Laxmi Mata ki Aarti, Diwali 2025: ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता...दिवाली पर लक्ष्मी माता की आरती करने से कभी नहीं आती दरिद्रता
Diwali 2025 Laxmi ji ki Aarti (दिवाली की आरती) Live: दिवाली पर विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती की जाती है। इसके अलावा इस दिन कुबेर देवता, सरस्वती माता, काली माता और भगवान विष्णु की आरती का भी विशेष महत्व माना गया है। यहां हम आपको बताएंगे दिवाली की सभी आरती के लिरिक्स।

Laxmi Ji Ki Aarti, Diwali 2025 (ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता) Live: आज 21 अक्टूबर 2025 को दिवाली का पावन पर्व मनाया जा रहा है। ये दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि दिवाली की रात में मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करने आती हैं और ऐसे में जिस घर के लोग माता की विधि-विधान पूजा करके उनकी आरती उतारते हैं उन पर माता की विशेष कृपा बरसती है। कहते हैं मां लक्ष्मी की आरती करने से धन, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। दिवाली पर मां लक्ष्मी ही नहीं बल्कि भगवान गणेश, कुबेर देवता और अन्य देवी-देवताओं की आरती भी जरूर करनी चाहिए।
दिवाली पर कौन-कौन सी आरती करनी चाहिए (Diwali Par Kaun-Kaun Si Aarti Karni Chahiye)
- लक्ष्मी जी की आरती
- गणेश जी की आरती
- सरस्वती माता की आरती
- काली माता की आरती
- विष्णु भगवान की आरती
दिवाली आरती समय 2025 (Diwali Aarti Time 2025)
दिवाली के दिन माता लक्ष्मी की आरती का सबसे शुभ समय शाम 05 बजकर 50 मिनट से शाम 05 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
लक्ष्मी जी की आरती (Laxmi Mata Ki Aarti)
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
- उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग माता।
- सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- दुर्गा रूप निरंजनी, सुख-संपति दाता।
- जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुम ही पाताल निवासिनी, तुम ही शुभदाता।
- कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भव निधि की त्राता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- जिस घर तुम रहती हो, तांहि में हैं सद्गुण आता।
- सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता।
- खान पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता।
- रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता।
- उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
- लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- 'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
- कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
Live updates : Diwali 2025 Laxmi ji ki Aarti Live
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October 21, 2025 4:15 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली पूजा विधि (Diwali Puja Vidhi At Home In Hindi)
- जिस स्थान पर लक्ष्मी-गणेश पूजन करना है उस स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर लें।
- फिर वहां एक साफ चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछा लें।
- इस चौकी पर लक्ष्मी-गणेश, सरस्वती माता, कुबेर देवता और राम दरबार की मूर्ति स्थापित करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि लक्ष्मी जी प्रतिमा गणेश जी के दाहिनी तरफ रखनी है।
- सभी मूर्तियों पर गंगाजल छिड़कें। फिर हाथ में लाल या पीले रंग का फूल लेकर ऊँ गं गणपतये नम: मंत्र से गणेश जी का ध्यान करें।
- फिर गणेश जी के माथे पर तिलक लगाएं और उन्हें दूर्वा अर्पित करें।
- फिर माता लक्ष्मी का विधि विधान पूजन करें। माता लक्ष्मी को लाल सिंदूर का तिलक लगाएं और उनके बीज मंत्र का जाप करें। इसी तरह आप कुबेर देवता, राम दरबार और मां सरस्वती का पूजन भी कर लें।
- अंत में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें।
- इसके बाद घर के कोने-कोने में दीपक जलाकर रख दें। इसके अलावा दो बड़े दीपक घर के मंदिर में रखें। जिसमें घी का दीपक मां लक्ष्मी के लिए होता है और सरसो के तेल से भरा दीपक पूर्वजों के नाम से रखा जाता है।
- घी का बड़ा दीपक पूरी रात जलाकर रखें।
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October 21, 2025 1:55 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
लक्ष्मी माता के मंत्र
1. ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
2. ॐ ऐं श्रीं महालक्ष्म्यै कमल धारिण्यै गरूड़ वाहिन्यै श्रीं ऐं नमः
3. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
4. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्री ॐ।
5. ॐ ह्री श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा ।
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October 21, 2025 12:22 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Diwali 2025: दिवाली लक्ष्मी पूजन मुहूर्त 2025
- पुणे शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- नई दिल्ली शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- चेन्नई शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- जयपुर शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- हैदराबाद शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- गुरुग्राम शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- चण्डीगढ़ शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- कोलकाता शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- मुम्बई शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
- बेंगलुरु शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
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October 21, 2025 11:48 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Diwali Ke Gane: अवध में छाई खुशी की बेला
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला ।
- चौदह साल वन में बिताएं,
- राम लखन सिया लौट के आए,
- घर घर खुशियां छाई,
- लगा है, अवध पुरी में मेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला ।
- कौशल्या माँ सुमित्रा कैकई,
- सबके मन में आज खुशी भई,
- कोई नहीं है अकेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला ।
- सिया राम को राज हुआ है,
- खुशी से पागल हो रहे सब जन,
- गुरु वशिष्ठ और चेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- अवध में छाई खुशी की बेला,
- लगा है, अवध पुरी में मेला ।
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October 21, 2025 11:05 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
लक्ष्मी जी की कैसी प्रतिमा घर में रखनी चाहिए?
घर में बैठी हुई, कमल पर विराजमान और आशीर्वाद देती हुई या धन बरसाती हुई मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर रखनी चाहिए। यह मूर्ति पीतल, पत्थर, संगमरमर या लकड़ी की होनी चाहिए, खंडित नहीं होनी चाहिए।
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October 21, 2025 10:12 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
मां लक्ष्मी की आरती करने के नियम
- आरती से पहले स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें।
- पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके आरती करें, क्योंकि यह दिशाएं शुभ मानी जाती हैं।
- आरती से पहले घी या तेल का दीपक जलाएं।
- घंटी बजाकर और पुष्प अर्पित कर आरती प्रारंभ करें।
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October 21, 2025 9:20 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली पूजा का समय 21 अक्टूबर 2025
आज यानी 21 अक्टूबर 2025 को अमावस्या शाम 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। ऐसे में कुछ लोग आज दिवाली का पर्व मनाएंगे। 21 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन का समय शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
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October 21, 2025 8:46 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली की पूजा कैसे करनी चाहिए?
घर को साफ-सुथरा कर के सजाएं, चौक-रंगोली बनाकर दीप जलाएं। फिर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों को स्थापित कर धूप-दीप, पुष्प, मिठाई और विशेष मंत्रों से पूजा करें।
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October 21, 2025 8:12 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ और किस देवी-देवता की आरती करनी चाहिए
- लक्ष्मी जी की आरती
- गणेश जी की आरती
- सरस्वती माता की आरती
- काली माता की आरती
- विष्णु भगवान की आरती
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October 21, 2025 7:35 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
21 अक्टूबर को भी मनाई जाएगी दिवाली
दिवाली का त्योहार आज भी मनाया जाएगा क्योंकि अमावस्या तिथि शाम तक रहने वाली है। आज वो लोग लक्ष्मी पूजन करेंगे जो कल नहीं कर पाए थे।
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October 20, 2025 9:04 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
राम जी की आरती
- श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।
- नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
- कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
- पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
- भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
- रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
- सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
- आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
- इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
- मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
- मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
- करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
- एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
- तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
- दोहा - जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
- मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
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October 20, 2025 8:11 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
धनलक्ष्मी पोटली की सामग्री (Dhan Laxmi Potli Samagri)
- लाल कपड़ा
- 5 गोमती चक्र
- 5 कौड़ियां
- पीली सरसों
- अक्षत
- कुमकुम
- 2 कमल गट्टा
- कलावा
- 5 इलायची
- चांदी का सिक्का
- 500 का नोट
- धनिया
- 5 लौंग
- 1 सुपारी
- 1 हल्दी साबुत
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October 20, 2025 7:36 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
क्या दिवाली पर लक्ष्मी माता की आरती नहीं करनी चाहिए?
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य सुजीत जी के अनुसार किसी भी देवी-देवता की आरती का तात्पर्य है उस पूजा की परिपूर्णता। यदि पूजा के विधि-विधान में हमसें कोई त्रुटि हो गई हो तो हम आरती के माध्यम से उस त्रुटि को दूर करके भगवान के प्रति अपना पूर्ण समर्पण दिखाते हैं। ये कहना कि आरती करने से भगवान विदा हो जाते हैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यदि ऐसा होता तो मंदिरों में निश्चित समय पर रोजाना आरती क्यों की जाती। किसी भी देवी-देवता की आरती करने से वह देवी-देवता उस स्थान से विदा नहीं होते बल्कि उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसलिए दिवाली पर लक्ष्मी जी की आरती भी जरूर करें क्योंकि आरती से लक्ष्मी जी विदा नहीं होंगी बल्कि वो और भी ज्यादा प्रसन्न हो जाएंगी। यहां इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि जिस अनुष्ठान के बाद देवी-देवता का विसर्जन करना होता है उनको मंत्रों के द्वारा पूरे विधि विधान से विसर्जित किया जाता है। ऐसे में दिवाली पर बिना किसी दुविधा के मां लक्ष्मी की आरती करें।
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October 20, 2025 7:01 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
महालक्ष्मी जी की आरती
- ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता।
- तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- उमा, रमा, ब्रह्माणी,तुम ही जग-माता।
- सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- दुर्गा रुप निरंजनी,सुख सम्पत्ति दाता।
- जो कोई तुमको ध्यावत,ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।
- कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- जिस घर में तुम रहतीं,सब सद्गुण आता।
- सब सम्भव हो जाता,मन नहीं घबराता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- तुम बिन यज्ञ न होते,वस्त्र न कोई पाता।
- खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर,क्षीरोदधि-जाता।
- रत्न चतुर्दश तुम बिन,कोई नहीं पाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
- महालक्ष्मीजी की आरती,जो कोई जन गाता।
- उर आनन्द समाता,पाप उतर जाता॥
- ॐ जय लक्ष्मी माता॥
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October 20, 2025 6:23 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा मंत्र
ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः
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October 20, 2025 6:02 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
लक्ष्मी जी की आरती कब करें
दिवाली पर लक्ष्मी जी की आरती शाम की पूजा के समय की जाती है। लक्ष्मी जी की आरती के बाद घर में दिए जलाएं।
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October 20, 2025 5:29 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
दिवाली पूजा में इस मंत्र का जप करने से प्रसन्न होंगे कुबेर देव
दिवाली की रात में कुबेर देव के नीचे दिए गए मंत्र के जप से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस मंत्र का जप करने से आपकी आर्थिक समस्याएं दूर हो सकती हैं।
मंत्र- ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय, धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा।
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October 20, 2025 5:10 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Kuber Chalisa: दिवाली पूजा में करें कुबेर चालीसा का पाठ
दोहा
जैसे अटल हिमालय,
और जैसे अडिग सुमेर।
ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे,
अविचल खडे कुबेर।।।।चौपाई।।
जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी।
धन माया के तुम अधिकारी।।तप तेज पुंज निर्भय भय हारी।
पवन वेग सम सम तनु बलधारी।।स्वर्ग द्वार की करें पहरे दारी।
सेवक इंद्र देव के आज्ञाकारी।।यक्ष यक्षणी की है सेना भारी।
सेनापति बने युद्ध में धनुधारी।।4॥महा योद्धा बन शस्त्र धारैं।
युद्ध करैं शत्रु को मारैं।।सदा विजयी कभी ना हारैं।
भगत जनों के संकट टारैं।।प्रपितामह हैं स्वयं विधाता।
पुलिस्ता वंश के जन्म विख्याता।।विश्रवा पिता इडविडा जी माता।
विभीषण भगत आपके भ्राता।।8॥शिव चरणों में जब ध्यान लगाया।
घोर तपस्या करी तन को सुखाया।।शिव वरदान मिले देवत्य पाया।
अमृत पान करी अमर हुई काया।।धर्म ध्वजा सदा लिए हाथ में।
देवी देवता सब फिरैं साथ में।।पीताम्बर वस्त्र पहने गात में।
बल शक्ति पूरी यक्ष जात में।।12॥स्वर्ण सिंहासन आप विराजैं।
त्रिशूल गदा हाथ में साजैं।।शंख मृदंग नगारे बाजैं।
गंधर्व राग मधुर स्वर गाजैं।।चौंसठ योगनी मंगल गावैं।
ऋद्धि-सिद्धि नित भोग लगावैं।।दास दासनी सिर छत्र फिरावैं।
यक्ष यक्षणी मिल चंवर ढूलावैं।।16॥ऋषियों में जैसे परशुराम बली हैं।
देवन्ह में जैसे हनुमान बली हैं।।पुरुषों में जैसे भीम बली हैं।
यक्षों में ऐसे ही कुबेर बली हैं।।भगतों में जैसे प्रहलाद बड़े हैं।
पक्षियों में जैसे गरुड़ बड़े हैं।।नागों में जैसे शेष बड़े हैं।
वैसे ही भगत कुबेर बड़े हैं।।20॥कांधे धनुष हाथ में भाला।
गले फूलों की पहनी माला।।स्वर्ण मुकुट अरु देह विशाला।
दूर-दूर तक होए उजाला।।कुबेर देव को जो मन में धारे।
सदा विजय हो कभी न हारे।।बिगड़े काम बन जाएं सारे।
अन्न धन के रहें भरे भण्डारे।।24॥कुबेर गरीब को आप उभारैं।
कुबेर कर्ज को शीघ्र उतारैं।।कुबेर भगत के संकट टारैं।
कुबेर शत्रु को क्षण में मारैं।।शीघ्र धनी जो होना चाहे।
क्युं नहीं यक्ष कुबेर मनाएं।।यह पाठ जो पढ़े पढ़ाएं।
दिन दुगना व्यापार बढ़ाएं।।28॥भूत प्रेत को कुबेर भगावैं।
अड़े काम को कुबेर बनावैं।।रोग शोक को कुबेर नशावैं।
कलंक कोढ़ को कुबेर हटावैं।।कुबेर चढ़े को और चढ़ादे।
कुबेर गिरे को पुन: उठा दे।।कुबेर भाग्य को तुरंत जगा दे।
कुबेर भूले को राह बता दे।।32॥प्यासे की प्यास कुबेर बुझा दे।
भूखे की भूख कुबेर मिटा दे।।रोगी का रोग कुबेर घटा दे।
दुखिया का दुख कुबेर छुटा दे।।बांझ की गोद कुबेर भरा दे।
कारोबार को कुबेर बढ़ा दे।।कारागार से कुबेर छुड़ा दे।
चोर ठगों से कुबेर बचा दे।।36॥कोर्ट केस में कुबेर जितावै।
जो कुबेर को मन में ध्यावै।।चुनाव में जीत कुबेर करावैं।
मंत्री पद पर कुबेर बिठावैं।।पाठ करे जो नित मन लाई।
उसकी कला हो सदा सवाई।।जिसपे प्रसन्न कुबेर की माई।
उसका जीवन चले सुखदाई।।40॥जो कुबेर का पाठ करावै।
उसका बेड़ा पार लगावै।।उजड़े घर को पुन: बसावै।
शत्रु को भी मित्र बनावै।।सहस्त्र पुस्तक जो दान कराई।
सब सुख भोद पदार्थ पाई।।प्राण त्याग कर स्वर्ग में जाई।
मानस परिवार कुबेर कीर्ति गाई।।44॥दोहा
शिव भक्तों में अग्रणी,
श्री यक्षराज कुबेर।
हृदय में ज्ञान प्रकाश भर,
कर दो दूर अंधेर।।कर दो दूर अंधेर अब,
जरा करो ना देर।
शरण पड़ा हूं आपकी,
दया की दृष्टि फेर।।नित्त नेम कर प्रातः ही,
पाठ करौं चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना,
पूर्ण करो जगदीश।।मगसर छठि हेमन्त ॠतु,
संवत चौसठ जान।
अस्तुति चालीसा शिवहि,
पूर्ण कीन कल्याण॥ -
October 20, 2025 4:49 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
दिवाली की पूजा में करें लक्ष्मी के इस वैदिक मंत्र का जप
दीपावली की रात्रि में लक्ष्मी पूजन किया जाता है। इस दिन आपको माता लक्ष्मी के वैदिक मंत्र "ॐ श्रीं ऐं नमः" का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
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October 20, 2025 4:17 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Seeta Maa Ki Aarti: सीता माता की आरती
आरती श्री जनक दुलारी की ।
सीता जी रघुवर प्यारी की॥जगत जननी जग की विस्तारिणी,
नित्य सत्य साकेत विहारिणी,
परम दयामयी दिनोधारिणी,
सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥आरती श्री जनक दुलारी की ।
सीता जी रघुवर प्यारी की ॥सती श्रोमणि पति हित कारिणी,
पति सेवा वित्त वन वन चारिणी,
पति हित पति वियोग स्वीकारिणी,
त्याग धर्म मूर्ति धरी की ॥आरती श्री जनक दुलारी की ।
सीता जी रघुवर प्यारी की ॥विमल कीर्ति सब लोकन छाई,
नाम लेत पवन मति आई,
सुमीरात काटत कष्ट दुख दाई,
शरणागत जन भय हरी की ॥आरती श्री जनक दुलारी की ।
सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ -
October 20, 2025 3:46 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Ram Ji Ki Aarti: दिवाली की रात करें भगवान राम की आरती
॥दोहा॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख
कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥कन्दर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि
नोमि जनक सुतावरं ॥२॥भजु दीनबन्धु दिनेश दानव
दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल
चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥शिर मुकुट कुंडल तिलक
चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर
संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥इति वदति तुलसीदास शंकर
शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु
कामादि खलदल गंजनं ॥५॥मन जाहि राच्यो मिलहि सो
वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील
स्नेह जानत रावरो ॥६॥एहि भांति गौरी असीस सुन सिय
सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि
मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥॥सोरठा॥
जानी गौरी अनुकूल सिय
हिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल वाम
अङ्ग फरकन लगे। -
October 20, 2025 3:08 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
माता लक्ष्मी की स्तुति
आदि लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु परब्रह्म स्वरूपिणि।यशो देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
सन्तान लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पुत्र-पौत्र प्रदायिनि।पुत्रां देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
विद्या लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु ब्रह्म विद्या स्वरूपिणि।विद्यां देहि कलां देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
धन लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व दारिद्र्य नाशिनि।धनं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।धान्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वाभरण भूषिते।धान्यं देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
मेधा लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु कलि कल्मष नाशिनि।प्रज्ञां देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
गज लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वदेव स्वरूपिणि।अश्वांश गोकुलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
धीर लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पराशक्ति स्वरूपिणि।वीर्यं देहि बलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।जय लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व कार्य जयप्रदे।जयं देहि शुभं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
भाग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सौमाङ्गल्य विवर्धिनि।भाग्यं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
कीर्ति लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु विष्णुवक्ष स्थल स्थिते।कीर्तिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
आरोग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व रोग निवारणि।आयुर्देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।सिद्ध लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व सिद्धि प्रदायिनि।सिद्धिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
सौन्दर्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वालङ्कार शोभिते।रूपं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।
साम्राज्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु भुक्ति मुक्ति प्रदायिनि।मोक्षं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।मङ्गले मङ्गलाधारे माङ्गल्ये मङ्गल प्रदे।मङ्गलार्थं मङ्गलेशि माङ्गल्यं देहि मे सदा।
सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्रयम्बके देवि नारायणि नमोऽस्तुते।
शुभं भवतु कल्याणी आयुरारोग्य सम्पदाम्। -
October 20, 2025 2:39 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
दिवाली पर रात्रि पूजन में करें विष्णु चालीसा का पाठ
दोहा
विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ।।विष्णु चालीसा
नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी ।
प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी ।।सुन्दर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत ।
तन पर पीताम्बर अति सोहत, बैजन्ती माला मन मोहत ।।शंख चक्र कर गदा विराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे ।
सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे ।।सन्तभक्त सज्जन मनरंजन, दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ।
सुख उपजाय कष्ट सब भंजन, दोष मिटाय करत जन सज्जन ।।पाप काट भव सिन्धु उतारण, कष्ट नाशकर भक्त उबारण ।
करत अनेक रूप प्रभु धारण, केवल आप भक्ति के कारण ।।धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा, तब तुम रूप राम का धारा ।
भार उतार असुर दल मारा, रावण आदिक को संहारा ।।आप वाराह रूप बनाया, हिरण्याक्ष को मार गिराया ।
धर मत्स्य तन सिन्धु बनाया, चौदह रतनन को निकलाया।।अमिलख असुरन द्वन्द मचाया, रूप मोहनी आप दिखाया ।
देवन को अमृत पान कराया, असुरन को छवि से बहलाया।।कूर्म रूप धर सिन्धु मझाया, मन्द्राचल गिरि तुरत उठाया ।
शंकर का तुम फन्द छुड़ाया, भस्मासुर को रूप दिखाया ।।वेदन को जब असुर डुबाया, कर प्रबन्ध उन्हें ढुढवाया ।
मोहित बनकर खलहि नचाया, उसही कर से भस्म कराया ।।असुर जलन्धर अति बलदाई, शंकर से उन कीन्ह लड़ाई ।
हार पार शिव सकल बनाई, कीन सती से छल खल जाई।।सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी, बतलाई सब विपत कहानी ।
तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी, वृन्दा की सब सुरति भुलानी।।देखत तीन दनुज शैतानी, वृन्दा आय तुम्हें लपटानी ।
हो स्पर्श धर्म क्षति मानी, हना असुर उर शिव शैतानी।।तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे, हिरणाकुश आदिक खल मारे ।
गणिका और अजामिल तारे, बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे।।हरहु सकल संताप हमारे, कृपा करहु हरि सिरजन हारे ।
देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे, दीन बन्धु भक्तन हितकारे।।चाहता आपका सेवक दर्शन, करहु दया अपनी मधुसूदन ।
जानूं नहीं योग्य जब पूजन, होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन ।।शीलदया सन्तोष सुलक्षण, विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण ।
करहुं आपका किस विधि पूजन, कुमति विलोक होत दुख भीषण ।।करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण, कौन भांति मैं करहु समर्पण ।
सुर मुनि करत सदा सेवकाई, हर्षित रहत परम गति पाई ।।दीन दुखिन पर सदा सहाई, निज जन जान लेव अपनाई ।
पाप दोष संताप नशाओ, भव बन्धन से मुक्त कराओ।।सुत सम्पति दे सुख उपजाओ, निज चरनन का दास बनाओ ।
निगम सदा ये विनय सुनावै, पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै।। -
October 20, 2025 2:01 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली लक्ष्मी जी की आरती का समय 2025
दिवाली पर लक्ष्मी जी की आरती का समय 07:08 PM से 08:18 PM तक रहेगा। इस मुहूर्त में लक्ष्मी माता की विधि-विधान पूजा करने के बाद उनकी आरती जरूर करें।
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October 20, 2025 1:14 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश आरती का समय
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश जी की आरती का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर की शाम 07:16 से 08:25 तक रहेगा।
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October 20, 2025 12:51 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
धनलक्ष्मी पोटली की सामग्री (Dhan Laxmi Potli Samagri)
- लाल कपड़ा
- 5 गोमती चक्र
- 5 कौड़ियां
- पीली सरसों
- अक्षत
- कुमकुम
- 2 कमल गट्टा
- कलावा
- 5 इलायची
- चांदी का सिक्का
- 500 का नोट
- धनिया
- 5 लौंग
- 1 सुपारी
- 1 हल्दी साबुत
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October 20, 2025 12:16 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Shiv Ji Ki Aarti: शिवजी आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धगी धारा॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजै।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
दो भुज चारू चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
तीनो रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरती जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
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October 20, 2025 11:44 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
दिवाली पर मिले ये संकेत तो समझिए माता लक्ष्मी हैं आपसे प्रसन्न
अगर दिवाली की पूजा के दौरान दीपक की लौ स्थिर बनी हुई है और लौ का बाहरी आवरण आपको अधिक पीला या नारंगी दिखाई दे तो समझ जाइए आपकी पूजा सफल हुई है। वहीं पूजा के दौरान लौ जितनी शांत रहती है उतना ही इसे शुभ माना जाता है। शांत लौ आपके जीवन में भी शांति और स्थिरता लाती है। अगर दिवाली पूजन में आपके दिए की लौ भी स्थिर और शांत है तो आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
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October 20, 2025 11:06 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Vishnu Bhagwan Ki Aarti: विष्णु भगवान की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ।
भक्त जनों के संकट क्षण में दूर करे ॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिन से मन का ।
सुख-सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी ।
तुम बिन और न दूजा, आस करूं मैं जिसकी ॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी ।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी ॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता ।
मैं मूरख फलकामी, कृपा करो भर्ता ॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति ।
किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति ॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
दीन-बन्धु दुःख-हर्ता, तुम ठाकुर मेरे ।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे ॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा ।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा ॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥ॐ जय जगदीश हरे ॥
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October 20, 2025 10:12 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Diwali Mantra: दिवाली पूजा मंत्र
लक्ष्मी बीज मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥
महालक्ष्मी मंत्र - ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः
लक्ष्मी गायत्री मंत्र - ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे, विष्णुपत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥।
गणेश मंत्र - वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा
गणेश गायत्री मन्त्र - ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥
कुबेर मंत्र - ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
सरस्वती मंत्र - ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः॥
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October 20, 2025 9:23 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
लक्ष्मी गायत्री मन्त्र (Laxmi Gayatri Mantra)
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि,
तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
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October 20, 2025 8:48 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Diwali Ke Bhajan: सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई
सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,
नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,
सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,दीपावली का दिन ये निराला सुख का उजाला देने वाला,
मस्ती में खोया आलम सारा बेहने लगी है प्रेम की धरा,
सब के संकट दूर कररगी लक्ष्मी जी महामाई,
नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,
सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,फुले से घर है सब ने सजाये प्रेम से अन गिन दीप जलाये,
हे मेवा मिशरी और मिठाई दी है किसी को किसी से है पाई,
आज का दिन हो सब के लिए ही मंगल मई सुख दाई
नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,
सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई,आतिशबाजी और पटाखे दीपावली की शान बढ़ाते,
कोई हो पराये चाहे हो अपने आज हो पुरे सब के सपने,
सब को मुबारक बात हमारी सब को लाख बधाई,
नाचो गाओ धूम मचाओ लक्ष्मी जी घर आई,
सारे मिल के खुशियां मनाओ आई दिवाली आई -
October 20, 2025 8:46 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Maa Kali Ki Aarti: मां काली की आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |तेरे भक्त जनो पार माता भये पड़ी है भारी |
दानव दल पार तोतो माड़ा करके सिंह सांवरी |
सोउ सौ सिंघों से बालशाली, है अष्ट भुजाओ वली,
दुशटन को तू ही ललकारती |
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |माँ बेटी का है इस जग जग बाड़ा हाय निर्मल नाता |
पूत कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता |
सब पे करुणा दर्शन वालि, अमृत बरसाने वाली,
दुखीं के दुक्खदे निवर्तती |
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |नहि मँगते धन धन दौलत ना चण्डी न सोना |
हम तो मांगे तेरे तेरे मन में एक छोटा सा कोना |
सब की बिगड़ी बान वाली, लाज बचाने वाली,
सतियो के सत को संवरती |
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |चरन शरण में खडे तुमहारी ले पूजा की थाली |
वरद हस् स सर प रख दो म सकत हरन वली |
माँ भार दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओ वली,
भक्तो के करेज तू ही सरती |
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली |
तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती | -
October 20, 2025 8:14 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Kuber Devta Ki Aarti: कुबेर देवता की आरती
- ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे,
- स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।
- शरण पड़े भगतों के,
- भण्डार कुबेर भरे ।
- ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
- शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,
- स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।
- दैत्य दानव मानव से,
- कई-कई युद्ध लड़े ॥
- ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
- स्वर्ण सिंहासन बैठे,
- सिर पर छत्र फिरे,
- स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।
- योगिनी मंगल गावैं,
- सब जय जय कार करैं ॥
- ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
- गदा त्रिशूल हाथ में,
- शस्त्र बहुत धरे,
- स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।
- दुख भय संकट मोचन,
- धनुष टंकार करें ॥
- ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
- भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,
- स्वामी व्यंजन बहुत बने ।
- मोहन भोग लगावैं,
- साथ में उड़द चने ॥
- ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
- बल बुद्धि विद्या दाता,
- हम तेरी शरण पड़े,
- स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।
- अपने भक्त जनों के,
- सारे काम संवारे ॥
- ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
- मुकुट मणी की शोभा,
- मोतियन हार गले,
- स्वामी मोतियन हार गले ।
- अगर कपूर की बाती,
- घी की जोत जले ॥
- ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
- यक्ष कुबेर जी की आरती,
- जो कोई नर गावे,
- स्वामी जो कोई नर गावे ।
- कहत प्रेमपाल स्वामी,
- मनवांछित फल पावे ॥
- ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
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October 20, 2025 7:58 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
सरस्वती माता की आरती (Saraswati Mata Ki Aarti)
- जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
- सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
- जय सरस्वती माता॥
- चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी।
- सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥
- जय सरस्वती माता॥
- बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला।
- शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला॥
- जय सरस्वती माता॥
- देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।
- पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥
- जय सरस्वती माता॥
- विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो।
- मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो॥
- जय सरस्वती माता॥
- धूप दीप फल मेवा, मां स्वीकार करो।
- ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो॥
- जय सरस्वती माता॥
- मां सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
- हितकारी सुखकारी ज्ञान भक्ति पावे॥
- जय सरस्वती माता॥
- जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
- सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
- जय सरस्वती माता॥