दीपों का पावन पर्व दीपावली पूरे देश में बड़े ही उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग शाम में माता लक्ष्मी और गणेश जी की विधि विधान पूजा करने के बाद घर के कोने-कोने में दीपक जलाकर रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब प्रभु श्री राम 14 वर्षों के लंबे वनवास के बाद अपनी जन्मभूमि अयोध्या वापस लौटे थे। तब उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीयों की रोशनी से सराबोर कर दिया था। वहीं, दूसरी पौराणिक मान्यता के अनुसार दिवाली की रात मां लक्ष्मी स्वयं पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जिस घर में स्वच्छता और दीपों का दिव्य प्रकाश होता है, वहां वे स्थायी रूप से वास करती हैं। इसी कारण दिवाली की शाम विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन के बाद घर के मुख्य द्वार से लेकर हर कोने में दीपक जलाए जाते हैं।
लेकिन अक्सर हर किसी के मन में यह सवाल रहता है कि दिवाली की रात कुल कितने दीये जलाने चाहिए, साथ ही दीपक जलाने का सबसे शुभ समय क्या है और रातभर अखंड दीपक कैसे और किस स्थान पर जलाकर रखना चाहिए? आइए, इस लेख में इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।
दिवाली 2026 पर दीया जलाने का समय
दिवाली पर दीया जलाने का शुभ समय शाम 05:54 से 07:50 बजे तक रहेगा। वहीं इस दिन प्रदोष काल शाम 05:31 से रात 08:09 बजे तक रहेगा।
दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए?
दिवाली पर दीपक जलाने की कोई एक निश्चित संख्या नहीं होती। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार कितने भी दीपक जला सकते हैं। लेकिन सामान्य तौर पर इस दिन 5, 11, 21, 51 या 108 दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस दिन दो बड़े दीपक भी जलाए जाते हैं। जिनमें से एक दीपक घी का होता है जो पूरी रात जलता है तो वहीं दूसरा दीपक तेल का होता है।
दिवाली पर दीपक कहां-कहां रखना चाहिए?
- मंदिर में दो बड़े दीपक (एक सरसों के तेल का और एक शुद्ध देसी घी का)
- मुख्य द्वार के दोनों तरफ
- लिविंग रूम में
- रसोई में
- छत और बालकनी में
- तुलसी के पौधे के पास
- पीपल के पेड़ के नीचे
- एक घर के पास किसी मंदिर में
- हर कमरे के द्वार पर भी दो-दो दीपक रखें
- बाथरूम के बाहर
दिवाली पर दीये जलाते समय इस श्लोक का करें उच्चारण
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
Diwali 2026 Laxmi Aarti Lyrics: दिवाली पर मां लक्ष्मी की आरती करें या नहीं? जानिए सही नियम संपूर्ण लिरिक्स और आरती का समय
8 नवंबर 2026 का पंचांग: रविवार को मनाया जाएगा दिवाली का पावन पर्व, जानें अभ्यंग स्नान से लेकर लक्ष्मी पूजन तक का शुभ समय