Garud Puran Niyam: जिंदगी एक खूबसूरत सफर है। हमारे जीवन के इस सफर में कई लोग आते हैं और चले जाते हैं। ऐसे में जब कोई अपना प्रिय या बहुत करीबी व्यक्ति इस दुनिया से चला जाता है, तो हमारे पास केवल उसके साथ बिताएं पलों की यादें ही रह जाती है। इसके अलावा मौत के बाद व्यक्ति की प्रिय चीजें भी पीछे रह जाती हैं। बहुत से लोग ऐसे होंगे जो अपने प्रिय व्यक्ति के मरने के बाद उनके कपड़े, गहने या अन्य चीजें बहुत संभालकर रखते होंगे या उपयोग में लाते होंगे। इससे जरूर यह महसूस तो किया जा सकता है कि मरने वाला व्यक्ति हमारे बेहद करीब है, लेकिन क्या आप जानते हैं मृतक की चीजों को इस्तेमाल करना सही है या गलत? गरुड़ पुराण में इसके लिए कुछ नियम बता गए हैं।
मौत के बाद शुरू होती है नई यात्रा
हिंदू ग्रंथ गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद के रिवाजों, नियमों के बारे में सबकुछ विस्तार से बताया गया है। इसके अनुसार, जब किसी व्यक्ति की आत्मा देह त्याग देती है तो वह फिर से एक नई यात्रा पर निकल जाती है। इस नए सफर में भी वह आत्मा अपने पुरानी जिंदगी से जुडे रिश्तों और वस्तुओं को लेकर मोह में ही रहती है। ऐसा कहा जाता है कि अगर हम अपने प्रिय की मौत की बाद उसकी चीजों का उपयोग करते हैं, तो आत्मा का मोह खत्म होने में और ज्यादा देरी होगी।
मृत व्यक्ति के कपड़ों पहनना कितना सही?
कपड़े सिर्फ बाहरी खूबसूरती का अवरण नहीं है, गरुण पुराण की माने तो अपने कपड़ों से लोगों का एक मजबूत भावनात्मक जुड़ाव होता है। मान्यताएं है कि कपड़ों में मृतक व्यक्ति की ऊर्जा उसके जाने के बाद भी बनी रहती है। ऐसे में कहा जाता है कि दूसरा व्यक्ति जब इन कपड़ों को पहनना शुरू करता है तो वह मानसिक असहजता या बेचैनी महसूस कर सकता है, जिसके बारे में उसे पता भी नहीं पाता। ऐसे में यही बेहतर माना जाता है कि इन कपड़ों को साफ करके जरूरतमंद लोगों को दान में दे दिया जाए।
मृतक के गहने
गरुड़ पुराण के अनुसार आभूषणों में भी उन्हें पहनने वाली व्यक्ति का स्पर्श और ऊर्जा जुड़ी रहती है, क्योंकि गहने लंबे समय तक शरीर के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में माना जाता है कि मृतक के उतारे गए गहने नहीं पहनना चाहिए। हालांकि, मृतक के जीवित रहते हुए अपने गहने आपको उपहार में दे दिए हों, तो उन्हें उपयोग में लाना गलत नहीं।
इन चीजों का भी न करें इस्तेमाल
गरुड़ पुराण के मुताबिक, मृतक की घड़ी का इस्तेमाल करना परेशानियों की वजह बन सकता है, क्योंकि घड़ी को व्यक्ति के समय और जीवन से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, जूते और चप्पलों का संबंध पृथ्वी तत्व से बताया गया है, इन्हें पहनना नकारात्मकता को बढ़ाने वाला माना गया है, क्योंकि इनमें व्यक्ति का सीधा संपर्क होता है। वहीं, मृत व्यक्ति के बर्तन और बिस्तर भी बदलने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनकी ऊर्जा घर के वातावरण को प्रभावित कर सकता हैं।
वहीं, इन चीजों का दान कर देने से मरने वाले की आत्मा को शांति मिलती है और अगले चरण की ओर बिना परेशानी से बढ़ पाती है। गरुड़ पुराण के अनुसार, इन बातों को मानने पर पितृ दोष लग सकता है और जीवन में मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक दिक्कतें बढ़ने का कारण बन सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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