Gangaur Geet Lyrics In Hindi: गारा की गणगौर कुआ पर क्यों रे खड़ी है...इन गीतों के बिना अधूरा है गणगौर पर्व
Gangaur Geet Lyrics In Hindi: गणगौर पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं ईसर जी और गवरजा जी का पूजन करती हैं और इस पूजन के दौरान 'गोर गोर गोमती', गारा की गणगौर कुआ पर क्यों रे खड़ी है..समेत तमाम लोकगीत गाती हैं।

Gangaur Geet Lyrics In Hindi: गणगौर की पूजा के समय महिलाएं कई तरह के लोकगीत गाती हैं। जैसे- ओड़ो कोड़ो छ रावलो ये राई चन्दन को रोख..., चांद चढ़यो गिरनार, किरत्यां ढल रही जी ढल रही..., म्हारा हरया ए ज्वारा ऐ, गेन्हूला सरस बध्या...इत्यादि गीत। ये लोकगीत गणगौर पर्व में चार चांद लगा देते हैं और महिलाओं के मन में एक अलग ही उत्साह और उमंग भर देते हैं। 21 मार्च 2026 को गणगौर का आखिरी दिन है। इस दिन महिलाएं माता गवरजा की ईसर जी के साथ विदाई करती हैं और इस दौरान खूब गीत गाए जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं गणगौर के कुछ लोकप्रिय गीतों के बारे में।
गणगौर के गीत (Gangaur Geet Lyrics In Hindi)
Odo Kodo Geet (ओड़ो कोड़ो)- ओड़ो कोड़ो छ रावलो ये राई चन्दन को रोख
- ये कुण गौरा छै पातला ऐ कुणा माथ ऐ मोल
- ईसरदास जी गोरा छ पातला ऐ ब्रह्मा माथे मोल
- बाई थारो काई को रूसणो ये काई को सिंगार
- बाई म्हारे सोना को रूसणों ऐ मोतिया रो सिंगार
- अब जाऊँ म्हारे बाप के ऐ ल्याउली नौसर हार
- चौसर हार गढ़ाए ,पाटे पुवाए गोरक सुधों मूंदडो,
- गोरा ईसरदास जी ब्रह्मदास जी जोगो मूंदडो,
- वाकी रानिया होए बाई बेटिया होए आठ गढ़ाए
- पाटे पुवाए गोरक सुधो मूंदडो
- गोरा चाँद, सूरज, महादेव पार्वती जोगो मूंदडो
- गोरा मालन, माली, पोल्या – पोली जोगो मूंदडो मूंदड़ो,
(इस गीत को गाते समय आपको अपने घर वालों के नाम लेने है )
चांद चढ़यो गिरनार- चांद चढ़यो गिरनार, किरत्यां ढल रही जी ढल रही
- जा बाई रोवा घरा पधार माऊजी मारेला जी मारेला
- बापू जी देवला गाल, बडोड़ो बीरो बरजेलो जी बरजेलो,
- थे मत दयो म्हारी बाई न गाल,
- बाई म्हारी चिड़कोली जी चिड़कोली।
- आज उड़ पर बात सवार बाई उड़ ज्यासी जी उड़ ज्यासी,
- गोरायारं दिन चार जावईडो ले जासी जी ले जासी
(यहां घर की बहन बेटियों का नाम लेना है )
गणगौर का गीत - ज्वारा का- म्हारा हरया ए ज्वारा ऐ, गेन्हूला सरस बध्या
- गोरा ईसरदास जी रा बायां ऐ वाकी रानी सींच लिया
- गोरा ब्रह्मदास जी रा बायां ऐ वाकी रानी सींच लिया
- वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
- बाई रो सरस पोटलों ये, गेंहूडा सरस बध्या
- म्हारा हरिया ए ज्वारा ये गेन्हुला सरस बध्या
- गोरा चाँद सूरज बाया ये वाकी रानी सींच लिया
- वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
- बाई रो सरस पोटलो ये गेन्हुला सरस बध्या
- मालीदास जी, पोलीदास जी बाया ऐ वाकी रानी सींच लिया
- वे तो सींच न जाने ये आड़ा ऊबा सरस बध्या
(यहां आपको सभी घर वालों के नाम लेने हैं )
सूरज को अरक देने का गीत- अल खल नदी जाय यो पाणी कहा जाय
- आदो जाती अणया गलया आदो ईसर न्हासी
- ईसर थे घरा पदारो गौरा जायो बैटो
- अरदा लाओ परदा ल्याओ बन्दर बाल लगाओ
- सार कीए सूई भाभी पाट काए तागा
- सीम दरजी बेटा ईसर जी का बागा
- सीमा लार सीमा आला मोत्या की लड़-जड़ पोउला थे चालो म्हे आवला।
- म्हारी गोर तिसांई जी, राज घटियांरो मुकुट करो।
- म्हारी गँवरा पानीडो सो पाय घटियांरो मुकुट करो
- म्हारी गवर तिसांई ओ राज घाटयांरो मुकुट करो।
- ब्रह्मदास जी रा ईशरदास जी ओ राज घाटयांरो मुकुट करो।
- म्हारी गवरा पानीड़ो पिलाय घांटा रो मुकुट करो।
- म्हारी गवरा तिसाई ओ राज घांटा रो मुकुट करो।
(यहां आपको बह्मदास जी की जगह अपने पिता और ईशरदास जी की जगह अपने पुत्र का नाम लेना हैं )
- गोर ए गणगौर माता खोल किंवाडी,
- बाहर ऊबी थारी पूजन वाली,
- पूजो ए पुजावो संइयो कांई-कांई मांगा,
- मांगा ए म्हें अन-धन लाछर लिछमी जलहर जामी बाबुल मांगा,
- रातां देई मांयड, कान्ह कंवर सो बीरो मांगा, राई (रुक्मणी) सी भौजाई,
- ऊंट चढ्यो बहनोई मांगा, चूनडवाली बहना,
- पून पिछोकड फूफो मांगा, मांडा पोवण भूवा,
- लाल दुमाल चाचो मांगा, चुडला वाली चाची,
- बिणजारो सो मामो माँगा, बिणजारी सी मामी,
- इतरो तो देई माता गोरजा ए, इतरो सो परिवार,
- दे ई तो पीयर सासरौ ए,
- सात भायां री जोड
- परण्यां तो देई माता पातळा (पति)
- ए सारां में सिरदार
- शुक्र को तारो रे ईश्वर उंगी रह्यो |
- कि तेकी मख टिकी घड़ाव ||
- तेकी मख तबोल रंगाव
- सरग कि बिजलई रे ईश्वर चमकी रही
- तेकी मख मगजी लगाव
- नव लाख तारा ,रे ईश्वर चमकी रह्य
- तेकी मख अंगिया सिलाओ
- चाँद और सूरज रे ईश्वर चमकी रह्या |
- कि तेखी मख बदन घड़ाव
- कि तेकी मख येणी गुन्थाव
- बड़ी हट वालाई रे गोरल -गोरड़ी
- गणगौर की बिदाई
- पिताजी कि गोद बठी रनुबाई बिनय |
- कहो तो पिताजी हम रमवा हो जावा
- जावो बेटी रनुबाई रमवा जाओ
- लंबो बाजार देखि दौड़ी मत चलजो
- उच्चो व्ट्लो देखि जाई मत बठ्जो
- परायो पुरुष देखि हंसी मत बोलजो
- नीर देखि न चीर मत धोवजो
- पाठो देखि न बेटी ,आड़ी मत घसजो
- परायो बालो देखि न हाय मत करजो
- संपत देखि न बेटी चढ़ी मत चलजो
- विपद देखि न बेटी रडी मत बठ्जो
- जाओ बेटी राज करजो
- देवी गणगौर कि भावपूर्ण बिदाई |
- म्हारा दादाजी के जी मांडी गणगौर
- म्हारा काकाजी के मांडी गणगौर
- रसीया घडी दोय खेलवाने जावादो
- घडी दोय जावता पलक दोय आवता
- सहेलियां में बातां चितां लागी हो रसीया
- घडी दोय खेलवाने जावादो
- थारो नथ भलके थारो चुड़लो चमके
- थारा नेना रा निजारा प्यारा लागे हो मारुजी
- थारा बिना जिवडो भुल्यो डोले।
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