1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Chaturthi Shradh 2025 Date: आज है चतुर्थी श्राद्ध, नोट कर लें मुहूर्त और श्राद्ध करने की विधि

Chaturthi Shradh 2025 Date: आज है चतुर्थी श्राद्ध, नोट कर लें मुहूर्त और श्राद्ध करने की विधि

Chaturthi Shradh 2025 Date: पितृ पक्ष चल रहा है और इस बीच चतुर्थी श्राद्ध की तारीख को लेकर काफी सर्च हो रही है। दरअसल ये कन्फ्यूजन बना हुआ है कि चौथा श्राद्ध 10 सितंबर को है या 11 को। यहां हम आपकी इसी दुविधा को दूर करेंगे।

chaturthi Shradh 2025- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK चतुर्थी श्राद्ध कब है 2025

Chaturthi Shradh 2025 Date: पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025 से हो गई है। सनातन धर्म में श्राद्ध पक्ष की अवधि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इस दौरान लोग अपने पितरों की पूजा करते हैं। कहते हैं पितृ पक्ष में किया गया श्राद्ध एवं तर्पण पितरों की आत्मा को शांति दिलाता है जिससे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। लेकिन इस बार पितृ पक्ष में चतुर्थी श्राद्ध की तारीख को लेकर काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है। कोई 10 तो कोई 11 सितंबर इस श्राद्ध की डेट बता रहा है। चलिए जानते हैं पंचांग अनुसार चौथे श्राद्ध की तारीख क्या रहेगी।

चतुर्थी श्राद्ध कब है 2025 (Chaturthi Shradh 2025 Date)

इस साल चतुर्थी श्राद्ध 10 सितंबर 2025, बुधवार को मनाया जाएगा। दरअसल ये तीसरे श्राद्ध के साथ ही पड़ रहा है जिस वजह से ही ये सारी कन्फ्यूजन हुई है। पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि 10 सितंबर 2025 की दोपहर 03:37 से लग जाएगी और इसका समापन 11 सितंबर की दोपहर 12:45 पर होगा।

चतुर्थी श्राद्ध मुहूर्त 2025 (Chaturthi Shradh Muhurat 2025)

  • कुतुप मुहूर्त - 11:53 ए एम से 12:43 पी एम
  • अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
  • रौहिण मुहूर्त - 12:43 पी एम से 01:33 पी एम
  • अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
  • अपराह्न काल - 01:33 पी एम से 04:02 पी एम
  • अवधि - 02 घण्टे 30 मिनट्स

पितृ पक्ष के चौथे दिन किसका श्राद्ध किया जाता है? (Chauthe Din Kiska Shradh Kiya Hata Hai)

पितृ पक्ष का चतुर्थी श्राद्ध परिवार के उन मृतक सदस्यों के लिए किया जाता है, जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की चतुर्थी तिथि पर हुई हो। चतुर्थी श्राद्ध को चौथ श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें: