क्या मैं घर में शिवलिंग रख सकता हूं या रख सकती हूं? ये एक ऐसा सवाल है जो हर शिव भक्त के मन में कभी न कभी जरूर आता है। खासतौर से सावन के दौरान तो इंटरनेट पर इस बारे में खूब सर्च किया जाता है। लेकिन घर में शिवलिंग रखने को लेकर लोगों के अलग-अलग मत देखने को मिलते हैं। कोई कहता है कि शिवलिंग घर में रखा जा सकता है, तो कोई ऐसा करने से मना करता है। लेकिन आज हम आपकी घर में शिवलिंग रखने से जुड़ी सारी कन्फ्यूजन दूर कर देंगे और बताएंगे इस बारे में क्या कहते हैं हमारे शास्त्र।
घर में शिवलिंग रखने को लेकर क्या कहते हैं शास्त्र?
धर्म शास्त्रों के अनुसार, घर में शिवलिंग रखा जा सकता है, बशर्ते उसका आकार हाथ के अंगूठे के बराबर या लगभग 2 से 3 इंच तक का हो। साथ ही उसकी नियमित रूप से पूजा-आराधना की जाए। शिव पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार घर में शिवलिंग रखना अति फलदायी माना जाता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शिवलिंग का आकार हाथ के अंगूठे से बड़ा न हो।
घर में कौन सा शिवलिंग रखना चाहिए?
गोरखपुर के प्रसिद्ध पंडित सुजीत जी महाराज के अनुसार घर में पारद या फिर नर्मदेश्वर शिवलिंग रखना बेहद शुभ होता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शिवलिंग जलधारी का मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। यानी शिवलिंग में जिधर से जल नीचे गिरता है उसकी दिशा हमेशा उत्तर ही होनी चाहिए। शिवलिंग के साथ ही मंदिर में शिव परिवार की प्रतिमा भी जरूर रखें।
नर्मदेश्वर शिवलिंग क्या है?
नर्मदेश्वर एकमात्र ऐसा शिवलिंग है जिसे घर में स्थापित करने के लिए किसी विशेष पूजा-अर्चना की आवश्यकता नहीं होती। इसे आप सीधे नदी से लाकर घर में स्थापित कर सकते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने मां नर्मदा को वरदान दिया था कि उनके तट का हर कंकर शिवलिंग माना जाएगा। इसी कारण ये इस नदी से निकलने वाले शिवलिंग 'स्वयंभू' होते हैं।
पारद शिवलिंग क्या होता है?
पारद शिवलिंग पारे से तैयार किया जाता है। यह एक दुर्लभ शिवलिंग है, जिसकी पूजा से धन-धान्य, आरोग्य, पद-प्रतिष्ठा आदि की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं इस शिवलिंग की उपासना से नवग्रहों से जुड़े दोषों से भी छुटकारा मिल जाता है।
शिवलिंग की पूजा के नियम
- जलाभिषेक के समय हमारा मुख उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।
- घर में अगर शिवलिंग रखा है तो उस पर रोजाना जल चढ़ाना चाहिए।
- संभव हो तो शिवलिंग पर बेल पत्र भी रोजाना अर्पित करें।
- शिवलिंग का अभिषेक करते समय मन ही मन ॐ नमः शिवाय मन्त्र का जाप भी करते रहना चाहिए।
- अंत में शिव जी की आरती जरूर करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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