आज देश भर में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु अपने घरों में बप्पा का स्वागत करते हैं और व्रत रखते हैं। आमतौर पर चतुर्थी के व्रत में चंद्र दर्शन करना शुभ माना जाता है या यूं कहें कि चांद के दर्शन के बिना ये पर्व अधूरा रहता है। लेकिन जब बात भाद्रपद शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी की आती है तो इस दिन चंद्रमा के दर्शन भूलकर भी नहीं किए जाते। कहते हैं इस दिन चांद देखने से कलंक लगता है, इसी कारण से इस चतुर्थी को कलंक चतुर्थी या पत्थर चौथ के नाम से भी जाना जाता है। चलिए जानते हैं आज चांद कब निकलेगा और किस समय चांद के दर्शन नहीं करने हैं।
14 सितंबर 2026 को चांद कब निकलेगा
आज चंद्रोदय सुबह 9 बजकर 6 मिनट पर हो गया है और चंद्रास्त रात 8 बजकर 6 मिनट पर होगा। आसमान में चांद शाम 6 बजे से दिखना शुरू हो जाएगा।
गणेश चतुर्थी 2026 पर चांद कब नहीं देखना है?
गणेश चतुर्थी पर चांद 09:06 AM से 08:04 PM तक नहीं देखना है।
गणेश चतुर्थी पर चांद दिख जाए तो क्या करें?
गणेश चतुर्थी के दिन चन्द्र-दर्शन वर्जित होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद के दर्शन करने से मिथ्या दोष और मिथ्या कलंक लगता है जिसकी वजह से चांद देखने वाले व्यक्ति को चोरी का झूठा आरोप सहना पड़ सकता है। कहते हैं इस दिन चांद देखने से भगवान कृष्ण पर भी स्यमन्तक नाम की कीमती मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था। ऐसे में अगर आप भी इस दिन गलती से चांद देख लें तो नीचे दिए गए मंत्र का जाप जरूर करें:
सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥
वहीं कुछ मान्यताओं के अनुसार, यदि इस दिन गलती से चंद्रमा दिख जाए तो तुरंत एक कंकड़ या पत्थर उठाकर चंद्रमा की ओर फेंक दें। इसके बाद भगवान गणेश की स्तुति और वंदना करें। साथ ही स्यमंतक मणि की कथा का पाठ करें।
गणेश चतुर्थी पर चांद क्यों नहीं देखना चाहिए?
एक समय भगवान गणेश अपने वाहन मूषक के साथ कैलाश का भ्रमण कर रहे थे। तभी वहां गणेश जी को चंद्र देव के हंसने की आवाज सुनाई दी। भगवान ने चंद्र देव से उनके हंसने का कारण पूछा। इस पर चंद्रदेव ने कहा कि उन्हें भगवान गणेश के इस विचित्र रूप को देखकर हंसी आ रही है। इसके बाद चंद्र देव अपने रूप की प्रशंसा करने लगे। चंद्र देव के यूं दूसरों का मजाक उड़ाने की प्रवृति को देखकर भगवान गणेश ने उन्हें श्राप दिया कि उन्हें अपने जिस रूप पर इतना अभिमान है वो आज ही कंलकित और कुरूप हो जाएगा। साथ ही जो कोई भी इस दिन चंद्र के दर्शन करेगा, उसे जीवन में झूठे कलंक का सामना करना पड़ेगा।
गणेश जी द्वारा दिए गए इस श्राप को सुनकर चंद्र देव को अपनी गलती का अहसास हुआ और वे भगवान गणेश से तुरंत क्षमा याचना करने लगे। इसके बाद चंद्र देव ने भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जी की विधि विधान पूजा की। चंद्र देव को पश्चाताप करते हुए देखकर गणेश जी ने उन्हें उनकी भूल के लिए क्षमा कर दिया। लेकिन अब दिया श्राप तो वापस नहीं हो सकता था, लेकिन गणेश जी ने उन्हें वरदान दिया कि जो कोई इस चतुर्थी तिथि पर चंद्रमा की विधि-विधान पूजा करेगा तो उस पर कलंकित चंद्रमा का असर नहीं होगा। इसलिए इस दिन लोग चंद्रमा की पूजा करते हैं जिससे उनके जीवन पर लगने वाले कलंक नष्ट हो जाएं।
आज का चंद्रोदय समय शहर अनुसार
- नई दिल्ली - 09:06 AM से 08:04 PM
- नोएडा - 09:01 AM से 08:08 PM
- पटना - 08:24 AM से 07:41 PM
- लखनऊ - 08:44 AM से 07:56 PM
- मुबंई - 09:07 AM से 08:41 PM
- जम्मू - 09:18 AM से 08:11 PM
- जयपुर - 09:05 AM से 08:17 PM
- चंडीगढ़ - 09:07 AM से 08:06 PM
- वाराणसी - 08:33 AM से 07:50 PM
- कोटा - 09:02 AM से 08:19 PM
- हैदराबाद - 08:41 AM से 08:04 PM
- कोलकाता - 07:07 AM से 07:32 PM
- कानपुर - 08:45 AM से 07:59 PM
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