Chaitra Purnima 2026 Puja Vidhi And Muhurat: इस साल चैत्र पूर्णिमा दो दिन मनाई जाएगी। 1 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा तो वहीं 2 अप्रैल को स्नान-दान का शुभ मुहूर्त रहेगा। ये पूर्णिमा इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। कहते हैं पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है, ऐसे में इस दिन चंद्र देव की पूजा करने से विशेष शुभ फलों की प्राप्ति होती है। चलिए अब जानते हैं चैत्र पूर्णिमा की पूजा विधि और मुहूर्त क्या है।
चैत्र पूर्णिमा शुभ मुहूर्त 2026 (Chaitra Purnima 2026 Shubh Muhurat)
चैत्र पूर्णिमा के दिन पहला शुभ मुहूर्त सुबह 06:11 से 09:18 बजे तक रहेगा। दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह 10:52 से दोपहर 12:25 बजे तक, तीसरा मुहूर्त शाम 05:05 से 06:39 बजे तक और चौथा मुहूर्त रात 08:05 से 09:32 बजे तक रहेगा।
चैत्र पूर्णिमा पूजा विधि (Chaitra Purnima Puja Vidhi)
- चैत्र पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान के बाद सबसे पहले हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लेना होता है।
- इसके बाद भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा की जाती है।
- उन्हें पीले फूल, फल, पंचामृत और तुलसी दल जरूर करें।
- विधि विधान से पूजा करने के बाद भगवान सत्यनारायण की कथा भी जरूर सुनें।
- इसके बाद आरती करें और भोग लगाएं।
- इस दिन हनुमान जी की पूजा भी जरूर करनी चाहिए क्योंकि इस दिन हनुमान भगवान का जन्मोत्सव भी होता है। इसके लिए हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं। साथ ही हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
- शाम में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
- रात में जब चंद्रमा दिखने लगें तो दूध मिले जल से चंद्रमा को अर्घ्य दें और धूप दिखाएं। इसके बाद अपना व्रत खोल लें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
Grahan in April 2026: क्या अप्रैल में लगने जा रहा है साल का तीसरा ग्रहण? नोट कर लें साल के सभी ग्रहण की तारीख