BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi: अबू धाबी से भारत के लिए बेहद गौरवशाली खबर आई है। दरअसल यहां के ऐतिहासिक BAPS हिंदू मंदिर को 'तीसरे अंतरराष्ट्रीय सभ्यता और सहिष्णुता संवाद सम्मेलन' में प्रतिष्ठित 'टोलरेंस अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। बता दें यह पुररस्कार वैश्विक स्तर पर सामाजिक एकता को बढ़ावा देने में मंदिर के अहम योगदान के चलते दिया गया है। इस सम्मान को BAPS हिंदू मंदिर के प्रमुख परम पूज्य ब्रह्मविहारी स्वामी जी ने स्वीकार किया। इस मौके पर स्वामी जी ने तकनीक और परिवार के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज दुनिया इस पर बात कर रही है कि AI क्या कर सकती है, लेकिन यहां हमें ये सोचना जरूरी है कि तकनीक के इस प्रभाव से हम इंसान कैसे बदलते जा रहे हैं?
Image Source : press kitBAPS हिंदू मंदिर 'Tolerance Award 2026' से सम्मानित
स्वामी जी ने इस सम्मेलन में अपने विचार सभी के साथ साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि संस्कृति ही समाज की नींव है। उन्होंने कहा कि मजबूत समाजों का निर्माण हमेशा मजबूत परिवारों से ही होता है। इस दौरान स्वामी जी ने 'घर सभा' की अद्भुत परंपरा को भी साझा किया। बता दें यह स्वामी महाराज द्वारा शुरू की गई एक सरल और जीवन बदलने वाली परंपरा है। इस परंपरा के तहत परिवार के सभी सदस्य बिना स्क्रीन के हर दिन 20 मिनट एक साथ बैठते हैं - केवल प्रार्थना, बातचीत और एक-दूसरे को सुनने के लिए। यह पहल दिलों को जोड़ती है।
BAPS हिंदू मंदिर की खास बातें
- अबू धाबी का BAPS हिंदू मंदिर पश्चिम एशिया में पारंपरिक शैली से बनाया गया पहला और बड़ा हिंदू मंदिर है।
- इस मंदिर को बनाने में कंक्रीट या स्टील जैसी धातुओं का उपयोग नहीं किया गया है।
- मंदिर को प्राचीन भारतीय शिल्पकला के अनुसार पूरी तरह से पत्थरों से बनाया गया है।
- यह मंदिर भारत और यूएई के मजबूत आपसी रिश्तों को दर्शाता है।
- मंदिर में 7 भव्य शिखर बनाए गए हैं जो संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरात का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- मंदिर परिसर में गंगा और यमुना का जल लाकर कृत्रिम जलधाराएं बनाई गई हैं। साथ ही लाइट्स के जरिए अदृश्य नदी सरस्वती का भी दिखाया गया है।
- मंदिर का निर्माण राजस्थान के बलुआ पत्थर और इटली से सफेद संगमरमर से किया गया है।
- यह मंदिर दुनिया भर में शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
- मंदिर के गुंबदों में बेहद खूबसूरत आकृतियां उकेरी गई हैं।
- बता दें मंदिर ने अपनी वास्तुकला ही नहीं बल्कि तकनीकी उत्कृष्टता के लिए भी ढेरों पुरस्कार जीते हैं।
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