के साथ आज से यानी 3 जुलाई से पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो गई है। आज कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दरबार के लिए रवाना हो गया है। यात्रा की शुरुआत के साथ ही पवित्र गुफा से बाबा बर्फानी की आरती का अलौकिक और अद्भुत वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर भक्तों का उत्साह काफी बढ़ गया है। वीडियो में बाबा बर्फानी अपने दिव्य दर्शन दे रहे हैं। जो लोग अभी इस यात्रा में शामिल नहीं हो पाए हैं वो घर बैठे ही बर्फ से बने इस स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं। बता दें ये यात्रा 28 अगस्त तक यानी रक्षाबंधन तक चलेगी।

आज 3 जुलाई 2026 को मुख्य पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ बाबा बर्फानी की पहली आरती की। देखिए इस आरती का दिव्य वीडियो।

कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई यात्रा

अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के जवान यात्रा के चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। इतना ही नहीं यात्रा रूट की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। बाबा बर्फानी की एक झलक पाने के लिए भक्त बेहद उत्साहित हैं। 

अमरनाथ यात्रा का महत्व

अमरनाथ यात्रा एक बेहद कठिन यात्रा है, जिसका आयोजन जुलाई-अगस्त के महीने में किया जाता है। यात्रा आषाढ़ महीने से शुरू होकर श्रावण महीने तक चलती है। इस यात्रा में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मान्यता है कि जो भी भक्त इस पवित्र यात्रा को करता है उसे जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। 

क्या है अमरनाथ गुफा का रहस्य

पौराणिक मान्यताओं अनुसार अमरनाथ वही पवित्र गुफा है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमर होने की कथा सुनाई थी और ये कथा दो कबूतरों ने भी सुन ली थी जिससे वो अमर हो गए थे। कहते हैं ये अमर कबूतर आज भी यात्रा के मार्ग पर कुछ श्रद्धालुओं को दिखाई देते हैं। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव से अमर होने की कथा सुनाने का अनुरोध किया था जिसके बाद भगवान शिव ने हिमालय की इस गुप्त गुफा को चुना था जिससे कोई अन्य इस कथा को न सुन पाए। लेकिन गुफा में मौजूद कबूतर के एक जोड़े ने इस कथा को सुन लिया था।

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