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Godhuli Bela Diya Benefits: गोधूलि बेला में इस जगह दीपक लगाना सबसे शुभ, वास्तु दोष से मिलता है छुटकारा, जानिए क्या है नियम

Godhuli Bela Diya Benefits: गोधूलि बेला में दीपक जलाना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने का प्रभावशाली उपाय भी माना जाता है। जानिए सूर्यास्त के बाद कहा दीया जलाना सबसे शुभ माना गया है।

Godhuli Bela Diya Benefits- India TV Hindi
Image Source : PEXELS गोधूलि बेला में मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभ

Godhuli Bela Mein Diya jalane Ke Labh: मान्यताओं के अनुसार शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाना घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने का महत्वपूर्ण उपाय है। शाम का समय, जिसे 'प्रदोष काल' भी कहा जाता है, घर में शुभ और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए विशेष माना जाता है। इस समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाना मां लक्ष्मी को घर बुलाने और जीवन में समृद्धि लाने का प्रतीक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, दीया नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखता है। गोधूलि बेला में इसे करने का महत्व सबसे अधिक माना जाता है।

मां लक्ष्मी का निमंत्रण

पद्म पुराण में बताया गया है कि मुख्य द्वार पर दीपक जलाना देवी लक्ष्मी को घर बुलाने का प्रेम भरा संकेत है। यह उपाय घर में ऐश्वर्य और समृद्धि के प्रवेश का रास्ता खोलता है। दीपक का उजाला अज्ञानता के अंधकार को भी दूर करता है और जीवन में खुशहाली लाता है।

नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा

वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को घर का मुख माना गया है। जैसे हमारे चेहरे की चमक जरूरी है, वैसे ही द्वार पर रोशनी का होना महत्वपूर्ण है। शाम के समय जब दिन और रात मिलते हैं, नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करने की कोशिश करती है। दीया जलाने से यह ऊर्जा दूर रहती है और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

यम और पितरों का आशीर्वाद

कुछ मान्यताओं में इसे यमराज से जोड़ा गया है। शाम को दहलीज पर दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय कम होता है। साथ ही, पुराणों के अनुसार यह हमारे पितरों को राह दिखाता है और उनका आशीर्वाद सदैव परिवार पर बना रहता है।

वास्तु दोष से मुक्ति

मुख्य द्वार घर में ऊर्जा प्रवेश का मुख्य मार्ग होता है। दिन और रात के मिलने के समय नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं। दीया जलाने से इन शक्तियों को रोककर घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सुनिश्चित किया जा सकता है।

दीपक जलाने का सही तरीका

  • दीया हमेशा मुख्य द्वार के दाईं ओर (घर से बाहर निकलते समय) रखें।
  • सरसों का तेल या शुद्ध घी का दीया सबसे उत्तम माना जाता है।
  • सूर्यास्त के तुरंत बाद या गोधूलि बेला में दीपक जलाना सबसे फलदायी होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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