Ganesh Chaturthi 2026 Live: आज गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी न करें चांद के दर्शन, नोट कर लें चंद्र दर्शन वर्जित समय
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी का पावन पर्व इस साल 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु अपने घरों में बप्पा की प्रतिमा स्थापित करते हैं और सुबह-शाम उनकी विधि विधान पूजा करते हैं। यहां हम आपको बताएंगे गणेश स्थापना का मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि।

Ganesh Chaturthi 2026 Live: भगवान गणेश के जन्म के उत्सव को ही गणेश चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपने घर में गणपति बप्पा की प्रतिमा लाते हैं। फिर शुभ मुहूर्त में उस प्रतिमा की विधि विधान स्थापना करते हैं। इसके बाद बप्पा की पूजा की जाती है और उन्हें तरह-तरह की चीजों का भोग लगाया जाता है। श्रद्धालु इस दौरान गणेश जी के मंत्रों का जाप करते हैं और परिवार के साथ बप्पा की आरती उतारते हैं। फिर कुछ दिनों बाद गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाता है। कोई गणेश विसर्जन डेढ़ दिन में करता है, कोई तीसरे दिन तो कोई सातवें दिन। वहीं पंडालों और मंदिरों में स्थापित की गई गणेश मूर्ति का विसर्जन आमतौर पर अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि गणेश चतुर्थी के दिन चांद के दर्शन नहीं किये जाते हैं।
कहते हैं भगवान गणेश ने चंद्र देव को श्राप दिया था कि जो भी इस दिन चांद को देखेगा उसे भविष्य में अपमान और झूठे कलंक का सामना करना पड़ेगा। इसलिए कहा जाता है कि इस दिन चांद को भूलकर भी नहीं देखना चाहिए और अगर गलती से चांद दिख जाए तो तुरंत ही इस मंत्र का जाप करना चाहिए: 'सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥' गणेश चतुर्थी पर चांद की कहानी क्या है यहां जानें
गणेश चतुर्थी 2026 पूजा मुहूर्त
- गणेश चतुर्थी का त्योहार 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा।
- गणेश चतुर्थी पूजा और स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 से दोपहर 01:31 बजे तक रहेगा।
- गणेश चतुर्थी पर वर्जित चन्द्रदर्शन का समय सुबह 09:06 से रात 08:04 बजे तक रहेगा।
- गणेश चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 07:06 से 15 सितंबर की सुबह 07:44 बजे तक रहेगी।
गणेश चतुर्थी 2026 स्थापना और पूजा विधि
- गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद जहां भी गणेश प्रतिमा की स्थापना करनी है उस स्थान को अच्छे से साफ कर लें।
- फिर वहां पर एक चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछा दें।
- चौकी पर थोड़े से अक्षत भी डालें।
- फिर बप्पा की प्रतिमा को उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके चौकी पर स्थापित कर दें।
- फिर सबसे पहले बप्पा की प्रतिमा पर गंगाजल का छिड़काव करें।
- प्रतिमा के बराबर में ही एक कलश भी स्थापित करें। इस कलश में आम के पत्ते, सिक्का, अक्षत और सुपारी भी डालें।
- फिर कलश पर मौली बांधे और उसके ऊपर नारियल रखें।
- फिर घी का दीपक जलाएं।
- बप्पा की प्रतिमा और कलश पर टीका लगाकर कुछ फूल अर्पित करें।
- फिर दूर्वा और अक्षत चढ़ाएं।
- फल, मोदक, मिठाई इत्यादि चीजें भोग स्वरूप अर्पित करें।
- “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करते हुए भगवान की आराधना करें।
- परिवार के साथ गणेश जी की आरती करें और हाथ जोड़कर बप्पा से विघ्न दूर करने की प्रार्थना करें।
- जितने दिन तक घर में गणपति बप्पा की प्रतिमा रखेंगे उतने दिन तक सुबह शाम भगवान को भोग लगाएं और उनकी आरती करें।
गणेश चतुर्थी भोग लिस्ट
- मोदक
- बेसन के लड्डू
- तिल-गुड़ के लड्डू
- सूजी का हलवा
- पंचामृत
- नारियल के लड्डू
- केसरिया खीर
- फल
गणपति स्थापना मंत्र
- ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥
- श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
- ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
- गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
- ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
(गणेश चतुर्थी 2026 से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर)
Live updates : Ganesh Chaturthi Live: गणेश चतुर्थी पूजा का मुहूर्त, विधि, मंत्र, कथा, आरती समेत सारी जानकारी मिलेगी यहां
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September 14, 2026 7:54 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
डेढ़ दिन (एक और आधा दिन) बाद गणेश विसर्जन
गणेश विसर्जन चतुर्थी तिथि के अगले दिन (डेढ़ दिन बाद) ही किया जा सकता है। गणेश विसर्जन के लिए प्रचलित दिनों में से यह भी एक दिन है। जो भक्त अगले दिन गणेश विसर्जन करते हैं, वे गणेश पूजा करने के बाद प्रतिमा को मध्याह्न के अगले पहर विसर्जित करते हैं। गणेश स्थापना चतुर्थी तिथि के दिन मध्याह्न में होती है और विसर्जन, मध्याह्न के बाद, इसीलिए इसे डेढ़ दिन में गणेश विसर्जन कहा जाता है।
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September 14, 2026 6:37 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
गणेश विसर्जन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
एक और आधा दिन (डेढ़ दिन) के बाद गणेश विसर्जन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
गणेश विसर्जन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 12:34 पी एम से 02:05 पी एम
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 03:37 पी एम से 05:09 पी एम
- सायाह्न मुहूर्त (लाभ) - 08:09 पी एम से 09:37 पी एम
- रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 11:06 पी एम से 03:30 ए एम, सितंबर 16
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September 14, 2026 5:52 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
गणेश जी का विसर्जन कब किया जाएगा
गणेश जी का विसर्जन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी को किया जाएगा।
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September 14, 2026 4:54 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
गणेश चतुर्थी के दिन (14 सितंबर) चांद कब निकलेगा
आज चंद्रोदय सुबह 9 बजकर 6 मिनट पर हो गया है और चंद्रास्त रात 8 बजकर 6 मिनट पर होगा। आसमान में चांद शाम 6 बजे से दिखना शुरू हो जाएगा।
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September 14, 2026 4:26 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
गणेश चतुर्थी पर अगर गलती से चांद दिख जाए तो क्या करना चाहिए?
गणेश चतुर्थी के दिन चन्द्र-दर्शन वर्जित होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद के दर्शन करने से मिथ्या दोष और मिथ्या कलंक लगता है जिसकी वजह से चांद देखने वाले व्यक्ति को चोरी का झूठा आरोप सहना पड़ सकता है। कहते हैं इस दिन चांद देखने से भगवान कृष्ण पर भी स्यमन्तक नाम की कीमती मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था। ऐसे में अगर आप भी इस दिन गलती से चांद देख लें तो नीचे दिए गए मंत्र का जाप जरूर करें:
सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥
वहीं कुछ मान्यताओं के अनुसार, यदि इस दिन गलती से चंद्रमा दिख जाए तो तुरंत एक कंकड़ या पत्थर उठाकर चंद्रमा की ओर फेंक दें। इसके बाद भगवान गणेश की स्तुति और वंदना करें। साथ ही स्यमंतक मणि की कथा का पाठ करें।
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September 14, 2026 3:54 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
चांद देखने से क्या होता है?
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करने की मनाही होती है। कहा जाता है कि इस दिन चांद देखने से कलंक लगता है, इसी कारण से इस चतुर्थी को कलंक चतुर्थी या पत्थर चौथ के नाम से भी जाना जाता है।
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September 14, 2026 3:22 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
गणेश चतुर्थी 2026 पर चंद्र दर्शन वर्जित समय
गणेश चतुर्थी पर चांद 09:06 AM से 08:04 PM तक नहीं देखना है।
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September 14, 2026 3:01 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है?
धार्मिक मान्यताओं अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन ही भगवान गणेश का जन्म हुआ था इसलिए ही हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी को गणेश उत्सव मनाया जाता है।
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September 14, 2026 2:23 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी भोग
मोदक: यह भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग है। चावल के आटे या मावे और नारियल-गुड़ से बने मोदक बप्पा को जरूर अर्पित करें।
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September 14, 2026 1:47 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश जी को तुलसी चढ़ा सकते हैं क्या?
नहीं गणेश जी को तुलसी भूलकर भी नहीं चढ़ानी चाहिए। गणेश जी को दुर्वा अर्पित करनी चाहिए। कहते हैं इससे उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।।
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September 14, 2026 12:53 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi Bhajan: गणेश चतुर्थी भजन
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September 14, 2026 12:47 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
गणेश चतुर्थी 2026 पर चंद्र दर्शन वर्जित समय
गणेश चतुर्थी पर चांद 09:06 AM से 08:04 PM तक नहीं देखना है।
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September 14, 2026 12:20 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
अनंत चतुर्दशी कब मनाई जाएगी?
इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन लोग गणेश चतुर्थी के दिन घर लाई बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।
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September 14, 2026 11:59 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
गणेश चतुर्थी व्रत में क्या खा सकते हैं?
इस व्रत में आप फलाहारी भोजन का सेवन कर सकते हैं। लेकिन अन्न का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
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September 14, 2026 11:34 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी के दिन गणेश विसर्जन कर सकते हैं क्या?
जी हां, गणेश चतुर्थी के दिन गणेश विसर्जन कर सकते हैं। 14 सितंबर को गणपति विसर्जन का मुहूर्त इस प्रकार रहेगा...
- अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 01:37 PM से 06:14 PM
- सायाह्न मुहूर्त (चर) - 06:14 PM से 07:42 PM
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 10:37 PM से 12:04 AM, सितम्बर 15
- उषाकाल मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 01:32 AM से 05:54 AM, सितम्बर 15
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September 14, 2026 11:07 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Ji Ki Aarti: गणपति भगवान की आरती लिरिक्स
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गणपति की सेवा मंगल मेवा,सेवा से सब विघ्न टरैं।
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तीन लोक के सकल देवता, द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- रिद्धि-सिद्धि दक्षिण वाम विराजें, अरु आनन्द सों चमर करैं।
- धूप-दीप अरू लिए आरती भक्त खड़े जयकार करैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- गुड़ के मोदक भोग लगत हैं मूषक वाहन चढ्या सरैं।
- सौम्य रूप को देख गणपति के विघ्न भाग जा दूर परैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- भादो मास अरु शुक्ल चतुर्थी दिन दोपारा दूर परैं।
- लियो जन्म गणपति प्रभु जी दुर्गा मन आनन्द भरैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- अद्भुत बाजा बजा इन्द्र का देव बंधु सब गान करैं।
- श्री शंकर के आनन्द उपज्या नाम सुन्यो सब विघ्न टरैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- आनि विधाता बैठे आसन, इन्द्र अप्सरा नृत्य करैं।
- देख वेद ब्रह्मा जी जाको विघ्न विनाशक नाम धरैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- एकदन्त गजवदन विनायक त्रिनयन रूप अनूप धरैं।
- पगथंभा सा उदर पुष्ट है देव चन्द्रमा हास्य करैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- दे शराप श्री चन्द्रदेव को कलाहीन तत्काल करैं।
- चौदह लोक में फिरें गणपति तीन लोक में राज्य करैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- उठि प्रभात जप करैं ध्यान कोई ताके कारज सर्व सरैं
- पूजा काल आरती गावैं। ताके शिर यश छत्र फिरैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
- गणपति की पूजा पहले करने से काम सभी निर्विघ्न सरैं।
- सभी भक्त गणपति जी के हाथ जोड़कर स्तुति करैं॥
- गणपति की सेवा मंगल मेवा...॥
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September 14, 2026 10:46 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi Mantra: गणेश चतुर्थी मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः।
ऊँ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।
ॐ वक्रतुण्डाय हुं।
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September 14, 2026 9:42 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
गणेश चतुर्थी पर चांद दिखने का समय
नई दिल्ली - 09:06 AM से 08:04 PM
नोएडा - 09:01 AM से 08:08 PM
पटना - 08:24 AM से 07:41 PM
लखनऊ - 08:44 AM से 07:56 PM
मुबंई - 09:07 AM से 08:41 PM
जम्मू - 09:18 AM से 08:11 PM
जयपुर - 09:05 AM से 08:17 PM
चंडीगढ़ - 09:07 AM से 08:06 PM
वाराणसी - 08:33 AM से 07:50 PM
कोटा - 09:02 AM से 08:19 PM
हैदराबाद - 08:41 AM से 08:04 PM
कोलकाता - 07:07 AM से 07:32 PM
कानपुर - 08:45 AM से 07:59 PM -
September 14, 2026 8:59 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर अगर गलती से चांद दिख जाए तो क्या करें
गणेश चतुर्थी पर अगर गलती से चांद दिख जाए तो मिथ्या दोष से बचाव के लिये निम्नलिखित मन्त्र का जाप करना चाहिये -
सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥
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September 14, 2026 8:37 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi Katha: गणेश चतुर्थी कथा
भगवान गणेश जी के जन्म की कथा बहुत ही रोचक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, गणेश जी का जन्म माता पार्वती के संकल्प से हुआ था। कहते हैं एक बार जब माता पार्वती स्नान के लिए जा रही थीं तो उस समय उनके घर के द्वार पर कोई पहरेदार नहीं था जो घर के अंदर आने वालों को रोक सके। तब माता ने अपने शरीर के उबटन यानी मैल से एक बालक की मूर्ति बनाई और उसमें प्राण फूंक दिए। कहते हैं इस प्रकार श्री गणेश जी का जन्म हुआ। फिर माता पार्वती ने बालक गणेश को आदेश दिया कि जब तक वह स्नान कर बाहर न आ जाएं, तब तक अंदर किसी को आने नहीं देना। बालक गणेश माता की आज्ञा मानकर द्वार पर बैठकर पहरा देने लगे।
थोड़ी देर बाद भगवान शिव वहां पहुंचे और अंदर जाने लगे। लेकिन बालक गणेश ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। शिव जी ने उन्हें बहुत समझाया कि वह पार्वती के पति हैं उन्हें अंदर जाने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं लेकिन गणेश जी अपनी माता की आज्ञा पर अडिग रहे और उन्होंने भोलेनाथ को अंदर नहीं जाने दिया। कई देवी-देवताओं ने गणेश जी को समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने किसी की भी नहीं सुनी। इसके बाद भगवान शिव और बालक के बीच युद्ध छिड़ गया। क्रोध में आकर शिव जी ने अपने त्रिशूल से बालक गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया।
जब माता पार्वती बाहर आईं तो अपने पुत्र को मृत देख वह अत्यंत क्रोधित और दुखी हो गईं। उन्होंने पूरी सृष्टि का विनाश करने का संकल्प ले लिया। इससे सभी देवी-देवता भयभीत हो गए। तब माता पार्वती को शांत करने के लिए शिव जी ने बालक को जीवित करने का निर्णय लिया। भगवान शिव ने अपने गणों से कहा कि उत्तर दिशा की तरफ जाओ और जो भी माता अपने बच्चे की तरफ पीठ करके सोई हो, उस बच्चे का सिर ले आओ। शिव की आदेश पर गण एक सिर की खोज में निकल गए। काफी मशक्कत के बाद गणों को एक हथिनी मिली जो अपने बच्चे की तरफ पीठ करके सोई थी।
गण उसके बच्चे का सिर ले आए। शिव जी ने वह मस्तक बालक के धड़ पर रखकर उन्हें पुनर्जीवित कर दिया। अपने पुत्र को जीवित देख माता पार्वती प्रसन्न हुईं। इसके बाद शिव जी समेत अन्य सभी देवताओं ने गणेश जी को आशीर्वाद दिया। साथ भगवान शिव ने कहा कि अब से किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में सबसे पहले गणेश जी की ही पूजा की जाएगी। इसी कारण भगवान गणेश को 'प्रथम पूज्य' देवता माना जाता है और आज भी हर पूजा-पाठ या शुभ काम की शुरुआत गणेश जी की आराधना से ही होती है।
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September 14, 2026 8:09 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
lalbaugcha raja 2026: घर बैठे करें लालबागचा राजा के दर्शन
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September 14, 2026 8:00 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Ji Ki Sthapana Ka Muhurat 2026: गणेश स्थापना का मुहूर्त
गणेश जी की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 10:29 से दोपहर 12:57 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में गणपति बप्पा की स्थापना करें और उनकी पूजा करें।
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September 14, 2026 7:43 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi Wishes In Sanskrit: गणेश चतुर्थी संस्कृत विशेज
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
गणेश चतुर्थी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं -
September 14, 2026 7:21 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
श्री सिद्धिविनायक आरती
सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची ।
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ।
कंठी झलके माल मुकताफळांची ।
जय देव जय देव..जय देव जय देव,
जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः,
कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ।
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।
जय देव जय देव..जय देव जय देव,
जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः,
कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना ।
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे निर्वाणी, रक्षावे सुरवर वंदना ।
जय देव जय देव..जय देव जय देव,
जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः,
कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥ -
September 14, 2026 6:49 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi Shubh Muhurat: गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:32 ए एम से 05:19 ए एम
- प्रातः सन्ध्या- 04:56 ए एम से 06:05 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 11:52 ए एम से 12:41 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:20 पी एम से 03:10 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:28 पी एम से 06:51 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 06:28 पी एम से 07:37 पी एम
- अमृत काल- 07:18 ए एम से 08:57 ए एम
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September 13, 2026 11:55 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
गणेश जी पूजा मंत्र
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वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
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एकदन्ताय शुद्घाय सुमुखाय नमो नमः। प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने ॥
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ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥
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ॐ गं गणपतये नमो नमः
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September 13, 2026 11:35 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
गणपतिजी की स्तुति
वन्दौं श्री गणपति पद, विघ्नविनाशन हार। पवित्रता की शक्ति जो, सब जग मूलाधार।।1।।
हे परम ज्ञान दाता, सकल विश्व आधार। क्षमा करें वर दें, विघ्नों से करें उबार।।2।।
हे जग वंदन, हे जगनायक! हे गौरीनंदन! हे वरदायक।।3।।
हे विघ्नविनाशन! हे गणनायक! हे भवभय मोचन! हे जन सुखदायक!।।4।।
दया करो हे प्रभु! दे सबको निर्मल ज्ञान। हे सहज संत! दें हम को यह वरदान।।5।।
मंगलमय हो गीत हमारे करें जनकल्याण। मातृप्रेम में निरत रहें पावें पद निर्वाण।।6।।
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September 13, 2026 11:09 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
श्री गणेश चालीसा
॥ दोहा ॥
जय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपाल।विघ्न हरण मंगल करण,जय जय गिरिजालाल॥
॥ चौपाई ॥
जय जय जय गणपति गणराजू।मंगल भरण करण शुभः काजू॥
जै गजबदन सदन सुखदाता।विश्व विनायका बुद्धि विधाता॥
वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना।तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥
राजत मणि मुक्तन उर माला।स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥
पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं।मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥
सुन्दर पीताम्बर तन साजित।चरण पादुका मुनि मन राजित॥
धनि शिव सुवन षडानन भ्राता।गौरी लालन विश्व-विख्याता॥
ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे।मुषक वाहन सोहत द्वारे॥
कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी।अति शुची पावन मंगलकारी॥
एक समय गिरिराज कुमारी।पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥
भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा।तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा॥
अतिथि जानी के गौरी सुखारी।बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥
अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा।मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥
मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला।बिना गर्भ धारण यहि काला॥
गणनायक गुण ज्ञान निधाना।पूजित प्रथम रूप भगवाना॥
अस कही अन्तर्धान रूप हवै।पालना पर बालक स्वरूप हवै॥
बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना।लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना॥
सकल मगन, सुखमंगल गावहिं।नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं॥
शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं।सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं॥
लखि अति आनन्द मंगल साजा।देखन भी आये शनि राजा॥
निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं।बालक, देखन चाहत नाहीं॥
गिरिजा कछु मन भेद बढायो।उत्सव मोर, न शनि तुही भायो॥
कहत लगे शनि, मन सकुचाई।का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई॥
नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ।शनि सों बालक देखन कहयऊ॥
पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा।बालक सिर उड़ि गयो अकाशा॥
गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी।सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी॥
हाहाकार मच्यौ कैलाशा।शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा॥
तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो।काटी चक्र सो गज सिर लाये॥
बालक के धड़ ऊपर धारयो।प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो॥
नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे।प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे॥
बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा।पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥
चले षडानन, भरमि भुलाई।रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई॥
चरण मातु-पितु के धर लीन्हें।तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥
धनि गणेश कही शिव हिये हरषे।नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥
तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई।शेष सहसमुख सके न गाई॥
मैं मतिहीन मलीन दुखारी।करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी॥
भजत रामसुन्दर प्रभुदासा।जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा॥
अब प्रभु दया दीना पर कीजै।अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥
॥ दोहा ॥
श्री गणेश यह चालीसा,पाठ करै कर ध्यान।नित नव मंगल गृह बसै,लहे जगत सन्मान॥
सम्बन्ध अपने सहस्र दश,ऋषि पंचमी दिनेश।
पूरण चालीसा भयो,मंगल मूर्ती गणेश॥
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September 13, 2026 10:13 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणपति भगवान की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान
गणपति महाराज की पूजा में तुलसी का बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें।
कभी भी खंडित गणपति की मूर्ति की स्थापना न करें।
जितने दिन मूर्ति घर में रख रहे हैं उतने दिन घर खाली न छोड़ें। घर में कोई न कोई जरूर रहे।
मूर्ति का विसर्जन विधि विधान करें।
इस दौरान घर में प्याज-लहसुन का इस्तेमाल न करें।
मूर्ति को अपवित्र हाथों से न छुएंं। -
September 13, 2026 9:13 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश भजन
हम आये है तेरे द्वार,
गिरजा के ललना,
हो देवो के सरदार,
गिरजा के ललना,
करने दीदार दीदार दीदार,
दीदार गिरजा के ललना,
अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,
सब भक्त तेरे अंगना,
हम आये हैं तेरे द्वार,
गिरजा के ललना ॥लंबोदर गजबदन गजानन,
लाये खुशहाली,
महक उठे वन उपवन खेतन,
आई हरियाली,
अरे झूम झूम के भगता तेरी,
करते वंदना,
अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,
सब भक्त तेरे अंगना,
हम आये हैं तेरे द्वार,
गिरजा के ललना ॥तीजा रही उपासी गौरा,
सह के कठिन कलेश,
लगत चौथ चंदा के नाईं,
पूजे गौर गणेश,
अरे लालन बनके महा शक्ति के,
झूले झूलना,
अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,
सब भक्त तेरे अंगना,
हम आये हैं तेरे द्वार,
गिरजा के ललना ॥घर घर मे तुम आये गणपति,
हो रही जय जयकार,
ये ‘बेनाम’ खड़ा कर जोरे,
ले फूलन के हार,
अपने इस ‘संदीप’ को गणपति,
दाता न भूलना,
अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,
सब भक्त तेरे अंगना,
हम आये हैं तेरे द्वार,
गिरजा के ललना ॥हम आये है तेरे द्वार,
गिरजा के ललना,
हो देवो के सरदार,
गिरजा के ललना,
करने दीदार दीदार दीदार,
दीदार गिरजा के ललना,
अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,
सब भक्त तेरे अंगना,
हम आये हैं तेरे द्वार,
गिरजा के ललना ॥ -
September 13, 2026 8:24 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
Ganesh Chaturthi 2026 Live: घर पर गणेश विसर्जन कैसे करें?
अगर आप घर पर ही गणेश विसर्जन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक बड़े साफ बर्तन या टब की जरूरत होगी। इसमें शुद्ध जल भर लें। साथ ही थोड़ी रोली, अक्षत और फूल डाल लें। फिर इस जल में गणपति बप्पा के जयकारों के साथ मूर्ति विसर्जित कर दें।
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September 13, 2026 7:54 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश विसर्जन कब करें?
गणेश विसर्जन आप गणेश चतुर्थी पर, उसके डेढ़ दिन बाद, तीसरे, पांचवे और सातवें दिन भी कर सकते हैं। वहीं अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन का विशेष महत्व माना जाता है। पंडालों और मंदिरों में जो गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है उनका विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन ही किया जाता है।
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September 13, 2026 6:49 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त शहर अनुसार
11:16 ए एम से 01:44 पी एम - पुणे
11:02 ए एम से 01:31 पी एम - नई दिल्ली
10:51 ए एम से 01:18 पी एम - चेन्नई
11:08 ए एम से 01:36 पी एम - जयपुर
10:58 ए एम से 01:25 पी एम - हैदराबाद
11:03 ए एम से 01:31 पी एम - गुरुग्राम
11:04 ए एम से 01:33 पी एम - चण्डीगढ़
10:18 ए एम से 12:46 पी एम - कोलकाता
11:20 ए एम से 01:48 पी एम - मुम्बई
11:02 ए एम से 01:28 पी एम - बेंगलूरु
11:21 ए एम से 01:49 पी एम - अहमदाबाद
11:02 ए एम से 01:30 पी एम - नोएडा -
September 13, 2026 5:49 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी पर क्या करें?
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
घर की सफाई करें, विशेष रूप से पूजा स्थल को शुद्ध और साफ रखें।
गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।
लाल या पीले कपड़े पर मूर्ति रखें।
गणपति बप्पा को 21 दूर्वा जरूर अर्पित करें।
मोदक या लड्डू का भोग जरूर लगाएं।
ॐ गं गणपतये नमः या जय गणेश देवा जैसे मंत्रों का जाप करें। -
September 13, 2026 4:56 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
Ganesh Chaturthi 2026 Live: क्या घर में गणपति की मूर्ति स्थापना की जा सकती है?
जी हां, घर पर बप्पा की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं। ध्यान रहे कि मूर्ति मिट्टी की हो और विसर्जन तक रोज पूजा की जाए।
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September 13, 2026 4:23 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
Ganesh Chaturthi 2026 Live: भगवान गणेश को कौन सा भोग सबसे प्रिय है?
बप्पा को मोदक सबसे प्रिय है। खासकर उकड़ीचे मोदक यानी गुड़-नारियल से भरे चावल के मोदक उन्हें बहुत पसंद हैं।
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September 13, 2026 3:01 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी पर बप्पा की मूर्ति किस दिशा में रखें
गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा की मूर्ति उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके रखें। यह शुभ और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला होता है।
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September 13, 2026 2:33 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश स्थापना की पूजा विधि
1. स्नान और पूजा की तैयारी: गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के स्वच्छ स्थान पर पूजा की तैयारी करें।
2. चौकी: पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। अब लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा बिछाएं।
3. स्वास्तिक: एक थाली लें और उसमें चंदन या कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। अब इसी स्वास्तिक के ऊपर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
4. रिद्धि-सिद्धि की स्थापना: गणेश जी की प्रतिमा के दोनों ओर रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक के रूप में सुपारी रखें।
5. कलश स्थापना: गणेश जी के दाईं ओर मिट्टी, तांबे या पीतल का कलश रखें। इसमें जल भरें और ऊपर आम के पत्ते लगाकर नारियल रखें।
6. गणपति का ध्यान: हाथ में अक्षत लेकर भगवान गणेश का ध्यान करें और फिर अक्षत उनके चरणों में अर्पित करें।
7. पूजा सामग्री और भोग: गणपति बप्पा को फूलों की माला, दूर्वा, हल्दी, मौली, चंदन और नारियल आदि अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
8. मंत्र का जाप करें: इसके बाद घी का दीपक और धूप जलाकर भगवान गणेश के मंत्र का जाप करें। पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करेंः
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September 13, 2026 1:51 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर इस मंत्र का जरूर करें जाप
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ:।
निर्विघ्नं कुरु मे देव: सर्वकार्येषु सर्वदा॥ -
September 13, 2026 1:04 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
गणेश चतुर्थी स्पेशल भोग
- मोदक
- बेसन के लड्डू
- तिल-गुड़ के लड्डू
- पंचामृत
- सात्विक भोजन जैसे खीर, हलवा और पूरी
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September 13, 2026 12:43 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणपति बप्पा को कितनी बार भोग लगाना चाहिए?
गणपति बप्पा को सुबह-शाम भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा आप जो भी बिना लहसुन-प्याज का खाना बना रहे हैं उसका भोग भी लगा सकते हैं। भगवान को एक लोटे में जल भी जरूर अर्पित करें।
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September 13, 2026 12:13 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी की कथा
गणेश चतुर्थी की पावन कथा अनुसार, प्राचीन समय की बात है। एक दिन देवी पार्वती ने स्नान करते समय अपने शरीर की मैल से एक बालक की मूर्ति बनाई और उसमें प्राण डाल दिए। पार्वती जी ने उसे आदेश दिया कि जब तक वह स्नान कर रही हैं, तब तक वो किसी को भी अंदर न आने दें। उसी समय अचानक से भगवान शिव वहां पहुंचे। लेकिन बालक ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। यह देख शिव जी को क्रोध आ गया और उन्होंने उस बालक को चेतावनी दी लेकिन इसके बाद भी बालक ने भगवान को अंदर नहीं जाने दिया। तब भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से उसका सिर काट दिया। जब माता पार्वती ने ये दृश्य देखा, तो उन्हें क्रोध आ गया जिसके बाद माता ने संपूर्ण ब्रह्मांड को नष्ट करने की धमकी दे दी।
माता पार्वती के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान शिव ने देवताओं से कहा कि जो भी जीव उत्तर दिशा की ओर सोया हो उसका सिर लेकर आओ। देवताओं को एक हाथी का बच्चा मिला तो वे उसका सिर लेकर आए और भगवान शिव ने उसे बालक के धड़ से जोड़ दिया जिससे बालक जीवित हो उठा। देवी पार्वती की प्रसन्नता के लिए भगवान शिव ने उस बालक का नाम गणेश रखा और उन्हें आशीर्वाद दिया कि अब से सबसे पहले पूजा गणेश जी की ही होगी। कहते हैं तभी से भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता का स्थान मिला। कहते हैं जिस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था उस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी थी इसलिए तभी से इस दिन गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाने लगा।
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September 13, 2026 11:21 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी।जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा।जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी,
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी।जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।भगवान गणेश की जय, पार्वती के लल्ला की जय, ओम गं गणपतये नमः
गणेशजी की आरती के बाद करें गणेश वंदना
वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि,
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ।गजाननं भूत गणादि सेवितं,
कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् ।उमासुतं शोक विनाशकारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम् । -
September 13, 2026 10:41 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना का महत्व
गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्म का पर्व माना जाता है। कहते हैं इस दिन घर में गणपति बप्पा का आगमन करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि के मार्ग खुलते हैं। गणपति स्थापना सिर्फ धार्मिक पर्व ही नहीं है बल्कि सांस्कृतिक उत्सव भी है जो समाज को जोड़ता है। इस पर्व के दौरान लोग मिलकर पूजा करते है, गीत-भजन गाते हैं और सामूहिक एकता का संदेश फैलाते हैं।
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September 13, 2026 10:08 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Visarjan 2026 Live: गणेश विसर्जन कब करें?
गणेश विसर्जन आप गणेश चतुर्थी पर, उसके डेढ़ दिन बाद, तीसरे, पांचवे और सातवें दिन भी कर सकते हैं। वहीं अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन का विशेष महत्व माना जाता है। पंडालों और मंदिरों में जो गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है उनका विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन ही किया जाता है।
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September 13, 2026 10:02 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी सामग्री लिस्ट
- भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्ति
- चौकी
- लाल या पीला कपड़ा
- आम या अशोक के पत्ते (कलश के मुख्य द्वार पर सजाने हेतु)
- गंगाजल और साफ जल
- कलश (तांबे, पीतल या मिट्टी का)
- नारियल (कलश के ऊपर रखने के लिए, जटा वाला)
- दुर्वा
- आम या अशोक के पत्ते (कलश के मुख्य द्वार पर सजाने के लिए)
- गंगाजल और साफ जल
- पंचमेवा (काजू, बादाम, किशमिश, मखाना, छुहारा इत्यादि)
- दीपक (पीतल या मिट्टी का)
- रुई की बत्ती
- धूपबत्ती और अगरबत्ती
- कपूर
- माचिस
- कलावा
- दूध
- दही
- घी
- शहद
- शक्कर
- जनेऊ (कम से कम 2 जोड़े)
- लाल या पीला वस्त्र गणपति बाप्पा के लिए
- सिंदूर
- अक्षत
- चंदन
- अबीर, गुलाल और हल्दी
- गणेश चतुर्थी भोग सामग्री
- मोदक
- बेसन या मोतीचूर के लड्डू
- ताजे फल
- हवन कुंड
- हवन सामग्री
- कपूर और आरती की थाली
- घंटी और शंख
- आम की लकड़ी