Falgun Purnima 2025: फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को हिंदू धर्म में बेहद शुभ दिन माना जाता है। इसी दिन होली का पावन त्योहार भी मनाया जाता है और पूर्णिमा का व्रत भी रखा जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा का न केवल धार्मिक महत्व है बल्कि ये सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष मानी गयी है। इस दिन रंगोत्सव के साथ ही स्नान दान करना भी अत्यंत शुभ फलदायक सिद्ध होता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त कब है।
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 13 मार्च गुरुवार के दिन सुबह 10 बजकर 38 मिनट से शुरू हो जाएगी और 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान 14 मार्च को ही किया जाएगा।
स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त- हिंदू धर्म में स्नान दान के लिए सबसे अच्छा समय ब्रह्म मुहूर्त माना गया है। 14 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 55 मिनट से 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप स्नान-दान करके पुण्य फलों की प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी आप स्नान दान कर सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन किए जाने वाले कार्य
- इस दिन गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान करना बेहद शुभ होता है।
- इसके साथ ही चंद्रमा की पूजा करना और चंद्रमा को अर्घ्य देने से भी उचित परिणाम आपको प्राप्त होते हैं।
- दान के रूप में इस दिन आप अन्न, वस्त्र, धन आदि दे सकते हैं।
- यह दिन आध्यात्मिक रूप से भी बेहद अहम माना गया है। इस दिन योग-ध्यान करने से आपको पारलौकिक अनुभव हो सकते हैं।
फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व
फाल्गुन पूर्णिमा का दिन धार्मिक रूप से बेहद खास होता है। इस दिन होलाष्टक का भी खत्म हो जाते हैं। इसलिए स्नान-दान करने से इस दिन शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन चंद्रमा का पूजन करना भी शुभ माना जाता है, इससे कुंडली में मौजूद चंद्र दोष खत्म होता है। वहीं इस दिन व्रत रखने से पाप कर्मों से आपको मुक्ति मिलती है और जीवन में संतुलन लौटता है। इस दिन अपने इष्ट देव को अगर आप उनका प्रिय रंग अर्पित करते हैं तो कई कष्टों से आपको मुक्ति मिल सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें-
Masan Holi: मसान होली चिता की राख से ही क्यों खेली जाती है? भगवान शिव से जुड़ी है मान्यता
Bhaum Pradosh Upay: भौम प्रदोष के दिन न चूकें, करें ये उपाय, यू छूमंतर हो जाएंगी सभी परेशानियां