Hanuman Jayanti 2026 Aarti, Puja Vidhi Live: हनुमान जयंती पर क्या करते हैं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, जानें हर एक जानकारी यहां
Hanuman Jayanti 2026 Live: हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और शुभ मुहूर्त में बजरंगबली की विधि विधान पूजा करते हैं। वहीं कई भक्त इस दिन सुदरकांड का पाठ भी करते हैं। यहां आप जानेंगे हनुमान जयंती की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कथा, आरती समेत संपूर्ण जानकारी।

Hanuman Jayanti 2026 Hanuman Ji Ka Birthday (हनुमान जयंती 2026) Live: हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार है, जो प्रत्येक वर्ष चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पवन पुत्र हनुमान की उपासना करते हैं। अलग-अलग राज्यों में हनुमान जयंती अलग-अलग तारीखों में मनाई जाती है। जैसे तमिलनाडु में ये त्योहार मार्गशीर्ष अमावस्या पर मनाया जाता है तो वहीं कर्नाटक में मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को ये पर्व मनाते हैं। वहीं आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ये त्योहार पूरे 41 दिनों तक मनाया जाता है। लेकिन उत्तर भारत में हनुमान जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा के दिन ही सेलिब्रेट किया जाता है और इस बार ये त्योहार 2 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है। चलिए आपको बताते हैं हनुमान जयंती की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कथा, आरती, मंत्र समेत सभी जरूरी जानकारी।
हनुमान जयंती शुभ मुहूर्त 2026 (Hanuman Jayanti 2026 Shubh Muhurat)
- ब्रह्म मुहूर्त - 04:38 AM से 05:24 AM
- प्रातः सन्ध्या - 05:01 AM से 06:10 AM
- अभिजित मुहूर्त - 12:00 PM से 12:50 PM
- विजय मुहूर्त - 02:30 PM से 03:20 PM
- गोधूलि मुहूर्त - 06:38 PM से 07:01 PM
- सायाह्न सन्ध्या - 06:39 PM से 07:48 PM
- अमृत काल - 11:18 AM से 12:59 PM
हनुमान जयंती पूजा विधि (Hanuman Jayanti Puja Vidhi)
- हनुमान जयंती के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
- इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- फिर हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष दीपक जलाएं।
- भगवान को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करें।
- उन्हें गुड़-चना, लड्डू या केले का भोग लगाएं।
- इसके बाद हनुमान चालीसा, बजरंगबाण या सुंदरकांड का पाठ करें।
- अंत में हनुमान जी की आरती करके प्रसाद सभी में बांट दें।
हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti)
- आरती कीजै हनुमान लला की।
- दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
- आरती कीजै हनुमान लला की।।
- जाके बल से गिरिवर कांपे।
- रोग दोष जाके निकट न झांके॥
- अंजनि पुत्र महा बलदाई।
- संतन के प्रभु सदा सहाई॥
- आरती कीजै हनुमान लला की।।
- दे बीरा रघुनाथ पठाए।
- लंका जारि सिया सुधि लाए॥
- लंका सो कोट समुद्र-सी खाई।
- जात पवनसुत बार न लाई॥
- लंका जारि असुर संहारे।
- सियारामजी के काज सवारे॥
- आरती कीजै हनुमान लला की।।
- लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
- आनि संजीवन प्राण उबारे॥
- पैठि पाताल तोरि जम-कारे।
- अहिरावण की भुजा उखारे॥
- बाएं भुजा असुरदल मारे।
- दाहिने भुजा संतजन तारे॥
- आरती कीजै हनुमान लला की।।
- सुर नर मुनि आरती उतारें।
- जय जय जय हनुमान उचारें॥
- कंचन थार कपूर लौ छाई।
- आरती करत अंजना माई॥
- जो हनुमान जी की आरती गावे।
- बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥
- आरती कीजै हनुमान लला की।।
- आरती कीजै हनुमान लला की।
- दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
- आरती कीजै हनुमान लला की।।
(हनुमान जयंती की कथा, भोग, चालीसा, मंत्र, भजन, उपाय समेत अन्य जानकारी के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर)
Live updates : Hanuman Jayanti 2026 Live
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April 02, 2026 11:00 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti 2027 Date: हनुमान जयंती 2027 में कब है?
हनुमान जयंती 2027 में 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। बता दें ये त्योहार चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
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April 02, 2026 10:37 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Bajrangbali Bhajan: बजरंगी बलि ने ऐसा बजाया डंका
बजरंगी बलि ने ऐसा बजाया डंका,
जला डाली सारी सोने की लंका,
धु धु जलती लंका,
उछल कूदते हनुमान,
जय श्री राम जय हुनमान ॥हनुमत को लागी थी भूख भारी,
फल हेतु अशोकवाटिका उजारी,
अक्षय कुमार को जब मार गिराया,
रावण को आके असुरो ने बताया,
लकेश की सभा मे बुलाये गए हनुमान,
जय श्री राम जय हुनमान ॥रावण ने जब कोई नही दिया आसन,
पंच बधाई स्वयं बना लिया आसान,
ये देख रावण को विकट क्रोध आया,
असुरो ने पंच में आग लगाई,
फिर लंका दहन कर दिए हनुमान,
जय श्री राम जय हुनमान ॥ -
April 02, 2026 9:33 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
हनुमान चालीसा किसने लिखी?
हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा का पाठ बेहद शुभ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं हनुमान चालीसा किसने लिखी थी? तो आपको बता दें हनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखी थी, जिसके अंदर कुल 40 चौपाइयां हैं।
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April 02, 2026 8:27 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti Par Kya Karen: हनुमान जयंती पर क्या करें
हनुमान जयंती पर व्रत रखें। भगवान हनुमान की विधि विधान पूजा करें। उनकी चालीसा पढ़ें। मंत्रों का जाप करें। आरती उतारें।
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April 02, 2026 7:45 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti Kab Manaya Jata Hai: हनुमान जयंती कब मनाया जाती है?
हनुमान जयंती चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है और इस बार ये तिथि 2 अप्रैल को पड़ी है।
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April 02, 2026 7:33 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti Fast Rules: हनुमान जयंती व्रत के नियम
हनुमान जयंती व्रत में ब्रह्मचर्य, स्वच्छता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस दिन हनुमानजी को सिंदूर, चमेली का तेल, चोला और रोट का भोग लगाया जाता है। यह व्रत सूर्योदय से शुरू होकर शाम को सूर्यास्त के बाद फलाहार के साथ खोला जाता है।
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April 02, 2026 7:14 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Shri Bajrang Baan Paath: श्री बजरंग बाण पाठ
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान ।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमंत संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥
जन के काज बिलंब न कीजै । आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥
जैसे कूदि सिंधु महिपारा । सुरसा बदन पैठि बिस्तारा ॥
आगे जाय लंकिनी रोका । मारेहु लात गई सुरलोका ॥
जाय बिभीषन को सुख दीन्हा । सीता निरखि परमपद लीन्हा ॥
बाग उजारि सिंधु महँ बोरा । अति आतुर जमकातर तोरा ॥
अक्षय कुमार मारि संहारा । लूम लपेटि लंक को जारा ॥
लाह समान लंक जरि गई । जय जय धुनि सुरपुर नभ भई ॥
अब बिलंब केहि कारन स्वामी । कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥
जय जय लखन प्राण के दाता । आतुर ह्वै दुःख करहु निपाता ॥
जै गिरिधर जै जै सुख सागर । सुर-समूह-समरथ भटनागर ॥
ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले । बैरिहि मारु बज्र की कीले ॥
गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥
ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो । बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ।
ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीशा । ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥
सत्य होहु हरि शपथ पायके । राम दूत धरु मारु जाय के ॥
जय जय जय हनुमंत अगाधा । दुःख पावत जन केहि अपराधा ॥
पूजा जप तप नेम अचारा । नहिं जानत हौं दास तुम्हारा ॥
वन उपवन मग गिरि गृह माहीं । तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥
पांय परौं कर जोरि मनावौं । येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥
जय अंजनि कुमार बलवंता । शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥
बदन कराल काल कुल घालक । राम सहाय सदा प्रतिपालक ॥
भूत, प्रेत, पिशाच निशाचर । अग्नि बेताल काल मारी मर ॥
इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की । राखउ नाथ मरजाद नाम की ॥
जनकसुता हरि दास कहावो । ताकी शपथ बिलंब न लावो ॥
जै जै जै धुनि होत अकासा । सुमिरत होय दुसह दुःख नाशा ॥
चरण शरण कर जोरि मनावौं । यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥
उठु, उठु, चलु, तोहि राम दुहाई । पाँय परौं, कर जोरि मनाई ॥
ॐ चं चं चं चं चपल चलंता । ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥
ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल । ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥
अपने जन को तुरत उबारो । सुमिरत होय आनंद हमरो ॥
यह बजरंग बाण जेहि मारै । ताहि कहो फिरि कौन उबारै ॥
पाठ करै बजरंग बाण की । हनुमत रक्षा करै प्रान की ॥
यह बजरंग बाण जो जापै । ताते भूत-प्रेत सब कापैं ॥
धूप देय जो जपै हमेशा । ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥ -
April 02, 2026 6:48 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Aarti Kije Hanuman Lala Ki: हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की ।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥जाके बल से गिरवर काँपे ।
रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई ।
संतन के प्रभु सदा सहाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥दे वीरा रघुनाथ पठाए ।
लंका जारि सिया सुधि लाये ॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई ।
जात पवनसुत बार न लाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥लंका जारि असुर संहारे ।
सियाराम जी के काज सँवारे ॥
लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे ।
लाये संजिवन प्राण उबारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥पैठि पताल तोरि जमकारे ।
अहिरावण की भुजा उखारे ॥
बाईं भुजा असुर दल मारे ।
दाहिने भुजा संतजन तारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥सुर-नर-मुनि जन आरती उतरें ।
जय जय जय हनुमान उचारें ॥
कंचन थार कपूर लौ छाई ।
आरती करत अंजना माई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥जो हनुमानजी की आरती गावे ।
बसहिं बैकुंठ परम पद पावे ॥
लंक विध्वंस किये रघुराई ।
तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥आरती कीजै हनुमान लला की ।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥ -
April 02, 2026 6:30 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti Abhang: हनुमान जयंती अभंग
देवांगना हातीं आणविला शृंगी । यज्ञ तो प्रसंगी आंरभिला ॥१॥
विभांडका क्रोध आला असे भारी । अयोध्या भीतरीं वेगीं आला ॥२॥
राजा दशरथ सामोरा जाऊनी । अति प्रिती करुनी सभे नेला ॥३॥
पुत्र स्नुषा दोन्हीं देखतां नयनीं । आनंदला मनी म्हणॆ नामा ॥४॥आनंदोनी म्हणे राया धन्य केलें । इच्छिलें सोहळे पुरवीन ॥१॥
यज्ञाचा आरंभ करी लवलाह्मा । पुसोनी आचार्या वसिष्ठांसी ॥२॥
सर्व ऋषीजन मिळाले सकळ । मंत्रांचा कल्लोळ करिताती ॥३॥
नामा म्हणे शृंगी मुख्यत्वें शोभला । यज्ञ आरंभिला तेणें जेव्हां ॥४॥ -
April 01, 2026 11:27 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
हनुमान जी का संकट मोचन मंत्र
मंत्र- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
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April 01, 2026 11:10 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर सुबह और शाम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
- सुबह के समय पूजा का शुभ मुहूर्त- 06:10 से 07:44 मिनट तक
- शाम के समय पूजा का शुभ मुहूर्त- 6:39 से 8:06 मिनट तक
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April 01, 2026 10:51 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
हनुमान जयंती के दिन इन चीजों को घर लाना शुभ
- सिंदूरी हनुमान जी की प्रतिमा
- चांदी या पीतल की गदा
- पंचमुखी हनुमान की तस्वीर
- लाल ध्वज
- हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की पुस्तक
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April 01, 2026 10:20 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर करें हनुमान द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ
हनुमान द्वादश नाम स्तोत्र
हनुमानञ्जनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:,
रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिङ्गाक्षोऽमितविक्रम:।उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशन:,
लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा ।एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:,
स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत्।तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्,
राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन। -
April 01, 2026 9:55 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
हनुमान जयंती पर मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए करें ये उपाय
हनुमान जयंती के दिन आपको सवा मीटर लाल कपड़े में सिंदूर, गुड़, चने की दाल और दक्षिणा रखकर किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी को अर्पित करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से आपको सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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April 01, 2026 9:23 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती के दिन ये कार्य करना होता है शुभ
- हनुमान जयंती के दिन प्रभु राम की भक्ति करें।
- हनुमान जयंती के दिन शाम के समय बजरंगबली के मंदिर जाकर दर्शन करें। वहां प्रसाद चढ़ाएं और इसके साथ ही दीया भी जलाएं।
- हनुमान जी को चमेली का तेल, सिंदूर और लाल चोला चढ़ाएं।
- हनुमान जयंती के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें। इस दिन मन, वचन और कर्म से शुद्धता बनाए रखें।
- हनुमान जयंती के दिन गरीब, जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्र का दान करें।
- हनुमान जयंती के दिन बंदरों को केला खिलाएं। ऐसा करना पुण्यकारी माना जाता है।
- हनुमान जयंती के दिन सात्विक आहार का सेवन करें। इस दिन तामसिक चीजों से दूरी बनाकर रखें।
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April 01, 2026 8:51 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
हनुमान जयंती पर किस रंग के कपड़े पहनने चाहिए?
हनुमान जयंती के दिन लाल, केसरिया या नारंगी रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। खासकर हनुमान जी की पूजा के दौरान।
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April 01, 2026 8:06 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Hanuman Jayanti: विघ्न-बाधाओं से मुक्ति और करियर में लाभ पाने के लिए करें हनुमान जी के इस मंत्र का जप
हनुमान जी के नीचे दिए गए मंत्र का जप करने से आपके जीवन की सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और साथ ही करियर के क्षेत्र में भी आप उन्नति पाते हैं।
मंत्र- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वविघ्न विनाशनाय सर्वकार्य सिद्धिं कुरु कुरु स्वाहा
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April 01, 2026 7:30 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
हनुमान जी की आठ सिद्धियां कौन-कौन सी हैं?
हनुमान जी को अष्ट सिद्धि का ज्ञाता कहा जाता है। हनुमान जी की आठ सिद्धियों के नाम हैं- अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व।
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April 01, 2026 7:00 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Hanuman Jayanti 2026: ऋण मुक्ति के लिए करें हनुमान जी के इस मंत्र का जप
अगर आप कर्ज से मुक्ति चाहते हैं और आर्थिक रूप से संपन्न होना चाहते हैं तो हनुमान जयंती के दिन नीचे दिए गए हनुमान जी के ऋण मुक्ति मंत्र का जप आपको करना चाहिए।
मंत्र- ॐ नमो भगवते पंचवदनाय उत्तरमुखाय आदिवराहाय सकल संपत कराय स्वाहा।
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April 01, 2026 6:34 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
हनुमान जी को पूजा के दौरान अर्पित करें ये फूल
हनुमान जयंती के दिन पूजा के दौरान आपको हनुमान जी के प्रिय फूल लाल गुड़हल और लाल गुलाब अर्पित करने चाहिए। ऐसा करने से आपको हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।
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April 01, 2026 5:57 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
हनुमान जयंती पर राम जी के इन मंत्रों का जप करना शुभ
- ॐ रां रामाय नमः।
- ॐ नमो भगवते रामचंद्राय।
- श्री राम जय राम जय जय राम।
- दशरथाय विद्महे सीता वल्लभाय धीमहि तन्नो राम प्रचोदयात्।
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April 01, 2026 5:24 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
भय मुक्त होने के लिए करें हनुमान जी के इस मंत्र का जप
अगर आप भयग्रस्त हैं, बेवजह की चिंताएं आपको सताती हैं और मन स्थिर नहीं रहता तो आपको हनुमान जी के नीचे दिए गए मंत्र का जप करना चाहिए।
मंत्र- ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।
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April 01, 2026 4:59 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
हनुमान चालीसा का पाठ करते समय बरतें ये सावधानियां
बिना स्नान किए हनुमान चालीसा का पाठ न करें।
बिस्तर पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ न करें।
बहुत तेजी के साथ हनुमान चालीसा का पाठ न करें।
हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर बिना दीपक जलाए हनुमान चालीसा न पढ़ें।
हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले को मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। -
April 01, 2026 4:27 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Hanuman Janmotsav: हनुमान जी का संकट नाशक मंत्र
मंत्र- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वदुष्टप्रशमनाय स्वाहा।
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April 01, 2026 4:04 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Hanuman Jayanti: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करते समय करें इस मंत्र का जप
हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करते समय नीचे दिए गए मंत्र का जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप आप चोला और चमेली का तेल अर्पित करते समय भी कर सकते हैं।
मंत्र- सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये। भक्तयां दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम॥
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April 01, 2026 3:44 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर करें राम जी की इस आरती का पाठ
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
दोहा - जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
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April 01, 2026 2:49 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Puja Samagri: हनुमान पूजा सामग्री
चंदन, सिंदूर, अक्षत, अगरबत्ती, लाल वस्त्र, हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर, हनुमान चालीसा पुस्तक, चमेली का तेल, लाल फूलों की माला, पंचफल, पंचामृत, जनेऊ, तुलसी, पान का बीड़ा, ध्वज, लाल लंगोट, लौंग, पंजरी, बेसन या मोतीचूर के लड्डू, रोठ, धूप दीप, हनुमान आरती पुस्तक, गुड़, चना, इमरती या जलेबी, हलुआ आदि।
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April 01, 2026 2:18 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
हनुमान जयंती पूजा मुहूर्त 2026 (Hanuman Jayanti Puja Muhurat 2026)
इस साल हनुमान जयंती की पूजा के लिए दो सबसे शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6 बजकर 10 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। तो वहीं दूसरा मुहूर्त शाम को 6 बजकर 39 मिनट से रात 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
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April 01, 2026 2:00 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Why Is There 2 Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती दो बार क्यों मनाई जाती है?
हनुमान जयंती वर्ष में दो बार मुख्य रूप से चैत्र पूर्णिमा और कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाती है। पहली बार चैत्र पूर्णिमा को भगवान हनुमान का जन्म दिवस मनाया जाता है, जबकि दूसरी बार कार्तिक चतुर्दशी को माता सीता द्वारा उन्हें अजर-अमर होने का वरदान मिलने के कारण विजय अभिनंदन महोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
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April 01, 2026 1:31 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Ji Ke Bhajan: हनुमान जी के भजन
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April 01, 2026 1:10 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Ji Ke Mantra: हनुमान जी के मंत्र
- हनुमान मंत्र
- बजरंग बाण मंत्र
- ॐ ऐं भ्रीम हनुमते श्रीराम दूताय नमः
- ॐ हनुमते नमः
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April 01, 2026 12:25 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti 2026 Live: हनुमान जी की पूजा से क्या लाभ मिलते हैं
- जीवन से भय और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।
- सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
- शनि दोष और ग्रह बाधाएं कम होती हैं।
- साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है।
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April 01, 2026 11:46 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Chalisa Lyrics: हनुमान चालीसा लिरिक्स
- श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि।
- बरनउं रघुबर विमल जसु, जो दायकु फल चारि॥
- बुद्धिहीन तनु जानिकै, सुमिरौं पवन-कुमार।
- बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार॥
हनुमान चालीसा चौपाई
- जय हनुमान ज्ञान गुण सागर।
- जय कपीस तिहुं लोक उजागर॥
- राम दूत अतुलित बल धामा।
- अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥
- महावीर विक्रम बजरंगी।
- कुमति निवार सुमति के संगी॥
- कंचन बरन बिराज सुबेसा।
- कानन कुण्डल कुंचित केसा॥
- हाथ वज्र औ ध्वजा बिराजै।
- काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
- शंकर सुवन केसरीनन्दन।
- तेज प्रताप महा जग वन्दन॥
- विद्यावान गुणी अति चातुर।
- राम काज करिबे को आतुर॥
- प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
- राम लखन सीता मन बसिया॥
- सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
- विकट रुप धरि लंक जरावा॥
- भीम रूप धरि असुर संहारे।
- रामचन्द्र के काज संवारे॥
- लाय सजीवन लखन जियाये।
- श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥
- रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
- तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
- सहस बदन तुम्हरो यश गावैं।
- अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥
- सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
- नारद सारद सहित अहीसा॥
- जम कुबेर दिकपाल जहाँ ते।
- कवि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥
- तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
- राम मिलाय राज पद दीन्हा॥
- तुम्हरो मन्त्र विभीषन माना।
- लंकेश्वर भये सब जग जाना॥
- जुग सहस्त्र जोजन पर भानू।
- लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥
- प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
- जलधि लांघि गए अचरज नाहीं॥
- दुर्गम काज जगत के जेते।
- सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥
- राम दुआरे तुम रखवारे।
- होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥
- सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
- तुम रक्षक काहू को डरना॥
- आपन तेज सम्हारो आपै।
- तीनों लोक हांक ते कांपै॥
- भूत पिशाच निकट नहिं आवै।
- महावीर जब नाम सुनावै॥
- नासै रोग हरै सब पीरा।
- जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
- संकट ते हनुमान छुड़ावै।
- मन क्रम वचन ध्यान जो लावै॥
- सब पर राम तपस्वी राजा।
- तिनके काज सकल तुम साजा॥
- और मनोरथ जो कोई लावै।
- सोइ अमित जीवन फल पावै॥
- चारों जुग परताप तुम्हारा।
- है परसिद्ध जगत उजियारा॥
- साधु सन्त के तुम रखवारे।
- असुर निकन्दन राम दुलारे॥
- अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता।
- अस बर दीन जानकी माता॥
- राम रसायन तुम्हरे पासा।
- सदा रहो रघुपति के दासा॥
- तुम्हरे भजन राम को पावै।
- जनम जनम के दुख बिसरावै॥
- अंतकाल रघुबर पुर जाई।
- जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥
- और देवता चित्त न धरई।
- हनुमत सेई सर्व सुख करई॥
- संकट कटै मिटै सब पीरा।
- जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥
- जय जय जय हनुमान गोसाई।
- कृपा करहु गुरुदेव की नाई॥
- जो शत बार पाठ कर कोई।
- छूटहि बंदि महा सुख होई॥
- जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
- होय सिद्धि साखी गौरीसा॥
- तुलसीदास सदा हरि चेरा।
- कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥
हनुमान चालीसा दोहा
- पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
- राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
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April 01, 2026 11:11 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर कौन से पाठ करने चाहिए?
- हनुमान चालीसा
- सुंदरकांड
- बजरंग बाण
- हनुमान अष्टक
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April 01, 2026 10:35 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी को क्या-क्या पसंद है?
- हनुमान जी को भगवान राम सबसे प्रिय हैं। कहते हैं जहां भी राम नाम जपा जाता है, वहां हनुमान जी स्वयं ही खिंचे चले आते हैं।
- हनुमान जी को बूंदी और शुद्ध देसी घी में बने बेसन के लड्डू सबसे अधिक प्रिय हैं। ऐसे में हनुमान जयंती पर बजरंगबली को इन चीजों का भोग जरूर लगाएं।
- हनुमान जी को तुलसी अति प्रिय है, इसलिए उन्हें भोग स्वरूप तुलसी दल अवश्य अर्पित करें। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां सीता ने हनुमान जी की भूख शांत करने के लिए उन्हें तुलसी का पत्ता खिलाया था। कहते हैं इसी कारण हनुमान जी के भोग में तुलसी जरूर शामिल की जाती है।
- पान का बीड़ा भी हनुमान जी का प्रिय भोग है। यदि आपके जीवन में संकट हैं तो बजरंगबली को कत्था-गुलकंद वाला मीठा पान अर्पण करें। इससे आपकी परेशानियां दूर हो जाएंगी।
- आटे और गुड़ से बना मीठा रोट भी हनुमान जी का प्रिय भोग माना जाता है, इसलिए ज्यादातर लोग हनुमान जयंती के भोग में रोट जरूर शामिल करते हैं।
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April 01, 2026 10:20 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान अष्टक
बाल समय रवि भक्षी लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो। देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो । को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
॥ १ ॥ बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो । चौंकि महामुनि साप दियो तब, चाहिए कौन बिचार बिचारो । कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के सोक निवारो
॥ २ ॥ अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो । जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो । हेरी थके तट सिन्धु सबै तब, लाए सिया-सुधि प्राण उबारो
॥ ३ ॥ रावण त्रास दई सिय को सब, राक्षसी सों कही सोक निवारो । ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाए महा रजनीचर मारो । चाहत सीय असोक सों आगि सु, दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो
॥ ४ ॥ बान लग्यो उर लछिमन के तब, प्राण तजे सुत रावन मारो । लै गृह बैद्य सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो । आनि सजीवन हाथ दई तब, लछिमन के तुम प्रान उबारो
॥ ५ ॥ रावण युद्ध अजान कियो तब, नाग कि फाँस सबै सिर डारो । श्रीरघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो I आनि खगेस तबै हनुमान जु, बंधन काटि सुत्रास निवारो
॥ ६ ॥ बंधु समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो । देबिहिं पूजि भलि विधि सों बलि, देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो । जाय सहाय भयो तब ही, अहिरावन सैन्य समेत संहारो
॥ ७ ॥ काज किये बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि बिचारो । कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसे नहिं जात है टारो । बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होय हमारो ॥
॥ दोहा ॥
॥ लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर । वज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ॥ -
April 01, 2026 9:41 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti 2026 Timings: हनुमान जयंती का समय
हनुमान जयंती 1 अप्रैल 2026 की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी।
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April 01, 2026 8:54 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Jayanti Par Kya Karna Chahiye: हनुमान जयंती पर क्या करना चाहिए
- हनुमान जयंती पर व्रत रखना चाहिए।
- इस दिन शुभ मुहूर्त में हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए।
- इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ बेहद शुभ माना जाता है।
- हनुमान जी के मंदिर जाना चाहिए।
- हनुमान जी को सिंदूर और चोला चढ़ाना चाहिए।
- दान करना चाहिए।
- हनुमान जी की आरती करनी चाहिए।
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April 01, 2026 8:47 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hanuman Ji Ke Mantra: हनुमान जी के मंत्र
- ॐ हं हनुमते नमः
- ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।
- ॐ नमो भगवते हनुमते नम:।