भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभ फल देने वाला देवता हैं। सनातन धर्म ग्रंथों में गणपति के कई स्वरूपों का वर्णन मिलता है। बप्पा के हर रूप का अपना-अलग महत्व और पूजा का लाभ बताया गया है। इन स्वरूपों की पूजा से बुद्धि, विवेक, शांति, समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की कामना की जाती है। वहीं, गणेश जी की कृपा पाने के लिए विशेष मंत्रों का जाप और कुछ उपाय किए जाते हैं। तो चलिए जानते हैं गणपति पूजा के क्या लाभ है।
गणपति जी के अलग-अलग रूपों का महत्व
मुद्गल पुराण में भगवान गणेश के 8 प्रमुख अवतारों का वर्णन मिलता है। प्रथम पूज्य के वक्रतुंड स्वरूप की पूजा से अहंकार का नाश होता है और जीवन में संतुलन आता है। एकदंत स्वरूप बुद्धि व एकाग्रता बढ़ाता है, लंबोदर स्वरूप क्रोध पर विजय और सहजता का प्रतीक माना जाता है। महोदर ज्ञान और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। जबकि बप्पा का विकट स्वरूप उत्साह और पराक्रम से जुड़ा है। विघ्नराज संकट और बाधाएं दूर करने वाला, धूम्रवर्ण मानसिक शांति व संयम और गजानन लोभ-मोह से मुक्ति तथा विवेक जगाने वाला स्वरूप माना जाता है।
32 रूपों में खास स्वरूप
गणेश जी के 32 दिव्य स्वरूपों में भी कई रूप विशेष माने जाते हैं। बाल गणेश निर्मल और सरल मन का प्रतीक हैं। नृत्य गणेश कला, संगीत और आनंद से जुड़े हैं। लक्ष्मी गणेश की पूजा सुख, समृद्धि, वैभव और धन-धान्य की कामना से की जाती है। शक्ति गणेश पराक्रम और आंतरिक ऊर्जा का प्रतीक हैं, जबकि हरिद्रा गणेश को शुभ कार्यों और सफलता के लिए पूजनीय माना जाता है।
गणेश जी के इन मंत्रों का करें जाप
- 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जाप मानसिक तनाव से राहत की कामना के लिए किया जाता है।
- 'ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात' बुद्धि और विवेक के विकास के लिए
- 'ॐ सिद्धि विनायकाय नमः' कार्यसिद्धि की कामना से जपा जाता है।
- कर्ज से मुक्ति की कामना के लिए 'ॐ ऋणमोचक गणपतये नमः' मंत्र जाप करें।
- संतान सुख के लिए 'ॐ लंबोदराय नमः' मंत्र जाप का विशेष महत्व बताया गया है।
- विवाह की रुकावट दूर करने के लिए 'ॐ क्लीं गं गणपतये नमः' का जाप किया जाता है।
- गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए किया जाता है।
बप्पा की पूजा से जुड़े उपाय
- बुधवार और चतुर्थी तिथि पर कुमकुम लगी दूर्वा चढ़ाने से आरोग्य और धन की कामना की जाती है।
- पूजा में बप्पा को मोदक, लड्डू, लाल-पीले फूल, नारियल और इत्र जरूर अर्पित करें।
- गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना शुभ होता है। शनि की शांति के लिए 21 दूर्वा अर्पित करने का उपाय बताया गया है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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