Chhoti Diwali 2025 Laxmi Ji Ki Aarti Live: ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता... छोटी दिवाली पर जरूर करें माता लक्ष्मी की आरती
Chhoti Diwali 2025 Aarti Live: छोटी दिवाली के दिन माता लक्ष्मी, कुबेर देवता, भगवान गणेश और हनुमान जी की पूजा होती है। इसलिए इस दिन इन देवी-देवताओं की आरती भी जरूर करनी चाहिए। यहां आप देखेंगे छोटी दिवाली की आरती के लिरिक्स।

Chhoti Diwali 2025 Aarti Live (लक्ष्मी जी की आरती): आज छोटी दिवाली का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देवता और हनुमान जी की पूजा होती है। इसके अलावा इस दिन कई लोग यमराज की भी पूजा करते हैं। जो लोग धनतेरस के दिन यम दीपम नहीं निकालते वो ये काम छोटी दिवाली के दिन करते हैं। साथ ही छोटी दिवाली पर कई जगहों पर भगवान हनुमान की पूजा की जाती है। इस दिन 14 दीपक जलाने का विशेष महत्व माना गया है। चलिए आपको बताते हैं छोटी दिवाली के दिन कौन-कौन सी आरती करनी चाहिए।
छोटी दिवाली पर कौन सी आरती की जाती है (Chhoti Diwali Par Kis Devi-Devtra Ki Aarti Hoti Hai)
- भगवान गणेश
- लक्ष्मी माता
- कुबेर देवता
- हनुमान भगवान
छोटी दिवाली 2025 आरती का समय (Chhoti Diwali 2025 Aarti Time)
छोटी दिवाली की आरती का समय शाम 07:16 से 08:20 बजे का है। इस समय पर आरती करने से आपको माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होगी।
छोटी दिवाली की आरती (Maa Laxmi Ki Aarti)
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
- उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग माता।
- सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- दुर्गा रूप निरंजनी, सुख-संपति दाता।
- जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुम ही पाताल निवासिनी, तुम ही शुभदाता।
- कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भव निधि की त्राता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- जिस घर तुम रहती हो, तांहि में हैं सद्गुण आता।
- सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता।
- खान पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता।
- रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता।
- उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
छोटी दिवाली से जुड़ी आरती और मंत्रों के बारे में जानने के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर...
Live updates : Chhoti Diwali 2025 Aarti Live
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October 19, 2025 6:14 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
दिवाली पूजन में किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए?
दिवाली की पूजा में आपको पीले या लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इस रंग के वस्त्रों को धारण करने से पूजा का शुभ फल आपको प्राप्त होता है।
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October 19, 2025 4:57 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
दिवाली की रात का ये उपाय आर्थिक समस्याएं से दिलाएगा मुक्ति
अगर आप आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं तो शंख पर रोली से लक्ष्मी बीज मंत्र लिखें, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से हर प्रकार की आर्थिक समस्या अंत होता है।
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October 19, 2025 4:21 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
छोटी दिवाली के दिन किन देवी देवताओं की पूजा होती है
माता काली
भगवान कृष्णु
हनुमान जी
यम देवता
शिव-पार्वती -
October 19, 2025 3:45 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
दिवाली के दिन न करें ये गलतियां
पूजा के तुरंत बाद ना हटाएं मूर्तियां।
लड़ाई झगड़ा या क्लेश न करें।
जुएं और शराब से रहें दूर।
झूठ बोलने से बचें। -
October 19, 2025 2:56 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
काली माता की आरती
- अम्बे तू है जगदम्बे काली,
- जय दुर्गे खप्पर वाली,
- तेरे ही गुण गावें भारती,
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
- तेरे भक्त जनो पर माता भीड़ पड़ी है भारी,
- दानव दल पर टूट पड़ो माँ,
- करके सिंह सवारी।
- सौ-सौ सिहों से बलशाली,
- अष्ट भुजाओं वाली,
- दुष्टों को तू ही ललकारती।।
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
- माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता,
- पूत-कपूत सुने है पर ना,
- माता सुनी कुमाता।
- सब पे करूणा दर्शाने वाली,
- अमृत बरसाने वाली,
- दुखियों के दुखड़े निवारती।।
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
- नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना,
- हम तो मांगें तेरे चरणों में,
- छोटा सा कोना।
- सबकी बिगड़ी बनाने वाली,
- लाज बचाने वाली,
- सतियों के सत को संवारती।।
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
- चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।
- वरद हस्त सर पर रख दो माँ,
- संकट हरने वाली।
- माँ भर दो भक्ति रस प्याली,
- अष्ट भुजाओं वाली,
- भक्तों के कारज तू ही सारती।।
- ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
- अम्बे तू है जगदम्बे काली,
- जय दुर्गे खप्पर वाली,
- तेरे ही गुण गावें भारती,
- हो मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
- अम्बे तू है जगदम्बे काली,
- जय दुर्गे खप्पर वाली,
- तेरे ही गुण गावें भारती,
- हो मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
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October 19, 2025 2:26 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
छोटी दिवाली के उपाय
छोटी दिवाली की रात में हनुमान जी की पूजा करते समय सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाना चाहिए। फिर, दीप जलाकर 'ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' मंत्र का जाप करें। कहते हैं कि इस एक उपाय को करने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
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October 19, 2025 12:37 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
छोटी दिवाली की रात में क्या करना चाहिए
छोटी दिवाली की रात में माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। साथ ही यम के नाम से दीपदान करना चाहिए।
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October 19, 2025 11:23 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
छोटी दिवाली पर यम दीपम जला सकते हैं?
जी हां, छोटी दिवाली की रात में यम दीपक जलाया जा सकता है। ये दीपक दक्षिण दिशा की तरफ जलाना चाहिए।
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October 19, 2025 10:06 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली पर मां लक्ष्मी पूजा मंत्र
- ॐ श्रीं श्रीयै नम:
- ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः॥
- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
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October 19, 2025 9:09 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
छोटी दिवाली पर दीपक कहां-कहां जलाएं (Choti Diwali Par Deepak Kha-Kha Jalaya)
एक दीपक यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा में, दूसरा मां काली के लिए जलाएं, तीसरा भगवान श्री कृष्ण के लिए, चौथा घर के मुख्य द्वार पर जलाएं, पांचवा दीपक घर की पूर्व दिशा में रखें, छठवा दीपक घर की रसोई में, सातवां दीपक घर की छत पर, आठवां दीपक तुलसी के पौधे के समक्ष, नवां दीपक घर की बालकॉनी या घर की सीढ़ियों के पास, अन्य दीपक घर के इष्ट देव और अन्य देवी-देवताओं के नाम से जलाए जाने की परंपरा है।
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October 19, 2025 7:51 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Laxmi Ji Ki Aarti: छोटी दिवाली पर करें लक्ष्मी जी की आरती
- ॥ आरती श्री लक्ष्मी जी ॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- उमा, रमा, ब्रह्माणी,तुम ही जग-माता।
- सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- दुर्गा रुप निरंजनी,सुख सम्पत्ति दाता।
- जो कोई तुमको ध्यावत,ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।
- कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- जिस घर में तुम रहतीं,सब सद्गुण आता।
- सब सम्भव हो जाता,मन नहीं घबराता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- तुम बिन यज्ञ न होते,वस्त्र न कोई पाता।
- खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर,क्षीरोदधि-जाता।
- रत्न चतुर्दश तुम बिन,कोई नहीं पाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- महालक्ष्मीजी की आरती,जो कोई जन गाता।
- उर आनन्द समाता,पाप उतर जाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
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October 19, 2025 7:18 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
छोटी दिवाली पर यम दीपक कब जलाएं 2025 (Yam Deepak Kab Jalaye 2025)
जो लोग धनतेरस के दिन यम दीपक नहीं जलाते हैं वो ये काम छोटी दिवाली पर करते हैं। छोटी दिवाली के दिन सोने से पहले घर के मुख्य द्वार के बाहर यम दीपक जलाना चाहिए। कहते हैं यम दीपम के बाद परिवार के किसी भी सदस्य को घर से बाहर नहीं जाना चाहिए।
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October 19, 2025 6:53 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Chhoti Diwali Aarti: कुबेर जी की आरती
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे,
स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।
शरण पड़े भगतों के,
भण्डार कुबेर भरे ।
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,
स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।
दैत्य दानव मानव से,
कई-कई युद्ध लड़े ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥स्वर्ण सिंहासन बैठे,
सिर पर छत्र फिरे,
स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।
योगिनी मंगल गावैं,
सब जय जय कार करैं ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥गदा त्रिशूल हाथ में,
शस्त्र बहुत धरे,
स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।
दुख भय संकट मोचन,
धनुष टंकार करें ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,
स्वामी व्यंजन बहुत बने ।
मोहन भोग लगावैं,
साथ में उड़द चने ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥बल बुद्धि विद्या दाता,
हम तेरी शरण पड़े,
स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।
अपने भक्त जनों के,
सारे काम संवारे ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥मुकुट मणी की शोभा,
मोतियन हार गले,
स्वामी मोतियन हार गले ।
अगर कपूर की बाती,
घी की जोत जले ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥यक्ष कुबेर जी की आरती,
जो कोई नर गावे,
स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत प्रेमपाल स्वामी,
मनवांछित फल पावे ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥ -
October 19, 2025 6:22 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
छोटी दिवाली पूजा मुहूर्त
- लक्ष्मी-गणेश पूजा मुहूर्त- शाम 5:47 से रात 9 बजे
- काली चौदस मुहूर्त- रात 11:47 से सुबह 12:37
- हनुमान पूजा मुहूर्त- रात 11:47 से सुबह 12:37
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October 18, 2025 8:13 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त खत्म होने में बस चंद मिनट हैं बाकी
धनतेरस की पूजा के लिए शुभ समय सूर्यास्त के बाद ही शुरू हो गया था। रात्रि 8 बजकर 20 मिनट पर पूजा का शुभ समय समाप्त हो जाएगा।
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October 18, 2025 7:37 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस पर 13 दीपक जलाने से क्या होता है?
धनतेरस का त्योहार त्रयोदशी तिथि यानि तेरह तारीख को मनाया जाता है। इस दिन घर के 13 अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाने से माता लक्ष्मी और धन्वंतरि भगवान का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है।
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October 18, 2025 6:59 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस की आरती का समय
धनतेरस की आरती के लिए सबसे शुभ समय शाम 07:16 मिनट से 08:20 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आपको माता लक्ष्मी, धन्वंतरि भगवान और कुबेर देव की आरती करनी चाहिए।
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October 18, 2025 6:34 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस की रात भगवान विष्णु के इन मंत्रों का जप करना बेहद शुभ
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
- ॐ नमो नारायण।
- ॐ विष्णवे नमः।
इन मंत्रों का जप करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है।
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October 18, 2025 6:20 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस की पूजा में करें माता लक्ष्मी के इन प्रिय मंत्रों का जप
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय।
- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:।
- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद।
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October 18, 2025 5:53 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस की पूजा कब तक कर सकते हैं?
साल 2025 में धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 47 मिनट से शुरू हो जाएगा। रात्रि में 8 बजकर 20 मिनट तक इस दिन पूजा करना शुभ माना जाएगा।
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October 18, 2025 5:26 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस पर किन देवी-देवताओं की आरती करनी चाहिए?
- भगवान गणेश
- धन्वंतरि भगवान
- लक्ष्मी माता
- कुबेर देवता
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October 18, 2025 4:50 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस की पूजा में इन करें शनि स्तोत्र का पाठ मिलेंगे शुभ फल
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ।।
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते।।
नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम:।
नमो दीर्घायशुष्काय कालदष्ट्र नमोऽस्तुते।।
नमस्ते कोटराक्षाय दुर्निरीक्ष्याय वै नम:।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने।।
नमस्ते सर्वभक्षाय वलीमुखायनमोऽस्तुते।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करे भयदाय च।।
अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तुते।
नमो मन्दगते तुभ्यं निरिस्त्रणाय नमोऽस्तुते।।
तपसा दग्धदेहाय नित्यं योगरताय च।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम:।।
ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज सूनवे।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात्।।
देवासुरमनुष्याश्च सिद्घविद्याधरोरगा:।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशंयान्ति समूलत:।।
प्रसाद कुरु मे देव वाराहोऽहमुपागत।
एवं स्तुतस्तद सौरिग्र्रहराजो महाबल:।। -
October 18, 2025 4:33 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
कुबेर देव के इस शक्तिशाली मंत्र का जप करने से होगी धन वर्षा
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः।
धनतेरस के दिन कुबेर देव के इस शक्तिशाली मंत्र का जप करने से धन से जड़ी आपकी सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। इस मंत्र का कम से कम 108 बार आपको धनतेरस के दिन जप करना चाहिए।
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October 18, 2025 4:08 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
धनतेरस पर धन्वंतरि भगवान के इस मंत्र का करें जप
धनतेरस की पूजा में आपको धन्वंतरि भगवान के मंत्र 'ॐ धन्वंतरये नमः' का जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपको आरोग्य और धन धान्य की प्राप्ति होती है।
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October 18, 2025 3:28 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Lakshmi Chalisa: धनतेरस पर करें लक्ष्मी चालीसा का पाठ
दोहा
मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास।
मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥
सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार।
ऋद्धि सिद्धि मंगलप्रदे नत शिर बारंबार॥ टेक॥
सोरठा
यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करूं।
सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥
॥ चौपाई ॥
सिन्धु सुता मैं सुमिरौं तोही। ज्ञान बुद्धि विद्या दो मोहि॥
तुम समान नहिं कोई उपकारी। सब विधि पुरबहु आस हमारी॥
जै जै जगत जननि जगदम्बा। सबके तुमही हो स्वलम्बा॥
तुम ही हो घट घट के वासी। विनती यही हमारी खासी॥
जग जननी जय सिन्धु कुमारी। दीनन की तुम हो हितकारी॥
विनवौं नित्य तुमहिं महारानी। कृपा करौ जग जननि भवानी।
केहि विधि स्तुति करौं तिहारी। सुधि लीजै अपराध बिसारी॥
कृपा दृष्टि चितवो मम ओरी। जगत जननि विनती सुन मोरी॥
ज्ञान बुद्धि जय सुख की दाता। संकट हरो हमारी माता॥
क्षीर सिंधु जब विष्णु मथायो। चौदह रत्न सिंधु में पायो॥
चौदह रत्न में तुम सुखरासी। सेवा कियो प्रभुहिं बनि दासी॥
जब जब जन्म जहां प्रभु लीन्हा। रूप बदल तहं सेवा कीन्हा॥
स्वयं विष्णु जब नर तनु धारा। लीन्हेउ अवधपुरी अवतारा॥
तब तुम प्रकट जनकपुर माहीं। सेवा कियो हृदय पुलकाहीं॥
अपनायो तोहि अन्तर्यामी। विश्व विदित त्रिभुवन की स्वामी॥
तुम सब प्रबल शक्ति नहिं आनी। कहं तक महिमा कहौं बखानी॥
मन क्रम वचन करै सेवकाई। मन- इच्छित वांछित फल पाई॥
तजि छल कपट और चतुराई। पूजहिं विविध भांति मन लाई॥
और हाल मैं कहौं बुझाई। जो यह पाठ करे मन लाई॥
ताको कोई कष्ट न होई। मन इच्छित फल पावै फल सोई॥
त्राहि- त्राहि जय दुःख निवारिणी। त्रिविध ताप भव बंधन हारिणि॥
जो यह चालीसा पढ़े और पढ़ावे। इसे ध्यान लगाकर सुने सुनावै॥
ताको कोई न रोग सतावै। पुत्र आदि धन सम्पत्ति पावै।
पुत्र हीन और सम्पत्ति हीना। अन्धा बधिर कोढ़ी अति दीना॥
विप्र बोलाय कै पाठ करावै। शंका दिल में कभी न लावै॥
पाठ करावै दिन चालीसा। ता पर कृपा करैं गौरीसा॥
सुख सम्पत्ति बहुत सी पावै। कमी नहीं काहू की आवै॥
बारह मास करै जो पूजा। तेहि सम धन्य और नहिं दूजा॥
प्रतिदिन पाठ करै मन माहीं। उन सम कोई जग में नाहिं॥
बहु विधि क्या मैं करौं बड़ाई। लेय परीक्षा ध्यान लगाई॥
करि विश्वास करैं व्रत नेमा। होय सिद्ध उपजै उर प्रेमा॥
जय जय जय लक्ष्मी महारानी। सब में व्यापित जो गुण खानी॥
तुम्हरो तेज प्रबल जग माहीं। तुम सम कोउ दयाल कहूं नाहीं॥
मोहि अनाथ की सुधि अब लीजै। संकट काटि भक्ति मोहि दीजे॥
भूल चूक करी क्षमा हमारी। दर्शन दीजै दशा निहारी॥
बिन दरशन व्याकुल अधिकारी। तुमहिं अक्षत दुःख सहते भारी॥
नहिं मोहिं ज्ञान बुद्धि है तन में। सब जानत हो अपने मन में॥
रूप चतुर्भुज करके धारण। कष्ट मोर अब करहु निवारण॥
कहि प्रकार मैं करौं बड़ाई। ज्ञान बुद्धि मोहिं नहिं अधिकाई॥
रामदास अब कहाई पुकारी। करो दूर तुम विपति हमारी॥
दोहा
त्राहि त्राहि दुःख हारिणी हरो बेगि सब त्रास।
जयति जयति जय लक्ष्मी करो शत्रुन का नाश॥
रामदास धरि ध्यान नित विनय करत कर जोर।
मातु लक्ष्मी दास पर करहु दया की कोर॥
।। इति लक्ष्मी चालीसा संपूर्णम।। -
October 18, 2025 2:55 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Dhanteras Aarti: विष्णु भगवान की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे...
जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
स्वामी दुःख विनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय जगदीश हरे...
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी।
स्वामी शरण गहूं मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
स्वामी तुम पालन-कर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ॐ जय जगदीश हरे...
दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ॐ जय जगदीश हरे...
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
स्वामी पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥
ॐ जय जगदीश हरे...
श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
ॐ जय जगदीश हरे...
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October 18, 2025 2:17 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
धनतेरस लक्ष्मी मंत्र
1. लक्ष्मी बीज मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥2. महालक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥ -
October 18, 2025 1:19 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
धन्वंतरि भगवान पूजा मंत्र (Dhanvantari Bhagwan Puja Mantra)
- ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
- अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय
- त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
- श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥
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October 18, 2025 12:28 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
कुबेर भगवान के मंत्र
- ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
- ऊँ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
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October 18, 2025 12:06 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Kuber Devta Ki Aarti: कुबेर देवता की आरती
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।
शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे ।
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।
दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।
योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।
दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
भांति भांति के व्यंजन बहुत बने, स्वामी व्यंजन बहुत बने ।
मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।
अपने भक्त जनों के, सारे काम संवारे ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
मुकुट मणी की शोभा, मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले ।
अगर कपूर की बाती, घी की जोत जले ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
यक्ष कुबेर जी की आरती, जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत प्रेमपाल स्वामी, मनवांछित फल पावे ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
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October 18, 2025 11:32 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश जी की आरती
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
- लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- ‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
- कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
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October 18, 2025 11:24 AM (IST) Posted by Kajal Kumari
NDA से अलग लड़ रही SBSP ने 6 और उम्मीदवारों की सूची जारी की
ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने शनिवार को दो चरणों वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए छह उम्मीदवारों की एक और लिस्ट जारी की।
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October 18, 2025 10:44 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
धन्वंतरि भगवान की आरती (Dhanvantari Bhagwan ki Aarti)
- ॐ जय धन्वन्तरि देवा, स्वामी जय धन्वन्तरि जी देवा।
- जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।
- स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा ॥
- तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।
- देवासुर के संकट आकर दूर किए।।
- स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
- आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।
- सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।।
- स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
- भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।
- आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।।
- स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
- तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।
- असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।।
- स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
- हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।
- वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।।
- स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥
- धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।
- रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।।
- स्वामी जय धन्वन्तरि देवा, ॐ जय धन्वन्तरि जी देवा॥