1. Hindi News
  2. धर्म
  3. भाद्रपद अमावस्या पर करें 4 मंत्रों का जप, पितृ प्रसन्न होकर बना सकते हैं आपके सभी बिगड़े काम

भाद्रपद अमावस्या पर करें 4 मंत्रों का जप, पितृ प्रसन्न होकर बना सकते हैं आपके सभी बिगड़े काम

भाद्रपद अमावस्या को पितरों को प्रसन्न करने के लिए बेहद शुभ दिन माना जाता है। इस दिन कुछ मंत्रों का जप करने से पितरों का आशीर्वाद आप पा सकते हैं। आइए जानते हैं इन मंत्रों के बारे में।

Bhadrapad Amavasya - India TV Hindi
Image Source : PEXELS भाद्रपद अमावस्या

भाद्रपद अमावस्या को हिंदू धर्म में बेहद खास माना गया है। इसे कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन पर साल भर किए जाने वाले धार्मिक कार्यों के लिए कुशा एकत्रित की जाती है। साल 2026 उदयातिथि के अनुसार भाद्रपद अमावस्या 11 सितंबर को है। भाद्रपद अमावस्या के दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जप करना भी शुभ माना जाता है। ऐसे में आज हम आपको ऐसे ही कुछ मंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका जप करने से आपको पितरों का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। 

भाद्रपद अमावस्या पर करें मंत्रों का जप 

1. पितृ गायत्री मंत्र 

ॐ पितृगणाय विद्महे जगत्धारिणे धीमहि तन्नो पितृ प्रचोदयात्।

भाद्रपद अमावस्या के दिन आपको पितृ गायत्री मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है और साथ ही पितृ दोष से भी आप मुक्त होते हैं। इस मंत्र का जप करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं और साथ ही वंश की वृद्धि भी होती है। अमावस्या के दिन कम से कम 11 बार आपको इस मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। 

2. स्वधा मंत्र

ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः

अमावस्या के दिन पितरों को तर्पण देते समय स्वधा मंत्र का जप किया जाता है। जिस तरह देवताओं को आहुति देते समय स्वाहा कहा जाता है उसी तरह पितरों को आहुति देते समय स्वधा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र का जप करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है। 

3. पितृ नमस्कार मंत्र

ॐ श्री पितृदेवताभ्यो नमः।

पितरों को स्मरण करते हुए हाथ जोड़कर ऊपर दिए गए मंत्र का जप आपको भाद्रपद अमावस्या के दिन करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से पितृ आप पर कृपा बरसाते हैं और आपको जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो सकते हैं। साथ ही इस मंत्र का जप करने से आपके बिगड़े काम भी बन सकते हैं। 

4. पितृ शांति मंत्र 

ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्॥

अगर आपके किसी पूर्वज की अकाल मृत्यु हुई है या किसी दुर्घटना में उनकी मृत्यु हुई है तो आपको पितृ शांति मंत्र का जप भाद्रपद अमावस्या पर करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और आप भी पितृ दोष से मुक्त होते हैं। आप भाद्रपद अमावस्या या कुशाग्रहणी अमावस्या तिथि 2026 में कब शुरू होगी और इस दिन कुशा घर क्यों लाई जाती है इस बारे में हमारी वेबसाइट पर विस्तार से पढ़ सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

हस्तरेखा: क्या आपकी उंगलियों पर भी है तिल? जानें किस उंगली के पोर पर बना तिल दिलाता है अपार सफलता और समृद्धि