दीपावली के पर्व से ठीक एक दिन पहले हनुमान जी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छोटी दिवाली की रात में हनुमान जी की पूजा करने से शुभ फल भक्तों को प्राप्त हो सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटी दिवाली के दिन आखिर क्यों हनुमान जी की पूजा का विधान है? अगर आप इस बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको बताएंगे कि छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की पूजा का क्या महत्व और और बजरंगबली की पूजा से कैसे फल आपको प्राप्त होते हैं।
छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा का धार्मिक महत्व
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम जब 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद अपने घर अयोध्या वापस लौटे तो उन्होंने हनुमान जी को निष्काम सेवा और भक्ति के चलते आशीर्वाद दिया कि दीपावली के उत्सव से पहले हनुमान जी का पूजन किया जाएगा। माना जाता है कि तब से ही दिवाली के एक दिन पहले हनुमान जी की पूजा का विधान चला आ रहा है।
- एक मान्यता यह भी है कि छोटी दिवाली के दिन नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में नकारात्मक शक्तियों से पार पाने के लिए, भय से मुक्ति के लिए हनुमान जी की पूजा की जाती है।
- भारत के कुछ राज्यों में छोटी दिवाली को हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसलिए भी छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की पूजा करने का विधान है।
हनुमान जी की पूजा से मिलने वाले लाभ
दिवाली से एक दिन पहले हनुमान जी की पूजा करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। इस दिन अगर आप हनुमान जी की पूजा के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ भी करते हैं तो नकारात्मकता आप पर हावी नहीं होती। छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा करने से बड़े से बड़े संकट भी टल सकते हैं और दीर्घायु की भी आपको प्राप्ति होती है। इसके साथ ही हनुमान जी की पूजा से भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान की भी प्राप्ति होती है। बल, बुद्धि और विद्या प्राप्ति के लिए भी हनुमान जी की आराधना करना इस दिन शुभ माना जाता है। छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा करने से शारीरिक बल के साथ ही मानसिक स्थिरता भी आप प्राप्त कर सकते है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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